24 अगस्त 2026
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योगी का राहुल गांधी पर प्रहार: 'मनुस्मृति बयान से भारत की विरासत का अपमान, संसद में जवाबदेही निभाएं'

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योगी का राहुल गांधी पर प्रहार: 'मनुस्मृति बयान से भारत की विरासत का अपमान, संसद में जवाबदेही निभाएं'

सारांश

रायबरेली में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान को भारत की विरासत पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की संविधान और लोकतंत्र के प्रति जवाबदेही है — जिसे राहुल गांधी अनदेखा कर रहे हैं।

मुख्य बातें

योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त को रायबरेली में राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर तीखा हमला बोला।
योगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी की लोकतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश और भारत से बाहर जाकर देश व प्रदेश को अपमानित करते हैं।
योगी ने 1975 के आपातकाल और अयोध्या में श्रीराम के अस्तित्व पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित भाव समर्पण समारोह था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त को रायबरेली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के हालिया बयान को निशाने पर लेते हुए योगी ने कहा कि संसद में विपक्ष के नेता पद पर बैठे व्यक्ति की लोकतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेही बनती है, जिसे वे अनदेखा कर रहे हैं।

मनुस्मृति बयान पर सीधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र में राहुल गांधी का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आएं। योगी ने इस पर सीधे राहुल को संबोधित करते हुए कहा, 'राहुल गांधी के रूप में देश आपसे बहुत अपेक्षा नहीं करता, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनाता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि राहुल गांधी को मनु के बारे में वास्तव में जानना है, तो उन्हें अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण का अध्ययन करना चाहिए।

विरासत और परंपरा पर आरोप

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, बावजूद इसके वे भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाते हैं तो प्रदेश को लांछित करते हैं और भारत से बाहर जाते हैं तो देश का अपमान करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब देश की सेना सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ती है, तो राहुल गांधी सैनिकों से प्रमाण मांगते हैं और आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में देशद्रोही तत्वों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं — यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है जिसका कांग्रेस की ओर से कोई तत्काल खंडन सामने नहीं आया।

आपातकाल और अयोध्या का संदर्भ

योगी ने कांग्रेस की लोकतंत्र के प्रति निष्ठा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उस काली छाया को देख चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी कांग्रेस की ओर से सवाल खड़े किए गए, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान पर सीधा आघात है।

राणा बेनी माधव की जयंती पर ऐतिहासिक संदर्भ

यह संबोधन रायबरेली में वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित भाव समर्पण कार्यक्रम में दिया गया। योगी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि बैरकपुर में मंगल पांडेय ने जो चिंगारी जलाई, उसे मेरठ में धनसिंह गुर्जर ने आगे बढ़ाया, नाना साहब और तात्या टोपे ने कानपुर के बिठूर से उसे नई ज्वाला दी, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने इस संघर्ष को नई ऊँचाई पर पहुँचाया और अवध में इस लड़ाई का नेतृत्व राणा बेनी माधव ने किया।

लोकतंत्र और भावी पीढ़ी की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र ने जनता को इतनी शक्ति दी है कि जो सरकार जनभावनाओं का अनादर करती है, जनता उसे सत्ता से अपदस्थ कर सकती है। उन्होंने आज की पीढ़ी से आह्वान किया कि वह स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और मूल्यों को विस्मृत न होने दे, क्योंकि जो समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों को भुला देता है, वह अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाजपा के चुनावी विमर्श का परिचित हथियार है। गौरतलब है कि यह भाषण रायबरेली में हुआ — राहुल गांधी का अपना संसदीय क्षेत्र — जो इस हमले को और अधिक राजनीतिक तीखापन देता है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि मनुस्मृति पर बहस केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि दलित और महिला अधिकारों से जुड़ी एक गहरी सामाजिक बहस है। इस बहस को सिर्फ 'विरासत के अपमान' तक सीमित करना, उसके असली सामाजिक आयाम को ढक देता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर क्यों हमला बोला?
योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के उस बयान पर हमला बोला जिसमें राहुल ने महाराष्ट्र में कहा था कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आएं। योगी ने इसे भारत की परंपरा और विरासत का अपमान करार दिया।
योगी ने राहुल गांधी से क्या अपेक्षा जताई?
योगी ने कहा कि भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के पद पर होने के नाते राहुल गांधी की लोकतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने के बावजूद राहुल गांधी भारत की परंपरा और विरासत को कोसते रहते हैं।
यह भाषण कहाँ और किस अवसर पर दिया गया?
यह भाषण 24 अगस्त को रायबरेली में वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित भाव समर्पण कार्यक्रम में दिया गया। रायबरेली राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र भी है।
योगी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख क्यों किया?
मुख्यमंत्री ने राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती के संदर्भ में 1857 के संग्राम की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने मंगल पांडेय, धनसिंह गुर्जर, नाना साहब, तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को उनके बलिदान को विस्मृत नहीं होने देना चाहिए।
योगी ने मनु और मनुस्मृति के बारे में क्या कहा?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि राहुल गांधी को मनु के बारे में जानना है तो उन्हें अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करने वाला समाज अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता।
राष्ट्र प्रेस
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