27 जून 2026
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पीयूष गोयल: वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, उद्योगों को घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता दें

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पीयूष गोयल: वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, उद्योगों को घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता दें

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सीआईआई समिट 2026 में भारतीय उद्योगों को घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता देने और विदेशी निर्भरता घटाने की अपील की। उन्होंने जापान-कोरिया मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 12 मई 2026 को सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया।
उन्होंने भारतीय कंपनियों से घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता देने और विदेशी स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता घटाने की अपील की।
जापान और दक्षिण कोरिया के औद्योगिक समन्वय मॉडल को भारत के लिए अनुकरणीय बताया।
गोयल ने घरेलू औद्योगिक सहयोग को 'सुझाव' नहीं बल्कि 'अनिवार्यता' करार दिया।
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भरता और आर्थिक अनुशासन से जुड़ी अपील का भी उल्लेख किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026' को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद सुदृढ़ है और वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति भरोसा निरंतर बढ़ रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

गोयल ने समिट में कहा कि भारत हर वैश्विक संकट से पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए सरकार, उद्योग और आम नागरिकों के बीच ठोस सहयोग अनिवार्य है। मंत्री ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन औद्योगिक आयात पर निर्भरता अभी भी बनी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार केवल नैतिक अपील से आगे बढ़कर नीतिगत प्रोत्साहन और सत्यापन-योग्य लक्ष्य देगी। जापान-कोरिया मॉडल का उदाहरण प्रेरक है, लेकिन वे मॉडल दशकों की संरक्षणवादी नीति और सरकारी-उद्योग समन्वय के परिणाम हैं — जिसे भारत में अभी भी संस्थागत रूप देना बाकी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने सीआईआई समिट 2026 में क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता देने और विदेशी निर्भरता घटाने की अपील की।
गोयल ने जापान और कोरिया का उदाहरण क्यों दिया?
गोयल ने जापान और दक्षिण कोरिया के औद्योगिक समन्वय मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय उद्योगों को भी आपस में मजबूत साझेदारी और सहयोग विकसित करना चाहिए। उनका कहना था कि इन देशों में उद्योग एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, जो भारत में अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं है।
'इंडिया स्पिरिट' से गोयल का क्या आशय था?
गोयल ने 'इंडिया स्पिरिट' का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में बढ़ते वैश्विक दबावों के बावजूद हर चुनौती का सामना करने और खुद को मजबूत बनाने की अंतर्निहित क्षमता है। यह उनके व्यापक संदेश का हिस्सा था कि आर्थिक मजबूती केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उद्योग और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
भारतीय उद्योगों के लिए घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता देना क्यों जरूरी है?
गोयल के अनुसार मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक माहौल में विदेशी स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता जोखिमपूर्ण है। घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने से न केवल आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि भारतीय उद्योगों का सामूहिक हित भी सुनिश्चित होगा।
यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान ऐसे समय में आया जब दुनिया भर के देश बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सप्लाई चेन की मजबूती और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत भी इस वैश्विक पुनर्संतुलन में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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