क्या कांग्रेस के मंच से की गई अमर्यादित टिप्पणी ने सीएम योगी, फडणवीस और चिराग को आक्रोशित कर दिया?

सारांश
Key Takeaways
- राजनीतिक मर्यादा का पालन होना चाहिए।
- भाषा का अभद्र होना उचित नहीं।
- बिहार की राजनीति में सुधार की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के दरभंगा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं में रोष पैदा कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस टिप्पणी पर तीव्र आपत्ति जताई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। इंडी गठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया यह कृत्य केवल प्रधानमंत्री का ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं का अपमान है। एक साधारण मां ने अपने संघर्षों और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा है, जिसने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और आज वह विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में जन-जन के मन में बसा हुआ है। बिहार की जनता निश्चित ही इस घृणित राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।"
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो चुका है और जब दिमाग चोरी हो जाता है, तो लोग इस प्रकार की बातें करते हैं। आप राष्ट्रीय नेता कहलाते हो और इतनी ओछी बातें करते हो, आपको राष्ट्रीय नेता कहलाने का क्या अधिकार है? मुझे लगता है जब किसी का दिमाग चोरी हो जाता है, तो उसे इग्नोर कर देना चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "जिस भाषा का इस्तेमाल ये लोग करते हैं, राजनीति में मतभेद होंगे ही और वह स्वाभाविक है। लेकिन इस तरीके से टिप्पणी करना, इसे कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता है। कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है, और इसके रहते हुए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना अत्यंत खेदजनक है।"
उन्होंने आगे कहा कि राजद जैसी पार्टी की वजह से ही 90 के दशक से बिहार बदनाम हुआ है, और आज तक हम अपने खोए हुए गौरव की लड़ाई लड़ रहे हैं। यही बोलचाल और कार्यशैली की वजह से राजद ने बिहार को बदनाम किया है।