भारत ने 9 एफटीए किए, व्यवसायों को वैश्विक व्यापार में मिली नई ऊंचाई: पीयूष गोयल
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने 38 देशों के साथ 9 एफटीए किए हैं।
- भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार में प्राथमिकता से पहुंच मिली है।
- युवा भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- AI नौकरियों को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि उन्हें बदल देगा।
- साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ेगी।
मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी है कि भारत ने 38 देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) संपन्न किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक प्राथमिकता के साथ पहुंच प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारतीय वस्तुओं, सेवाओं, कृषि और मत्स्य उत्पादों तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को नए बाजारों का अवसर मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप भारत वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से और अधिक जुड़ सकेगा और प्रतिभाओं की आवाजाही में भी वृद्धि होगी।
गोयल ने बताया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का अर्थ वैश्विक जुड़ाव के साथ मजबूत, भरोसेमंद और विविध आपूर्ति शृंखलाएं बनाना है।
उन्होंने उद्योगपतियों और उद्यमियों से अनुरोध किया कि वे वैश्विक अवसरों को एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और मछुआरों तक पहुंचाएं। गोयल ने आशा जताई कि युवा भारत 'अमृत काल' के दौरान देश को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गोयल ने ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड्स के 27वें संस्करण में मुख्य भाषण देते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है, जिसमें उद्यमियों और युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।
गोयल ने जोर दिया कि भारत की युवा शक्ति और मानव संसाधन देश की विकास गाथा के प्रमुख तत्व हैं।
स्टार्टअप संस्थापकों और उद्योग नेताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि जुनून, नवाचार और कुशल मानव संसाधन भारत की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक ताकत हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोजगार संबंधी चिंताओं पर गोयल ने कहा कि एआई नौकरियों को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि उन्हें रूपांतरित करेगा।
उन्होंने बताया कि भारत हर वर्ष लगभग 23 लाख एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक तैयार करता है और देश में युवा, अनुकूलनशील और महत्वाकांक्षी प्रतिभाओं का एक बड़ा भंडार है।
वाई2के युग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि एआई अगला बड़ा मोड़ होगा, जो भारतीय व्यवसायों के लिए बेहतर अवसर, अधिक मूल्यवान कार्य और वैश्विक एकीकरण को प्रोत्साहित करेगा। इसके साथ ही, साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और सिस्टम गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग भी बढ़ेगी।
कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने देश भर के प्रमुख उद्यमियों, उद्योगपतियों और स्टार्टअप संस्थापकों को पुरस्कार भी प्रदान किए।