क्या आईसीसी ने बीसीबी को झटका दिया है, बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप मैच भारत में होंगे?

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क्या आईसीसी ने बीसीबी को झटका दिया है, बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप मैच भारत में होंगे?

सारांश

आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका देते हुए आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैचों को भारत में आयोजित करने की पुष्टि की है, जिससे बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं पर सवाल उठते हैं। इस खबर के पीछे की कहानी और संभावित परिणामों पर नज़र डालते हैं।

Key Takeaways

  • आईसीसी ने बांग्लादेश के मैच भारत में आयोजित करने का निर्णय लिया।
  • बांग्लादेश को वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं।
  • बीसीबी की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया गया।
  • अगर बांग्लादेश हटा, तो स्कॉटलैंड उनकी जगह ले सकती है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को एक बड़ा झटका दिया है। बुधवार को आईसीसी ने यह पुष्टि की कि आगामी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही आयोजित किए जाएंगे।

बांग्लादेश को 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में मुकाबले खेलने हैं। इसके बाद 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल से मैच होगा।

यदि बांग्लादेश इस महत्वपूर्ण इवेंट से बाहर होता है, तो संभावित रूप से स्कॉटलैंड उनकी जगह ले सकती है, जो वर्तमान में 14वें स्थान पर है। यह टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई न करने वाली सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है।

यह निर्णय आईसीसी बोर्ड की बैठक के बाद लिया गया। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीसीबी के अनुरोध पर आयोजित की गई थी, जिसमें सभी सदस्य शामिल थे।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के संदर्भ में, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को मुस्तफिज़ुर रहमान को आईपीएल 2026 टीम से हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद बीसीबी ने आईसीसी से अनुरोध किया कि उनके मैच भारत के बजाय श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिए जाएं।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि उनका निर्णय सुरक्षा आकलन पर आधारित था, जिसमें स्वतंत्र समीक्षाएं शामिल थीं। भारत में किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेश के खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया या प्रशंसकों को कोई खतरा नहीं पाया गया।

आईसीसी प्रवक्ता ने बताया, "पिछले कई हफ्तों से आईसीसी ने बीसीबी के साथ संवाद किया है, जिसका उद्देश्य बांग्लादेश की टूर्नामेंट में भागीदारी को सुगम बनाना है। इस दौरान, आईसीसी ने विस्तृत जानकारी साझा की, जिसमें स्वतंत्र सुरक्षा आकलन और मेजबान अधिकारियों से औपचारिक आश्वासन शामिल हैं। सभी ने यह निष्कर्ष निकाला कि भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा के लिए कोई विश्वसनीय खतरा नहीं है।"

बयान में आगे कहा गया, "इन प्रयासों के बावजूद, बीसीबी अपनी स्थिति पर अडिग रहा और टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी को अपने एक खिलाड़ी के घरेलू लीग में शामिल होने से जुड़ी एक अलग घटना से जोड़ता रहा। यह जुड़ाव टूर्नामेंट के सुरक्षा ढांचे को प्रभावित नहीं करता है।"

आईसीसी ने कहा है कि टूर्नामेंट के इतनी निकटता में परिवर्तन संभव नहीं हैं। विश्वसनीय सुरक्षा जोखिम के बिना बदलाव भविष्य के आईसीसी इवेंट्स की निष्पक्षता को कमजोर कर सकता है।

आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, "आईसीसी के वेन्यू और शेड्यूलिंग के निर्णय खतरे के आकलन और मेजबान की गारंटी पर निर्भर करते हैं, जो सभी 20 भाग लेने वाले देशों पर लागू होते हैं। किसी भी स्वतंत्र सुरक्षा रिपोर्ट के अभाव में जो बांग्लादेश टीम की सुरक्षा से समझौता करती हो, आईसीसी मुकाबलों के वेन्यू नहीं बदल सकते।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि आईसीसी का निर्णय सुरक्षा आकलन पर आधारित है। बांग्लादेश को भारत में खेलने का अवसर मिलना, उसके लिए एक महत्वपूर्ण मौका है। हमें इस निर्णय का समर्थन करना चाहिए ताकि क्रिकेट की भावना को बनाए रखा जा सके।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

आईसीसी ने बांग्लादेश के मैच भारत में क्यों आयोजित करने का निर्णय लिया?
आईसीसी ने सुरक्षा आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए भारत में कोई खतरा नहीं है।
क्या बांग्लादेश का मैच श्रीलंका में शिफ्ट किया जा सकता है?
आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि विश्वसनीय सुरक्षा जोखिम के बिना मैच का स्थानांतरण संभव नहीं है।
अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो कौन टीम उनकी जगह लेगी?
यदि बांग्लादेश हटता है, तो स्कॉटलैंड उनकी जगह ले सकती है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की प्रतिक्रिया क्या थी?
बीसीबी ने अपनी चिंताओं को लेकर आईसीसी से अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया।
भविष्य में क्या ऐसा कोई बदलाव संभव है?
आईसीसी के अनुसार, भविष्य में ऐसे बदलाव करना टूर्नामेंट की निष्पक्षता को कमजोर कर सकता है।
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