14 जुलाई 2026
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योगी आदित्यनाथ बोले: राष्ट्र को सर्वोपरि न मानने वाले ही आस्था पर करते हैं प्रहार, SIT कर रही निष्पक्ष जांच

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योगी आदित्यनाथ बोले: राष्ट्र को सर्वोपरि न मानने वाले ही आस्था पर करते हैं प्रहार, SIT कर रही निष्पक्ष जांच

सारांश

योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में दो मोर्चों पर एक साथ बात की — राम जन्मभूमि मामले में SIT जांच का बचाव और 9 वर्षों में यूपी की कायापलट का लेखा-जोखा। GSDP तीन गुना, बेरोजगारी 19% से 3% से नीचे — आंकड़े बड़े हैं, लेकिन राजनीतिक संदर्भ उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

योगी आदित्यनाथ ने 14 जुलाई 2026 को लखनऊ में कहा कि राष्ट्र को सर्वोपरि न मानने वाले ही आस्था और हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच जारी है; नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हो चुके हैं।
यूपी की जीएसडीपी ₹12 लाख करोड़ से बढ़कर ₹36 लाख करोड़ , बजट ₹3 लाख करोड़ से ₹9 लाख करोड़ हुआ।
बेरोजगारी दर 19% से घटकर 3% से कम; महिला कार्यबल भागीदारी 12% से 38% से अधिक।
ओडीओपी के तहत 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय, सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार; ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात।
9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी; यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10,000 से बढ़कर 45,000 ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जुलाई 2026 को लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों के लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता और आस्था पर निरंतर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी द्वारा की जा रही निष्पक्ष जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हो चुके हैं।

आस्था पर प्रहार और राष्ट्रविरोधी ताकतें

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में कुछ ताकतें हिंदू धामों पर प्रहार करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का प्रयास करते थे। सीएम ने जनता से ऐसी राष्ट्रविरोधी ताकतों के प्रति सजग रहने की अपील की।

2017 से पहले का उत्तर प्रदेश: दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा

योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश करते हुए कहा कि तब हर तीसरे दिन दंगा होता था और महीनों तक कर्फ्यू रहता था। 35 से अधिक जनपदों में बेटियों को यूपी से बाहर पढ़ने भेजना पड़ता था। व्यापारी घर लौटने की गारंटी के बिना निकलते थे और किसान अपने खेत जाने से डरता था। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश में कहीं भी विस्फोट होने पर यूपी का नाम जुड़ता था, और पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था।

उत्तर प्रदेश की आर्थिक कायापलट: प्रमुख आंकड़े

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में यूपी 'बीमारू' राज्य से देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 में राज्य की कुल जीएसडीपी ₹12 लाख करोड़ थी, जो अब ₹36 लाख करोड़ तक पहुँच गई है। प्रति व्यक्ति आय ₹43,000 से बढ़कर ₹1.20 लाख से अधिक हो गई है। राज्य का बजट ₹3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹9 लाख करोड़ हो चुका है। बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है और महिला कार्यबल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

रोजगार, निवेश और ओडीओपी की सफलता

सीएम ने बताया कि यूपी को अब तक ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं। 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत 75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिला है। वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। यूपी अब ₹2 लाख करोड़ से अधिक के ओडीओपी उत्पाद निर्यात कर रहा है। 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई, जिनमें अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 25 हजार से अधिक भर्तियां शामिल हैं। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है।

बुनियादी ढांचा, कृषि और आगे की राह

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे में यूपी की हिस्सेदारी अब 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भी शुरू हो चुका है। कृषि क्षेत्र में ₹3.23 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खातों में किया गया है और 122 चीनी मिलों का संचालन हो रहा है। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को नई सिंचाई सुविधा दी गई है। दशकों से लंबित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को भी पूरा किया गया। सीएम ने कहा कि जब अन्नदाता किसान समृद्ध होगा, तभी प्रदेश समृद्ध होगा — और नया उत्तर प्रदेश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें स्वतंत्र आर्थिक सत्यापन की कसौटी पर परखा जाना बाकी है। यह ऐसे समय में आया है जब SIT जांच को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है — ऐसे में विकास के आंकड़ों को ढाल की तरह इस्तेमाल करने की रणनीति स्पष्ट दिखती है। असली परीक्षा यह है कि ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से जमीन पर उतरे ₹15 लाख करोड़ से वास्तव में कितने टिकाऊ रोजगार बने हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मामले में क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हो चुके हैं।
योगी सरकार के 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कितनी बदली?
2016-17 में यूपी की जीएसडीपी ₹12 लाख करोड़ थी, जो अब ₹36 लाख करोड़ हो गई है। प्रति व्यक्ति आय ₹43,000 से बढ़कर ₹1.20 लाख से अधिक हो गई है और राज्य का बजट ₹3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹9 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर में कितना सुधार हुआ है?
योगी सरकार के अनुसार, यूपी में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है। इसके अलावा 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और ओडीओपी के तहत सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है।
ओडीओपी योजना क्या है और इसके क्या परिणाम रहे?
'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत यूपी के 75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग दिया गया है। वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय हैं और यूपी ₹2 लाख करोड़ से अधिक के ओडीओपी उत्पाद निर्यात कर रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने किन लोगों को आस्था पर प्रहार करने वाला बताया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राष्ट्र को सर्वोपरि नहीं मानते, वे देश की अस्मिता और आस्था पर प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही ताकतें हैं जो पहले गरीबों के हक पर डकैती डालती थीं और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का प्रयास करती थीं।
राष्ट्र प्रेस
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