क्या नम्रता शिरोडकर ने शादी के लिए अपने करियर की कुर्बानी दी?
सारांश
Key Takeaways
- नम्रता शिरोडकर ने बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
- उन्होंने फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीता था।
- उनका करियर कई हिट फ़िल्मों से भरा हुआ है।
- नम्रता ने अपने करियर को शादी के लिए कुर्बान किया।
- महेश बाबू के साथ उनकी शादी ने उन्हें नई पहचान दी।
मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कम उम्र में हिंदी सिनेमा में डेब्यू कर अपने करियर को चमकाने वाली कई अभिनेत्रियाँ रही हैं, जिन्होंने बड़े-बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा किया।
लेकिन, कुछ अभिनेत्रियों ने अपने करियर को छोड़कर शादी और व्यक्तिगत जीवन को प्राथमिकता दी। हम यहाँ नम्रता शिरोडकर की बात कर रहे हैं, जिनका 54वां जन्मदिन 22 जनवरी को है।
90 के दशक में अपनी खूबसूरती से फिल्म जगत में सफलता प्राप्त करने वाली नम्रता शिरोडकर आज पर्दे से दूर हैं। वह अपने पति, साउथ सुपरस्टार महेश बाबू और दो बच्चों के साथ एक खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि नम्रता एक बी-टाउन फैमिली बैकग्राउंड से आती हैं और उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। पारंपरिक महाराष्ट्रीयन परिवार में जन्मी नम्रता को एक्टिंग विरासत में मिली है। उनकी दादी प्रसिद्ध मराठी अभिनेत्री मीनाक्षी शिरोडकर थीं, जिन्होंने जीनत अमान और शर्मिला टैगोर से पहले स्क्रीन पर बिकिनी पहनकर सनसनी मचाई थी। अपनी दादी से मिले एक्टिंग के गुणों को आगे बढ़ाते हुए नम्रता ने अपनी बहन शिल्पा शिरोडकर के साथ बॉलीवुड में कदम रखा।
नम्रता ने बचपन में ही पर्दे से अपने लगाव को जान लिया था। उन्होंने 1977 में फिल्म 'शिरडी के साईं बाबा' में बाल कलाकार की भूमिका निभाई थी। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मॉडलिंग सीखी और 1993 में महज 21 साल की उम्र में फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीता। इसी वर्ष उन्होंने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भी भाग लिया और छठे नंबर पर रहीं। फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद अभिनेत्री के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुलने लगे, और पहली ही फिल्म में उन्हें सलमान खान और ट्विंकल खन्ना के साथ काम करने का मौका मिला।
1998 में फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा। भले ही फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन यह नम्रता को पहचान दिलाने के लिए काफी था। इसके बाद उन्हें 1999 में संजय दत्त के साथ फिल्म ‘वास्तव’ में लीड एक्ट्रेस के रूप में काम करने का मौका मिला। फिल्म ‘वास्तव’ ने दर्शकों का दिल जीता और उसकी कहानी और कमाई दोनों ही शानदार रहे।
अपने करियर की पहली ही हिट के बाद उन्हें 'पुकार', 'अस्तित्व', 'कच्चे धागे', 'तेरा मेरा साथ रहे', और 'एलओसी कारगिल' जैसी फिल्मों में देखा गया। अभिनेत्री के करियर की ज्यादातर फिल्में औसत रहीं, और वे कुछ ही हिट फिल्म देने में सफल रहीं। हिंदी सिनेमा में कई फिल्में करने के बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया, जहां फिल्म ‘वामसी’ में उन्हें महेश बाबू के साथ काम करने का अवसर मिला। सेट पर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, और पांच साल डेट करने के बाद उन्होंने शादी कर ली।
बहुत कम लोग जानते हैं कि अभिनेत्री की पहली फिल्म रिलीज होने से पहले ही बंद हो गई। नम्रता 1977 में बनी फिल्म ‘पूरब की लैला पश्चिम की छैला’ में दिखने वाली थीं, लेकिन फिल्म को रिलीज नहीं किया गया। बड़े बजट के साथ बनी फिल्म में सुनील शेट्टी और अक्षय कुमार लीड रोल में थे।