24 अगस्त 2026
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पीयूष गोयल का टोक्यो में आह्वान: भारत में '1,580 सुजुकी' बनाएं जापानी कंपनियाँ

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पीयूष गोयल का टोक्यो में आह्वान: भारत में '1,580 सुजुकी' बनाएं जापानी कंपनियाँ

सारांश

टोक्यो में पीयूष गोयल का संदेश साफ था — सुजुकी एक अपवाद नहीं, एक खाका है। भारत में काम कर रही 1,580 जापानी कंपनियों से उन्होंने उसी राह पर चलने का आग्रह किया, और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने में जापान को अहम साझेदार बताया।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 24 अगस्त को टोक्यो में JCCI-JIBCC गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया।
भारत में काम कर रही 1,580 जापानी कंपनियों से सुजुकी जैसी सफलता दोहराने का आह्वान किया।
इस दशक में जापानी कंपनियों की संख्या मौजूदा स्तर से दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया।
भारत का लक्ष्य: 2047 तक 4 ट्रिलियन से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना।
गोयल 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ 24–27 अगस्त तक जापान दौरे पर हैं।
भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ को आर्थिक साझेदारी मज़बूत करने के अवसर के रूप में रेखांकित किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 24 अगस्त 2026 को टोक्यो में जापानी कंपनियों से भारत में अपना कारोबार विस्तार करने का आग्रह किया और कहा कि वे सुजुकी की तर्ज़ पर सफलता की नई इबारत लिखें। जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (JCCI) की जापान-भारत बिज़नेस कंसल्टेटिव कमिटी (JIBCC) और भारतीय दूतावास के साथ आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में गोयल ने कहा, "हम चाहते हैं कि भारत में काम कर रही 1,580 जापानी कंपनियों में से हर एक 'सुजुकी' बने।"

सुजुकी की सफलता — एक प्रेरणा

गोयल ने भारत में सुजुकी के चार दशकों के सफर को एक मिसाल के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, "आज हम भारत से कुछ सबसे बड़े और सबसे ज़्यादा मुनाफा कमाने वाले ऑपरेशन होते हुए देख रहे हैं।" केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यही मॉडल अन्य जापानी कंपनियों के लिए भी अनुकरणीय हो सकता है।

गोयल ने कहा, "हम उन 1,580 कंपनियों के लिए ऐसा ही सफर देखना चाहते हैं जिनका आप प्रतिनिधित्व करते हैं।" यह संदेश उस समय आया है जब भारत और जापान के बीच निवेश संबंधों को नई ऊँचाई देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।

भारत की युवा शक्ति और बाज़ार की संभावनाएँ

केंद्रीय मंत्री ने जापानी कारोबारियों को भारत की जनसांख्यिकीय ताकत से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि भारत की कामकाजी उम्र की आबादी की औसत आयु 30 वर्ष से कम है और यह कई दशकों तक युवा बनी रहेगी। गोयल के अनुसार, इससे जापानी कंपनियों को बड़ी संख्या में कुशल कार्यबल और एक विशाल उपभोक्ता बाज़ार तक पहुँच मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस दशक में भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या मौजूदा स्तर से दोगुनी होनी चाहिए — यह एक महत्वाकांक्षी, लेकिन स्पष्ट लक्ष्य है।

विकसित भारत 2047 — ₹30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

गोयल ने भारत के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्य को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने पर, यानी 2047 तक, मौजूदा 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का संकल्प रखता है। उन्होंने कहा, "यह एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन 1.4 अरब भारतीय इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

गौरतलब है कि यह लक्ष्य सात गुना से अधिक आर्थिक विस्तार की माँग करता है — एक ऐसी छलाँग जो जापानी निवेश जैसे दीर्घकालिक साझेदारों के बिना संभव नहीं होगी।

75 वर्षों की कूटनीतिक साझेदारी — नई दिशा

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत और जापान को अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ का उपयोग व्यापारिक सहयोग को और सुदृढ़ करने में करना चाहिए। यह यात्रा इस संदर्भ में विशेष महत्व रखती है क्योंकि गोयल 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले एक बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो 24 अगस्त से 27 अगस्त तक जापान की चार दिवसीय यात्रा पर है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की होड़ में भारत एक प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है, और जापानी कंपनियाँ चीन-केंद्रित निर्भरता कम करने की रणनीति पर विचार कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि वह सफलता चार दशकों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता, अनुकूल नीति माहौल और एक विशेष बाज़ार संयोग का नतीजा थी — जिसे रातोरात दोहराया नहीं जा सकता। 1,580 कंपनियों से एक साथ यही अपेक्षा रखना एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, पर इसके लिए ज़मीनी स्तर पर नियामकीय सुगमता, भूमि अधिग्रहण और श्रम कानूनों में ठोस सुधार की दरकार होगी। 4 ट्रिलियन से 30 ट्रिलियन डॉलर की छलाँग के लिए विदेशी निवेश अनिवार्य है, लेकिन बिना घरेलू ढाँचागत सुधारों के यह आह्वान महज़ एक कूटनीतिक भाषण बनकर रह सकता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने '1,580 सुजुकी' से क्या आशय लिया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में काम कर रही 1,580 जापानी कंपनियों से आग्रह किया कि वे सुजुकी की तरह भारत में दीर्घकालिक और लाभदायक परिचालन स्थापित करें। सुजुकी ने चार दशकों में भारत से अपने सबसे बड़े और सबसे मुनाफ़े वाले ऑपरेशन खड़े किए हैं, जिसे गोयल ने अन्य जापानी कंपनियों के लिए एक आदर्श मॉडल बताया।
गोयल की जापान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त तक जापान की चार दिवसीय यात्रा पर हैं और 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊँचाई देना है।
भारत का 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य क्या है?
भारत अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने पर, यानी 2047 तक, मौजूदा 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। गोयल ने इस लक्ष्य को जापानी कंपनियों के सामने रखते हुए कहा कि 1.4 अरब भारतीय इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जापानी कंपनियों के लिए भारत में क्या अवसर हैं?
गोयल के अनुसार, भारत की कामकाजी उम्र की आबादी की औसत आयु 30 वर्ष से कम है, जो कई दशकों तक युवा बनी रहेगी। इससे जापानी कंपनियों को कुशल कार्यबल और एक विशाल उपभोक्ता बाज़ार — दोनों तक पहुँच मिलती है, जो दीर्घकालिक निवेश के लिहाज़ से अनुकूल है।
भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ का क्या महत्व है?
भारत और जापान इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं। गोयल ने इस मील के पत्थर को व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने और आने वाले दशक के लिए आर्थिक साझेदारी को मज़बूत आधार देने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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