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क्या पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना अन्यायपूर्ण है: सचिन पायलट?

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क्या पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना अन्यायपूर्ण है: सचिन पायलट?

सारांश

सचिन पायलट ने मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से अपील की कि सभी नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा की जाए। क्या यह चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है?

मुख्य बातें

मतदाता अधिकार की रक्षा करना आवश्यक है।
भारत निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक को मतदान से वंचित न किया जाए।
चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए।

जयपुर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना भारत निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है।

सचिन पायलट अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निगरानी के लिए तैनात कांग्रेस पार्टी के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पायलट ने कहा कि निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए।

उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार हमारी सबसे बड़ी लोकतांत्रिक धरोहर है, और इसे छीनने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पायलट ने देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही उन खबरों पर चिंता व्यक्त की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने या हटाने के लिए चुनाव अधिकारियों (बीएलओ) पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है और इसे संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निपटाया जाना चाहिए।

मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबूतों के साथ ये मुद्दे उठाए थे और बिहार चुनावों के दौरान हुए घटनाक्रमों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए सतर्क रहना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

टोंक में बीएलओ के काम की सराहना करते हुए पायलट ने चल रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान उनके साहस, संयम, दृढ़ संकल्प और सतर्कता की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक काम समाप्त नहीं होता। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि दस्तावेजों की कमी या प्रशासनिक चूक के कारण एक भी योग्य मतदाता का नाम सूची से न हटे।

पायलट ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संशोधन प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने और मतदाताओं को दस्तावेजी मुद्दों को हल करने में सहायता करने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों का भी उल्लंघन है। यह आवश्यक है कि निर्वाचन आयोग इस पर त्वरित और उचित कार्रवाई करे।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन पायलट ने क्या कहा?
सचिन पायलट ने कहा कि योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना अन्यायपूर्ण है और चुनाव आयोग को सभी नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
क्या निर्वाचन आयोग पर दबाव डाला जा रहा है?
पायलट ने चिंता जताई है कि राजनीतिक हितों के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा है।
मतदाता सूची में अनियमितताओं का क्या असर है?
अनियमितताओं से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होती है और यह नागरिकों के मतदान अधिकारों का उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
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