हिमांशु कुमार ने 2.09 मीटर के साथ 21 साल पुराना हाई जंप रिकॉर्ड तोड़ा, 21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रिकॉर्डों की बारिश
सारांश
मुख्य बातें
लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 3 सितंबर को संपन्न हुई 21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप के समापन दिवस पर एक के बाद एक मीट रिकॉर्ड ध्वस्त हुए। झारखंड के हिमांशु कुमार ने 2.09 मीटर की छलांग लगाकर लड़कों की हाई जंप का वह मीट रिकॉर्ड तोड़ा जो 2005 से अटूट था — यह इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का सबसे चर्चित क्षण रहा।
हिमांशु कुमार की ऐतिहासिक छलांग
हिमांशु कुमार ने 2.09 मीटर की ऊँचाई पार कर न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि राजेश कलिरामना द्वारा 2005 में स्थापित 2.08 मीटर के मीट रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह रिकॉर्ड दो दशकों से अधिक समय तक अखंड रहा था। उल्लेखनीय है कि असम के जुबिन गोहेन ने भी उसी ऊँचाई — 2.09 मीटर — को छुआ और पिछला मीट रिकॉर्ड सुधारा, लेकिन टाईब्रेकर नियमों के तहत उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
जैवलिन थ्रो में भी टूटे रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के कृष्ण चंद्र ने लड़कों के भाला फेंक में 79.92 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह 2018 में वडोदरा में रोहित यादव द्वारा बनाए गए 77.41 मीटर के मीट रिकॉर्ड से काफी बेहतर था। लड़कियों के वर्ग में पश्चिम बंगाल की मिस्टी करमाकर ने 52.84 मीटर की थ्रो से गोल्ड जीता और 2022 में दीपिका द्वारा बनाए गए 51.84 मीटर के पिछले मीट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और सर्वश्रेष्ठ एथलीट
महाराष्ट्र के यश मुलिक ने 110 मीटर बाधा दौड़ में 13.40 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड (पिछला सर्वश्रेष्ठ 13.47 सेकंड) तोड़ा और प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ पुरुष एथलीट चुने गए। कर्नाटक की नुपुरा होल्ला ने 100 मीटर बाधा दौड़ में 13.78 सेकंड का समय दर्ज कर 14.06 सेकंड के पुराने मीट रिकॉर्ड को ध्वस्त किया और सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट का खिताब हासिल किया।
मेडल टैली में हरियाणा शीर्ष पर
हरियाणा ने 4 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदकों के साथ समग्र मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र कुल 8 पदकों (जिनमें 3 स्वर्ण शामिल) के साथ दूसरे और कर्नाटक 3 स्वर्ण व 2 रजत के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
तीसरे दिन के प्रमुख परिणाम
लड़के — 200 मीटर: मानस शिंदे (महाराष्ट्र) 21.51 सेकंड (मीट रिकॉर्ड, पिछला 21.65 सेकंड); मेहेबुलबुल अहमद (पश्चिम बंगाल) 21.69 सेकंड; हरित चौधरी (उत्तर प्रदेश) 21.84 सेकंड।
लड़के — लंबी कूद: प्रेम राज (बिहार) 7.58 मीटर (मीट रिकॉर्ड); सनोयाज मंडल (पश्चिम बंगाल) 7.21 मीटर; सुखवीर सिंह (उत्तर प्रदेश) 7.10 मीटर।
लड़के — मेडले 1,000 मीटर: तेलंगाना 1:54.54; तमिलनाडु 1:54.84; केरल 1:55.15।
लड़कियाँ — 200 मीटर: भूमिका नेहते (महाराष्ट्र) 23.92 सेकंड (मीट रिकॉर्ड, पिछला 23.94 सेकंड); सहया जेमिमा (तमिलनाडु) 24.54 सेकंड; सावरी कुलकर्णी (महाराष्ट्र) 24.67 सेकंड।
लड़कियाँ — गोला फेंक: अंजलि (हरियाणा) 16.02 मीटर; जैस्मीन कौर (पंजाब) 15.62 मीटर; द्रोण चौधरी (राजस्थान) 15.40 मीटर।
लड़कियाँ — हेप्टाथलॉन: अनामिका (केरल) 4641 अंक; मुस्कान (हरियाणा) 4535 अंक; उर्मिला भारसाग (ओडिशा) 4156 अंक।
लड़कियाँ — 1,000 मीटर मेडले: पंजाब 2:13.18; महाराष्ट्र 2:14.30; हरियाणा 2:14.59।
इस चैंपियनशिप ने एक बार फिर साबित किया कि भारत की जूनियर एथलेटिक्स प्रतिभा तेज़ी से परिपक्व हो रही है — और आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन्हीं नामों को देखे जाने की उम्मीद है।