4 सितंबर 2026
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हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज: 5–9 सितंबर को अहमदाबाद में 20 देशों के 100+ एथलीट, भारत पहली बार मेजबान

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हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज: 5–9 सितंबर को अहमदाबाद में 20 देशों के 100+ एथलीट, भारत पहली बार मेजबान

सारांश

भारत पहली बार हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज का मेजबान बना है — 5 से 9 सितंबर तक अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर 20 देशों के 100+ एथलीट भिड़ेंगे। पेरिस पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह और वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी भारत की अगुवाई करेंगे।

मुख्य बातें

भारत पहली बार हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज की मेजबानी कर रहा है; आयोजन 5–9 सितंबर 2026 को साबरमती रिवरफ्रंट, अहमदाबाद में।
20 देशों के 100 से अधिक पैरा-एथलीट रिकर्व ओपन, कंपाउंड ओपन, W1 और दृष्टिबाधित श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
भारतीय दल में 29 आर्चर — जिनमें हरविंदर सिंह (पेरिस 2024 पैरालंपिक चैंपियन) और शीतल देवी (वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियन) शामिल हैं।
दल के 11 सदस्य आगामी आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए भी चुने गए हैं।
यह 2026 सीरीज का तीसरा चरण है; चौथा व अंतिम चरण अक्टूबर में सैंटियागो, चिली में होगा।
औपचारिक उद्घाटन 4 सितंबर को हुआ; थीम — 'हर तीर हिम्मत की कहानी कहता है' ।

भारत पहली बार हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज की मेजबानी करने जा रहा है। 5 से 9 सितंबर 2026 के बीच अहमदाबाद के प्रतिष्ठित साबरमती रिवरफ्रंट पर 20 देशों के 100 से अधिक पैरा-आर्चर आमने-सामने होंगे। यह आयोजन 2026 हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज का तीसरा चरण है और भारतीय पैरा-खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।

सीरीज का संदर्भ और अहमदाबाद की भूमिका

2026 सीरीज का पहला चरण अप्रैल में बैंकॉक और दूसरा चरण 30 जून से 4 जुलाई के बीच नोवे मेस्टो, चेकिया में संपन्न हुआ। चौथा और अंतिम चरण अक्टूबर में सैंटियागो, चिली में आयोजित होना है। इस प्रकार अहमदाबाद इस वैश्विक सर्किट की धुरी बन गया है — एशिया और यूरोप के बाद अब दक्षिण अमेरिका से पहले।

यह आयोजन आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा गुजरात सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतिस्पर्धा रिकर्व ओपन, कंपाउंड ओपन, W1 और विज़ुअली इम्पेयर्ड (दृष्टिबाधित) — चार श्रेणियों में होगी।

भाग लेने वाले देश और भारतीय दल

प्रतियोगिता में भारत, चीन, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, इंडोनेशिया, ईरान, कज़ाकिस्तान, मैक्सिको, स्लोवाकिया, अमेरिका, उज़्बेकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, साइप्रस, चेकिया, इराक, रूस और श्रीलंका के एथलीट शामिल होंगे।

भारतीय दल में 29 आर्चर हैं, जो गांधीनगर स्थित SAI के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अभ्यास कर रहे हैं। इनमें पेरिस 2024 पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह, वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियन व पैरालंपिक मेडलिस्ट शीतल देवी, अर्जुन अवॉर्डी व वर्ल्ड पैरा आर्चरी मेडलिस्ट राकेश कुमार और पैरालंपियन श्याम सुंदर स्वामी शामिल हैं। गौरतलब है कि दल के 11 सदस्यों को जापान में होने वाले आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए भी चुना जा चुका है।

उद्घाटन और आधिकारिक प्रतिक्रिया

टूर्नामेंट का औपचारिक उद्घाटन 4 सितंबर को हुआ। गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि ओपनिंग सेरेमनी की थीम 'हर तीर हिम्मत की कहानी कहता है' पैरा-एथलीटों के दृढ़ संकल्प और खेल कौशल का उत्सव है। उन्होंने कहा, 'टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय मंच पर सटीकता और लगन का प्रदर्शन करेगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात बड़े खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन चुका है और यह सीरीज उस पहचान को और मज़बूत करेगी।'

AAI के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने कहा, 'दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा-तीरंदाजों को भारत लाने से हमारे खिलाड़ियों को विश्व-स्तरीय मुकाबले का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को प्रेरणा भी मिलेगी।' AAI के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह आयोजन देश में पैरा-आर्चरी इकोसिस्टम के विकास में दीर्घकालिक योगदान देगा।

आम जनता और खेल समुदाय पर असर

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत पैरालंपिक खेलों में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। पेरिस 2024 में भारत ने पैरालंपिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। अहमदाबाद जैसे शहर में विश्व-स्तरीय पैरा-स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन स्थानीय युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

आगे क्या

सीरीज का समापन अक्टूबर 2026 में सैंटियागो, चिली में होगा। अहमदाबाद में मिलने वाले अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर भारतीय पैरा-आर्चर आगामी आइची-नागोया एशियन गेम्स की तैयारी को भी धार देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की बदलती पैरा-स्पोर्ट्स महत्वाकांक्षा का प्रतीक है — पेरिस 2024 के बाद जब देश ने पैरालंपिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, तब इस तरह के वैश्विक आयोजन की मेजबानी उस गति को संस्थागत रूप देने की कोशिश है। हालाँकि असली सवाल यह है कि साबरमती रिवरफ्रंट की चमक के पीछे ज़मीनी स्तर पर पैरा-खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ढाँचा, कोचिंग और आर्थिक सहयोग कितना मज़बूत हुआ है। हरविंदर और शीतल जैसे नाम प्रेरणादायक हैं, लेकिन एक टिकाऊ पैरा-आर्चरी इकोसिस्टम के लिए इन चेहरों से परे गहरे निवेश की ज़रूरत है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 का अहमदाबाद चरण कब और कहाँ होगा?
यह आयोजन 5 से 9 सितंबर 2026 के बीच अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर होगा। यह 2026 सीरीज का तीसरा चरण है और भारत पहली बार इस वैश्विक पैरा-आर्चरी सर्किट की मेजबानी कर रहा है।
इस टूर्नामेंट में कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे?
भारतीय दल में 29 आर्चर शामिल हैं। इनमें पेरिस 2024 पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह, वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियन व पैरालंपिक मेडलिस्ट शीतल देवी, अर्जुन अवॉर्डी राकेश कुमार और पैरालंपियन श्याम सुंदर स्वामी प्रमुख नाम हैं।
इस सीरीज में कितने देश और कितने एथलीट भाग ले रहे हैं?
20 देशों के 100 से अधिक पैरा-एथलीट इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें चीन, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, ईरान और रूस सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं।
2026 हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज के अन्य चरण कहाँ हुए या होंगे?
पहला चरण अप्रैल में बैंकॉक में और दूसरा चरण 30 जून से 4 जुलाई के बीच नोवे मेस्टो, चेकिया में हुआ। अहमदाबाद तीसरा चरण है और चौथा व अंतिम चरण अक्टूबर में सैंटियागो, चिली में होना है।
इस आयोजन का आयोजन किसने किया और इसकी थीम क्या है?
यह टूर्नामेंट आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) ने गुजरात सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात और SAI के सहयोग से आयोजित किया है। ओपनिंग सेरेमनी की थीम 'हर तीर हिम्मत की कहानी कहता है' रखी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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