24 अगस्त 2026
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पीयूष गोयल 24-27 अगस्त को जापान दौरे पर, 200+ सदस्यों के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

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पीयूष गोयल 24-27 अगस्त को जापान दौरे पर, 200+ सदस्यों के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त तक जापान में हैं — और इस बार प्रतिनिधिमंडल रिकॉर्ड आकार का है। 200 से अधिक भारतीय उद्योग प्रतिनिधि, तीन शहर, और कीडानरेन से लेकर METI तक की बैठकें — यह दौरा भारत-जापान आर्थिक साझेदारी की अगली कड़ी तय करेगा।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की यात्रा पर हैं।
भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं।
दौरे में टोक्यो , नागोया और ओसाका — तीन प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की यात्रा शामिल है।
गोयल कीडानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) — जो 1,500 से अधिक जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है — के साथ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे।
जापानी समकक्ष अकाजावा रयोसेई (METI) के साथ द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है।
प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे, जहाँ वे भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।

दौरे का कार्यक्रम और शहर

गोयल इस यात्रा के दौरान जापान के तीन प्रमुख औद्योगिक केंद्रों — टोक्यो, नागोया और ओसाका — का दौरा करेंगे। प्रत्येक शहर में अलग-अलग क्षेत्रों पर केंद्रित बैठकें और रोड शो आयोजित किए जाएंगे।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जापान द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन से क्षेत्र

इस ऐतिहासिक प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप जैसे विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह भारत का अब तक का किसी एक देश के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक शिष्टमंडल है।

टोक्यो में मुख्य बैठकें

टोक्यो में गोयल प्रमुख जापानी समूहों और औद्योगिक घरानों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जो भारत के विकास में दीर्घकालिक भागीदार रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे 1,500 से अधिक अग्रणी जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च संस्था कीडानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे।

गोयल अपने जापानी समकक्ष अकाजावा रयोसेई, अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री (METI), के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों से भेंट तथा जापान में बसे भारतीय समुदाय के साथ संवाद भी कार्यक्रम में शामिल है।

नागोया और ओसाका में उद्योग संवाद

मध्य जापान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नागोया में गोयल चुकेरेन (मध्य जापान आर्थिक संघ) और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ एक रोड शो का नेतृत्व करेंगे। वे आइची प्रान्त के नेतृत्व और ऑटोमोटिव तथा इस्पात क्षेत्रों के प्रमुख विनिर्माण निवेशकों से भी बातचीत करेंगे।

यात्रा का समापन ओसाका में निवेशक और व्यापार रोड शो के साथ होगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों की अग्रणी जापानी कंपनियों के साथ बैठकें होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य भारत के विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता बाज़ारों में उपलब्ध निवेश अवसरों को रेखांकित करना है।

आगे क्या

यह दौरा भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को नई गति देने का प्रयास है। गौरतलब है कि दोनों देश पहले से ही व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत जुड़े हुए हैं और इस यात्रा से निवेश प्रतिबद्धताओं में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ठोस औद्योगिक साझेदारी के रूप में देख रहा है। सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देना वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि इन बैठकों से कितनी निवेश प्रतिबद्धताएँ ज़मीन पर उतरती हैं — क्योंकि भारत-जापान CEPA के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार अपनी पूरी क्षमता से काफी नीचे रहा है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का जापान दौरा कब और कहाँ होगा?
पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की यात्रा पर हैं। इस दौरान वे टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे।
इस भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य हैं?
इस प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक व्यापार प्रतिनिधि शामिल हैं, जो इसे भारत का किसी एक देश के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक शिष्टमंडल बनाता है।
गोयल जापान में किन प्रमुख संस्थाओं से मिलेंगे?
गोयल कीडानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) के साथ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे और जापानी METI मंत्री अकाजावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नागोया में चुकेरेन और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ भी बैठकें निर्धारित हैं।
इस दौरे में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
दौरे में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह जापान दौरा भारत-जापान संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपने व्यापार और निवेश संबंधों को और मज़बूत करना चाहते हैं। ओसाका, नागोया और टोक्यो में रोड शो के ज़रिए भारत जापानी निवेशकों को अपने विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता बाज़ारों में अवसरों से परिचित कराएगा।
राष्ट्र प्रेस
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