क्या गुल प्लाजा अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 60 हो गई?
सारांश
Key Takeaways
- गुल प्लाजा मॉल में आग लगने से 60 लोगों की जान गई।
- आग को बुझाने में प्रशासन को कठिनाई हुई।
- मॉल के अंदर 30 शव एक ही दुकान से मिले।
- लापता लोगों की संख्या 86 है।
- आग एक फुटबॉल मैदान से भी बड़े क्षेत्र में फैली।
कराची, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के कराची में स्थित गुल प्लाजा मॉल में हुए अग्निकांड में मरने वालों की संख्या अब 60 हो गई है। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी।
जियो न्यूज के अनुसार, 24 घंटे से अधिक समय तक धधकती आग ने 60 में से 30 शव एक ही दुकान से बरामद किए गए। पुलिस अधिकारी डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि शॉपिंग मॉल के मेज़ानाइन फ्लोर पर एक स्थान से 30 शव निकाले गए।
रजा के मुताबिक, इन लोगों ने संभवतः अपनी जान बचाने के लिए खुद को क्रॉकरी की दुकान में बंद कर लिया था।
अभी भी कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी नहीं मिली है। इस संदर्भ में दक्षिणी जिले के डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने कहा कि जब तक एक भी व्यक्ति लापता रहेगा, तब तक बिल्डिंग को ध्वस्त नहीं किया जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए, खोसो ने कहा कि आग लगने के बाद 86 लोग लापता हैं। उन्होंने कहा, "जब सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी हो जाएगी, तो पूरी इमारत को गिरा दिया जाएगा।"
अधिकारी ने बताया कि 39 लापता लोगों की लोकेशन शॉपिंग सेंटर में ट्रेस की गई, जबकि साइट से बरामद 17 शवों की पहचान अभी बाकी है। डीसी ने कहा कि 11 शवों की पहचान हो चुकी है।
डॉन मीडिया के अनुसार, यह आग पिछले एक दशक में लगी सबसे बड़ी आग है, जिसमें एक फुटबॉल मैदान से भी बड़े इलाके में फैली एक मल्टी-स्टोरी कॉम्प्लेक्स में 1,200 दुकानें हैं। यह प्लाजा, जिसका कुछ हिस्सा आग लगने से ढह गया था, एक ग्राउंड-प्लस-तीन-मंजिला इमारत थी जिसमें 8,000 वर्ग गज में 1,200 दुकानें थीं।
कराची के ऐतिहासिक केंद्र में लगी आग 24 घंटे से अधिक समय तक जलती रही। इसे बुझाने में प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
वहीं, सिंध बिल्डिंग कंट्रोल अथॉरिटी (एसबीसीए) के अनुसार, गुल प्लाजा के पास स्थित एक और शॉपिंग मॉल, रिम्पा प्लाजा के एक हिस्से पर भी घंटों तक जलती आग का असर पड़ा है।