मोदी-योगी के रहते राहुल गांधी को कौन सुनेगा: भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का तंज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने 30 जून 2026 को गाजीपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। नई दिल्ली में लगे 'लापता' पोस्टरों को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, तब तक राहुल गांधी की बात को कोई गंभीरता से नहीं लेगा।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
कुशवाहा ने कहा, 'राहुल गांधी कभी दिखाई देते हैं, कभी बीच-बीच में कोई बयान देकर चले जाते हैं। मीडिया को उन्होंने इतना मैनेज कर रखा है कि केवल उनके बयान ही चलाए जाते हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में राजनीतिक रूप से प्रासंगिक होते, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की लोकप्रियता लगातार नहीं गिरती। उनके अनुसार, 'मोदी-योगी के रहते राहुल गांधी को कौन सुनेगा?'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कुशवाहा ने राहुल गांधी और विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जाँच पूरी होने के बाद सच सामने आ जाएगा। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, 'जो राम की पूजा करते हैं वे इतने कमज़ोर नहीं हैं कि चोरी करने वालों को छोड़ दें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।'
अयोध्या और सनातन संस्कृति का संदर्भ
कुशवाहा ने अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों की तपस्या के बाद यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर से पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है और महाकुंभ के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुँचे थे। उनका कहना था कि विपक्ष को सनातन संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से दिक्कत हो रही है।
पश्चिम बंगाल और टीएमसी पर तंज
पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने के सवाल पर कुशवाहा ने सीधी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। हालाँकि, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत से सरकार बनी है, जिससे TMC में भगदड़ मची हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि TMC के किसी भी नेता को BJP में शामिल नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर हमलावर है। गौरतलब है कि दिल्ली में राहुल गांधी के 'लापता' पोस्टर लगाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है, और BJP नेताओं ने इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बयानबाज़ी का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।