पीयूष गोयल की एस्टोनिया यात्रा: भारत-एस्टोनिया व्यापार फोरम में 30 कारोबारी, नए समझौतों की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ एस्टोनिया की यात्रा की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना था। 17 जुलाई 2025 को तालिन में आयोजित एस्टोनिया-भारत बिजनेस फोरम में भारत के लगभग 30 कारोबारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारत में एस्टोनिया की राजदूत मार्जे लूप ने इस यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।
बिजनेस फोरम का आयोजन और भागीदारी
एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय ने 17 जुलाई को तालिन में एस्टोनिया-भारत बिजनेस फोरम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत के करीब 30 कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ-साथ एस्टोनिया के कई उद्यमियों ने भाग लिया। फोरम विशेष रूप से मंत्री गोयल और भारतीय प्रतिनिधिमंडल की तालिन यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया था।
एस्टोनिया के विदेश मामलों के मंत्री मार्गस त्साहकना भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, डिजिटल परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
गोयल का संबोधन और भारत का आमंत्रण
मंत्री त्साहकना की उपस्थिति में बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमताओं और विशालता को विश्व-स्तरीय विनिर्माण के साथ मिलाकर, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के ढाँचे के समर्थन से, द्विपक्षीय संबंधों को और आगे ले जाया जा सकता है। उन्होंने एस्टोनियाई व्यवसायों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए देश में पारदर्शी, स्थिर और प्रतिस्पर्धी व्यापारिक वातावरण बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया।
गौरतलब है कि यह चर्चा भारत-ईयू FTA की सफल वार्ता के बाद नए अवसर तलाशने के संदर्भ में हुई, जो दोनों देशों के लिए व्यापार विस्तार का एक महत्वपूर्ण द्वार खोल सकती है।
राजदूत मार्जे लूप की प्रतिक्रिया
भारत में एस्टोनिया की राजदूत मार्जे लूप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा, 'मंत्री पीयूष गोयल का बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ एस्टोनिया आना बेहद महत्वपूर्ण है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यात्रा और बिजनेस फोरम के परिणामस्वरूप भविष्य में दोनों देशों के बीच कई नए कारोबारी समझौते होंगे।
द्विपक्षीय व्यापार के आँकड़े
आँकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत और एस्टोनिया के बीच वस्तुओं में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 139.3 मिलियन यूरो और सेवाओं में 66.4 मिलियन यूरो रहा। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।
एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात देश के व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने, निवेश को बढ़ावा देने और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि एस्टोनिया भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ईयू FTA के संदर्भ में एस्टोनिया जैसे तकनीक-प्रधान यूरोपीय देशों के साथ साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकती है। दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग भविष्य में निवेश, नवाचार और तकनीकी साझेदारी के नए अवसर खोलने की संभावना रखता है।