इंटर-स्टेट एथलेटिक्स 2026: देव मीणा का 5.46 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड, अनुष्का यादव ने भी हैमर थ्रो में रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
देव कुमार मीणा ने 25 जून 2026 को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 65वीं नेशनल अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान पुरुषों की पोल वॉल्ट में 5.46 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने आइची-नागोया, जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली। उसी प्रतियोगिता में अनुष्का यादव ने महिलाओं की हैमर थ्रो में 65.64 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड थ्रो कर एशियन गेम्स का टिकट हासिल किया।
देव मीणा का ऐतिहासिक पोल वॉल्ट
यह उपलब्धि देव कुमार मीणा के लिए महज एक महीने में दूसरी बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का मौका बनी। इससे पहले रांची में आयोजित फेडरेशन कप में उन्होंने कुलदीप कुमार के साथ 5.45 मीटर का रिकॉर्ड साझा किया था। भुवनेश्वर में एक सेंटीमीटर और ऊपर जाकर देव ने रिकॉर्ड को पूरी तरह अपने नाम कर लिया।
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से भी कम समय में भारतीय पुरुषों की पोल वॉल्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड पाँच बार टूट चुका है — जो इस इवेंट में भारत की तेज़ी से बढ़ती क्षमता का प्रमाण है। देव की यह निरंतर प्रगति भारतीय एथलेटिक्स की सबसे उत्साहजनक कहानियों में से एक बनती जा रही है।
अनुष्का यादव का हैमर थ्रो में जलवा
महिलाओं की हैमर थ्रो में अनुष्का यादव ने 65.64 मीटर का थ्रो कर पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने उन्हें एशियन गेम्स 2026 की दौड़ में सीधे शामिल कर दिया। यह थ्रो न केवल उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ है, बल्कि भारतीय महिला हैमर थ्रो के लिए एक नई ऊँचाई भी है।
ज्योति याराजी की वापसी
चोट के कारण लंबे समय तक प्रतियोगिता से बाहर रहीं ज्योति याराजी — जिन्हें 'हर्डल रेस की रानी' कहा जाता है — ने इस चैंपियनशिप में महिलाओं की 100 मीटर हर्डल्स की शुरुआती हीट्स में नियंत्रित दौड़ के साथ वापसी की। उन्होंने 13.14 सेकंड का समय निकालते हुए एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया। यह उनके इस सीज़न की पहली रेस थी।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ा दिन
एक ही दिन में तीन बड़े एथलीटों का एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना और दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटना — यह 65वीं इंटर-स्टेट चैंपियनशिप को भारतीय एथलेटिक्स के हालिया इतिहास में एक यादगार दिन बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। आने वाले हफ्तों में और एथलीटों के क्वालीफिकेशन प्रदर्शन पर नज़रें टिकी रहेंगी।