21 अगस्त 2026
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पीयूष गोयल ने सिंगापुर में भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने का संकल्प दोहराया

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पीयूष गोयल ने सिंगापुर में भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने का संकल्प दोहराया

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की सिंगापुर यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं थी — बिजनेस फोरम से लेकर चौथे मंत्रिस्तरीय गोलमेज तक, भारत ने व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृषि निर्यात और बुनियादी ढाँचे में सहयोग के लिए ठोस संकेत दिए। यह आसियान में भारत की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी का स्पष्ट प्रतिबिंब है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 21 अगस्त 2026 को सिंगापुर में इंडिया-सिंगापुर बिजनेस फोरम को संबोधित किया और आर्थिक साझेदारी गहरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
एपीडा-फेयरप्राइस रोडशो के ज़रिए भारतीय जैविक उत्पाद, ताज़े फल-सब्जियाँ, दुग्ध उत्पाद, काजू और मोटे अनाज आधारित वस्तुएँ सिंगापुर के बाज़ार में बढ़ावा पाएंगी।
गोयल ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के CEO सोपनेंदु मोहंती और केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर की CEO सिंडी लिम से मुलाकात कर वित्त, प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढाँचे में सहयोग पर चर्चा की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज में भाग लिया।
बैठकों में निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास पर सहयोग के एजेंडे पर सहमति बनी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 अगस्त 2026 को सिंगापुर में आयोजित इंडिया-सिंगापुर बिजनेस फोरम में भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार, निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत न केवल सिंगापुर, बल्कि समूचे एशिया के साथ अपने आर्थिक संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।

बिजनेस फोरम में मुख्य संदेश

बिजनेस फोरम में आईएनएसईएडी के पूर्व छात्रों, वर्तमान छात्रों, सिंगापुरी उद्यमियों और भारतीय उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गोयल ने भारत की आर्थिक प्रगति और निवेश संभावनाओं को विस्तार से रेखांकित किया। इस अवसर पर उनकी आईएनएसईएडी के प्रोफेसर समीर हसीजा के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

गोयल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार कारोबार सुगमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार सुधार कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत करता है।

कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में नई पहल

गोयल ने सिंगापुर की विदेश एवं व्यापार-उद्योग राज्य मंत्री गैन सियो हुआंग तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ एपीडा-फेयरप्राइस रोडशो और स्टोर-आधारित प्रचार कार्यक्रम में भाग लिया। इस पहल के माध्यम से भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले जैविक उत्पाद, ताज़े फल और सब्जियाँ, जमे हुए फल एवं सब्जियाँ, दुग्ध उत्पाद, काजू, चावल, मोटे अनाज आधारित उत्पाद तथा अन्य खाद्य वस्तुओं को सिंगापुर के उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने इससे पहले यह भी स्पष्ट किया था कि भारतीय किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सिंगापुर, समूचे आसियान क्षेत्र और ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

वित्तीय नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग

गोयल ने सिंगापुर स्थित वैश्विक परामर्श एवं निवेश संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोपनेंदु मोहंती से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच वित्तीय नवाचार, प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। गोयल ने कहा कि दोनों देशों की क्षमताएँ मिलकर नई आर्थिक संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिंडी लिम से भी भेंट की और बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर विचार किया।

चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन

गोयल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मिलकर चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के मंत्रियों ने निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने पर सहमति जताई।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और सिंगापुर दोनों ही आसियान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी आर्थिक उपस्थिति को विस्तार देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में इन चर्चाओं के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत व्यापार के हर स्तंभ को एक साथ सक्रिय करने की कोशिश में है। लेकिन गौरतलब है कि भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की समीक्षा और अपग्रेड की चर्चाएँ वर्षों से चल रही हैं और ठोस नतीजे अभी भी प्रतीक्षित हैं। आलोचकों का कहना है कि बिना बाध्यकारी समयसीमा और मापने योग्य लक्ष्यों के, ये उच्चस्तरीय बैठकें इरादे तो दर्शाती हैं, परिणाम नहीं। असली कसौटी यह होगी कि आसियान बाज़ार में भारतीय कृषि और डिजिटल निर्यात के वास्तविक आँकड़े अगले वित्त वर्ष में क्या कहानी बताते हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल की सिंगापुर यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 21 अगस्त 2026 को सिंगापुर में इंडिया-सिंगापुर बिजनेस फोरम और चौथे मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने गए थे। यात्रा का मकसद व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृषि निर्यात में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना था।
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज में कौन-से विषयों पर चर्चा हुई?
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज में निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी शामिल थे।
एपीडा-फेयरप्राइस रोडशो से भारतीय किसानों को क्या फायदा होगा?
इस रोडशो के ज़रिए भारत के जैविक उत्पाद, ताज़े फल-सब्जियाँ, दुग्ध उत्पाद, काजू, चावल और मोटे अनाज आधारित वस्तुएँ सिंगापुर के उपभोक्ताओं तक पहुँचाई जाएंगी। इससे भारतीय किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सिंगापुर और आसियान बाज़ार में नए निर्यात अवसर मिलने की उम्मीद है।
भारत और सिंगापुर के बीच डिजिटल और वित्तीय क्षेत्र में क्या सहयोग हो रहा है?
गोयल ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के CEO सोपनेंदु मोहंती से मुलाकात कर वित्तीय नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने भारत की विकसित हो रही वित्तीय प्रणाली और सिंगापुर के वैश्विक वित्तीय नेटवर्क के बीच नई संभावनाओं को तलाशने पर सहमति जताई।
क्या भारत-सिंगापुर आर्थिक साझेदारी आसियान क्षेत्र तक भी विस्तारित होगी?
हाँ, गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत सिंगापुर के साथ-साथ समूचे आसियान क्षेत्र और ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में भी नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रहा है। यह भारत की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक भागीदारी का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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