4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 'वीबी-जी राम जी' का विरोध करना विपक्ष की मजबूरी है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'वीबी-जी राम जी' का विरोध करना विपक्ष की मजबूरी है?

सारांश

हाल ही में, योगी आदित्यनाथ ने 'विकसित भारत–जी राम जी' कानून के विरोध पर विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोध भ्रष्टाचार के समर्थन में है, और विकास की राह में बाधा डाल रहा है। जानिए इस प्रेस वार्ता में योगी ने क्या कहा।

मुख्य बातें

विकसित भारत–जी राम जी कानून ग्रामीण विकास पर केंद्रित है।
विपक्ष का विरोध भ्रष्टाचार का समर्थन है।
हर छह महीने में सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा।
किसानों और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
कानून के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

लखनऊ, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विकसित भारत–जी राम जी कानून, 2025 पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक सुधार का स्वागत होना चाहिए था, उसी का विरोध कर विपक्ष अपने पुराने भ्रष्टाचार मॉडल का खुला समर्थन कर रहा है। यह विरोध विकास का नहीं, बल्कि पोल खुलने के डर का परिणाम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रेस वार्ता की आवश्यकता इसलिए पड़ी, क्योंकि जिन लोगों ने वर्षों तक देश के संसाधनों पर डकैती की, गरीबों को भूखा रखा और युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया, वे आज सुधारों और विकसित भारत की संकल्पना पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ऐसे लोग कानून का समर्थन करेंगे तो उनकी असलियत सामने आ जाएगी, इसीलिए वे विरोध कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस अधिनियम पर लगातार प्रश्न उठाते जा रहे हैं, जबकि यह ग्रामीण भारत, किसानों और श्रमिकों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। एनडीए सरकार का आभार जताने के बजाय विपक्ष भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली अपनी पुरानी परंपराओं का ही समर्थन कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब राज्य विकसित होंगे, और राज्य तभी विकसित होंगे जब गांव विकसित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना इस अधिनियम का मूल उद्देश्य है। इसी लक्ष्य के साथ यह कानून लाया गया है और वह इसका पूर्ण समर्थन करते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की विफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में अधूरी और अस्थायी परिसंपत्तियां, फर्जी हाजिरी, भुगतान में कटौती जैसी भ्रष्टाचार की शिकायतें हर जनपद और हर ग्राम पंचायत से सामने आती थीं। शिकायत निवारण की कमजोर व्यवस्था, कमजोर सोशल ऑडिट, प्रशासनिक अक्षमताएं और मजदूरी में लगातार देरी आम बात थी।

उन्होंने कहा कि खोदने और भरने वाली योजनाओं पर विराम लगने से स्वाभाविक है कि जिनके हित प्रभावित हुए हैं, वे चिल्ला रहे हैं। यही वे लोग हैं जो गड्ढा खोदते थे और फिर उसे पाटते थे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल में सोनभद्र में मनरेगा का बड़ा घोटाला हुआ, जिसकी सीबीआई जांच चल रही है।

उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत हर छह महीने में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली तथा कैग मानकों के अनुरूप ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकसित भारत–जी राम जी कानून ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलेगा। पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिक-किसान के अधिकार सुनिश्चित होंगे। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे विकास के नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के पक्षधर हैं।

--- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि विपक्ष का विरोध केवल राजनीतिक लाभ के लिए है। योगी आदित्यनाथ का यह बयान उनकी सरकार की पारदर्शिता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि किस प्रकार से राजनीतिक प्रतिरोध विकास में बाधा डालता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत–जी राम जी कानून का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कानून का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अपने पुराने भ्रष्टाचार मॉडल का समर्थन कर रहे हैं।
क्या यह कानून भ्रष्टाचार को रोकने में सहायक होगा?
जी हाँ, नए कानून के तहत अनिवार्य सोशल ऑडिट और शिकायत निवारण प्रणाली सुनिश्चित की गई है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले