अमित शाह ने अहमदाबाद में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 का उद्घाटन किया, 19 देशों के 108 एथलीट लेंगे हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 4 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहमदाबाद में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 का उद्घाटन किया। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता 5 से 9 सितंबर 2026 तक चलेगी, जिसमें 19 देशों के 108 एथलीट भाग ले रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने इस प्रतियोगिता को खिलाड़ियों और अहमदाबाद दोनों के लिए एक यादगार अवसर बताया। इस सीरीज में भूटान, यूके, चीन, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया और अमेरिका सहित अनेक देशों के पैरा तीरंदाज़ शामिल हैं।
विदेशी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शाह ने कहा, 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि आप ऐसे भारत में आए हैं जहाँ पूरी दुनिया को एक परिवार माना जाता है।
अहमदाबाद को वैश्विक खेल केंद्र बनाने का संकल्प
शाह ने कहा कि गुजरात ने 2025-2026 के दौरान लगभग 10 अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में बनाई जा रही खेल सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिनसे भारतीय और विदेशी दोनों खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स मेडिकल साइंस में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, साथ ही खेल-चोटों के उपचार और पुनर्वास का प्रमुख केंद्र बनने का लक्ष्य है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की दावेदारी
शाह ने अहमदाबाद के भविष्य के खेल कैलेंडर का उल्लेख करते हुए कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वाँ संस्करण अहमदाबाद में आयोजित होगा। इसके अलावा, अहमदाबाद ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। शाह ने विश्वास जताया कि ये खेल इसी शहर में आयोजित होंगे।
मेडल से आगे — व्यापक खेल इकोसिस्टम का लक्ष्य
शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल-लक्ष्य केवल अधिकाधिक पदक जीतना नहीं, बल्कि ओलंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और पुलिस गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में शामिल सभी खेलों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, 'कोई चैंपियन सिर्फ खेल, प्रैक्टिस और कोचिंग से नहीं बनता, बल्कि खिलाड़ी की जीतने की इच्छा से बनता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी उपस्थिति को तेज़ी से मज़बूत कर रहा है और पैरा-स्पोर्ट्स को मुख्यधारा में लाने की कोशिशें तेज़ हुई हैं। वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज जैसे आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।