26 जुलाई 2026
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सीएम योगी ने ममता पर कसा तंज, नारी शक्ति वंदन विधेयक का किया उल्लेख

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सीएम योगी ने ममता पर कसा तंज, नारी शक्ति वंदन विधेयक का किया उल्लेख

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में रैलियों के दौरान नारी शक्ति वंदन विधेयक पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने घुसपैठियों के समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी की सरकार को भी घेरा। जानें उनके बयान और बंगाल की राजनीतिक स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन विधेयक पर विपक्ष की आलोचना की।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को बंगाल में अशांति का जिम्मेदार ठहराया।
बांग्लादेशी घुसपैठियों के समर्थन का आरोप लगाया।
किसानों को उचित मूल्य न मिलने की समस्या उठाई।
बंगाल में रोजगार की कमी का उल्लेख किया।

कूच बिहार/जलपाईगुड़ी, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। मथाभंगा और धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं में उन्होंने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों की विरोधाभासी नीतियों की आलोचना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के समर्थकों ने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताते हुए कहा कि माताएं और बहनें इसे सहन नहीं करेंगी।

पश्चिम बंगाल में वर्तमान में हो रही अशांति के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को सत्ता छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि भाजपा सत्ता में आ रही है, और बंगाल की जनता को डरने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए ३३ प्रतिशत आरक्षण का विधेयक संसद में पेश किया था, जिसे २०२९ तक लागू किया जाना था, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों ने इसे पारित नहीं होने दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां आधी आबादी को अधिकार नहीं देना चाहतीं और बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सत्ताधारी सरकार गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित करने के लिए मतदाता सूचियों में घुसपैठियों को शामिल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी माता, भूमि और जनता की बात करती थी, लेकिन अब संसद में इसका व्यवहार स्पष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में घुसपैठिए स्थानीय नागरिकों के अधिकार छीन रहे हैं और लोग अराजकता के कारण भयभीत हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसान उचित मूल्य नहीं प्राप्त कर रहे हैं और पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू की कीमत १५ से २० रुपए है, जबकि बंगाल में यह १ से १.५ रुपए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के १५ वर्षों के शासनकाल में ७,००० से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश ने ३ करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान किया है और बंगाल में लगभग ३० लाख युवा बेरोजगार हैं।

उन्होंने धान और मछली उत्पादन में गिरावट का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय निधि लाभार्थियों तक नहीं पहुँच रही है।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हिंदुओं और 'जय श्री राम' के नारों का विरोध करती हैं और नागरिकता संशोधन अधिनियम का भी विरोध किया, जो बांग्लादेश जैसे देशों से आए हिंदुओं, जैनों और सिखों को नागरिकता अधिकार प्रदान करता है।

उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में १०५६ परिवारों को भूमि अधिकार और नागरिकता दी गई है। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि उनकी सरकार वैश्विक स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वह सिर्फ मुसलमानों के बारे में सोचती है। बंगाल में लोग सरकारी कार्रवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं के हमलों के डर से 'जय श्री राम' का नारा नहीं लगा सकते।

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के समय अशांति फैलती है और अनुमतियां नहीं दी जातीं। उन्होंने बताया कि २०१७ से पहले उत्तर प्रदेश में भी यही स्थिति थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार के तहत न तो कर्फ्यू है और न ही दंगे, और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती और अजान की आवाज केवल मस्जिदों तक सीमित है। उन्होंने इसे बंगाल के लिए बदलाव का अवसर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि २०१७ से पहले धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध थे, लेकिन अब कावड़ यात्रा और दुर्गा पूजा दोनों शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और कानून व्यवस्था को लेकर पहले उठाई गई चिंताएं निराधार साबित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने बंगाल की प्रख्यात हस्तियों जैसे रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बंगाल ने भारत की संस्कृति, विरासत और बलिदान के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से बंगाल में डबल इंजन वाली सरकार बनाने और मथाभंगा से भाजपा उम्मीदवार निशित प्रमाणिक, शीतलकुची से सावित्री बर्मन और धूपगुड़ी से नरेश चंद्र रॉय का समर्थन करने की अपील की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन विधेयक क्या है?
यह विधेयक महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है।
सीएम योगी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार को घुसपैठियों का समर्थन करने और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
बंगाल में राजनीतिक स्थिति कैसी है?
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में राजनीतिक तनाव और घुसपैठियों का मुद्दा उठ रहा है, जिससे जनता में असंतोष है।
राष्ट्र प्रेस
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