क्या वनप्लस इंडिया अपने संचालन बंद करने जा रही है?
सारांश
Key Takeaways
- वनप्लस इंडिया ने अपने संचालन को बंद करने की खबरों को खारिज किया।
- CEO रॉबिन लियू ने स्थिति सामान्य बताई।
- भारत में स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।
- कंपनी की ओप्पो के साथ करीबी संबंध हैं।
- भारत अब दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन गया है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वनप्लस इंडिया ने बुधवार को उन सभी रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि कंपनी भारत में अपने संचालन को बंद करने जा रही है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके संचालन स्थिति सामान्य है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वनप्लस के सीईओ रॉबिन लियू ने एक पोस्ट में कहा, "मैं वनप्लस इंडिया और इसके संचालन के बारे में फैल रही कुछ गलत जानकारियों को स्पष्ट करना चाहता हूं। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।"
लियू ने आगे कहा, "हाल ही में आई वनप्लस के बंद होने की अपुष्ट खबरें झूठी हैं। वनप्लस इंडिया का कामकाज सामान्य रूप से जारी है। हम सभी पक्षकारों से आग्रह करते हैं कि वे निराधार दावों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।"
कंपनी की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है जब भारत में स्मार्टफोन निर्माताओं को कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है और बाजार में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक हो गई है।
वनप्लस की स्थापना 2013 में एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में हुई थी। कंपनी के ओप्पो के साथ काफी करीबी संबंध हैं, क्योंकि दोनों कंपनियां बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रुप का हिस्सा हैं और दोनों कंपनियों के निवेशक और आपूर्ति श्रृंखला भी करीब एक ही हैं।
वनप्लस भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में कारोबार करती है, जिसमें 2025 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और बाजार हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई। इसमें सैमसंग शीर्ष स्थान पर है, उसके बाद ओप्पो और वनप्लस का स्थान है।
इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (आईडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन बाजार 2025 की तीसरी तिमाही में पांच साल के उच्चतम स्तर पर था, जिसमें सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया।
भारत से स्मार्टफोन की विदेशी शिपमेंट 2021 से 2025 तक लगभग 79.03 बिलियन डॉलर रही, जिसमें 2025 की हिस्सेदारी सबसे अधिक थी। इस अवधि के दौरान कुल शिपमेंट में एप्पल के आईफोन का हिस्सा लगभग 75 प्रतिशत था, जिसका मूल्य 22 बिलियन डॉलर से अधिक था।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन गया है, जहां घरेलू स्तर पर बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक फोन 'मेड इन इंडिया' हैं, जिससे विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में इसका महत्व बढ़ रहा है।
स्मार्टफोन पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, हालांकि सरकार कथित तौर पर समर्थन बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।