19 अगस्त 2026
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पीयूष गोयल 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर दौरे पर, $19.8 अरब FDI के बाद आर्थिक साझेदारी को नई दिशा

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पीयूष गोयल 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर दौरे पर, $19.8 अरब FDI के बाद आर्थिक साझेदारी को नई दिशा

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 70 उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सिंगापुर पहुँचे हैं — ऐसे समय में जब सिंगापुर भारत का सबसे बड़ा FDI स्रोत बन चुका है और द्विपक्षीय व्यापार दो दशकों में पाँच गुना बढ़कर $36.1 अरब हो गया है। चौथे ISMR में समझौतों और नई साझेदारियों पर नज़र है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 19 से 21 अगस्त 2026 तक सिंगापुर के दौरे पर हैं।
उनके साथ 70 वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल है, जो AI, मैन्युफैक्चरिंग, वित्त, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों से है।
चौथे ISMR में निर्मला सीतारमण , एस.
जयशंकर और अश्विनी वैष्णव भी शामिल होंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर से भारत में $19.8 अरब FDI आया — यह एकल वर्ष में सर्वाधिक है।
अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से कुल $194.68 अरब FDI, जो भारत के कुल FDI का 24.72% है।
CECA लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार $6.7 अरब से बढ़कर $36.1 अरब हो गया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 19 से 21 अगस्त 2026 तक सिंगापुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें उनके साथ 70 वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों का एक बड़ा कारोबारी काफिला भी शामिल है। यह यात्रा चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) के अंतर्गत आयोजित की गई है और दोनों देशों के बीच चल रहे उच्च-स्तरीय कूटनीतिक-आर्थिक संवाद की कड़ी है।

प्रतिनिधिमंडल की संरचना और एजेंडा

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाएँ, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, समुद्री व्यापार और पेशेवर सेवाओं के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर में बी2बी (व्यवसाय-से-व्यवसाय), जी2बी (सरकार-से-व्यवसाय) और संस्थागत बैठकों में हिस्सा लेगा, जिनका केंद्र निवेश आकर्षण, बाज़ार पहुँच, तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और नई व्यावसायिक साझेदारियाँ होंगी।

मंत्रिस्तरीय गोलमेज और प्रमुख बैठकें

गुरुवार को आयोजित चौथे ISMR में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग लेंगे। इस सम्मेलन के साथ-साथ चौथा भारत-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल भी आयोजित होगा, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री प्रतिनिधिमंडलों के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन करेंगे।

गोयल सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, वह ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, YPO ग्लोबल, मिल्केन इंस्टीट्यूट, केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर, टेमासेक होल्डिंग्स और IHH हेल्थकेयर जैसी प्रमुख वैश्विक संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

कृषि, व्यापार और संस्थागत पहल

गोयल सिंगापुर के विदेश एवं व्यापार-उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री गान सियो हुआंग के साथ सिटी स्क्वायर मॉल में APEDA-FairPrice पहल का संयुक्त दौरा करेंगे, जो भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों को सिंगापुर के उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए शुरू की गई है। वह FICCI द्वारा INCED एशिया कैंपस में आयोजित भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम और ICAI आसियान सम्मेलन 2026 में भी मुख्य भाषण देंगे। फैमिली ऑफिस गोलमेज बैठक में भागीदारी के साथ-साथ सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन, टर्नर एंड टाउनसेंड और STT GDC के प्रतिनिधियों से भी चर्चा होगी।

भारत-सिंगापुर आर्थिक संबंधों का परिदृश्य

वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा एकल स्रोत रहा और इस अवधि में $19.8 अरब का निवेश आया। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से भारत में कुल $194.68 अरब का FDI प्राप्त हुआ, जो भारत में आए कुल FDI का लगभग 24.72 प्रतिशत है।

द्विपक्षीय व्यापार के मोर्चे पर, भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के लागू होने के बाद दोनों देशों का व्यापार वित्त वर्ष 2004-05 के $6.7 अरब से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में $36.1 अरब पर पहुँच गया है — यानी दो दशकों में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति मज़बूत करने और आसियान क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि सिंगापुर आसियान देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। समझौतों पर हस्ताक्षर और उच्च-स्तरीय बैठकों के नतीजे आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के आर्थिक एजेंडे की नई दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस दौरे से ठोस नए निवेश प्रतिबद्धताएँ कितनी आती हैं और क्या AI व सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का ढाँचा बनता है। गौरतलब है कि भारत-सिंगापुर CECA को लेकर कुछ घरेलू उद्योगों में शुल्क असमानता की शिकायतें रही हैं, जिन पर इस गोलमेज में चर्चा होनी चाहिए। 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की विविधता संकेत देती है कि भारत केवल पारंपरिक व्यापार नहीं, बल्कि आसियान में प्रौद्योगिकी और वित्त हब के रूप में सिंगापुर की भूमिका का लाभ उठाना चाहता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का सिंगापुर दौरा किस उद्देश्य से है?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 19 से 21 अगस्त 2026 तक चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) में भाग लेने और दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग को मज़बूत करने के उद्देश्य से सिंगापुर गए हैं। उनके साथ 70 वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल भी है।
भारत-सिंगापुर के बीच FDI का आँकड़ा क्या है?
वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर से भारत में $19.8 अरब का FDI आया और वह भारत का सबसे बड़ा एकल FDI स्रोत रहा। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से कुल $194.68 अरब का FDI प्राप्त हुआ, जो भारत के कुल FDI का लगभग 24.72% है।
चौथे ISMR में कौन-कौन से भारतीय मंत्री शामिल होंगे?
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग लेंगे।
CECA लागू होने के बाद भारत-सिंगापुर व्यापार में कितनी वृद्धि हुई है?
भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के लागू होने के बाद दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2004-05 के $6.7 अरब से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में $36.1 अरब पर पहुँच गया है — दो दशकों में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि।
APEDA-FairPrice पहल क्या है और इसका क्या महत्व है?
APEDA-FairPrice पहल भारतीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों को सिंगापुर के उपभोक्ताओं तक सीधे पहुँचाने के लिए शुरू की गई एक संयुक्त पहल है। गोयल इस पहल का सिटी स्क्वायर मॉल में सिंगापुर की राज्य मंत्री गान सियो हुआंग के साथ संयुक्त दौरा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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