आईबीएसए विदेश मंत्रियों की बैठक: पहलगाम हमले की निंदा, UNSC सुधार और आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में आईबीएसए डायलॉग फोरम की मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा भी शामिल रहे। तीनों देशों ने संयुक्त रूप से पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के इतर आयोजित हुई, जो भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका — तीनों ग्लोबल साउथ की प्रमुख लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं — के बीच बहुपक्षीय समन्वय को और गहरा करती है।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और सुदृढ़ बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधार की माँग की, ताकि वह अधिक लोकतांत्रिक, समावेशी और आज की वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप बन सके। जयशंकर के अनुसार, इस सुधार का उद्देश्य सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता और प्रतिनिधित्व को बढ़ाना है।
संयुक्त बयान में पहलगाम आतंकी हमले की स्पष्ट शब्दों में निंदा की गई। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने बहुपक्षीय मंचों पर पहलगाम हमले के संदर्भ में आतंकवाद-विरोधी एकजुटता बनाई हो — यह दस्तावेज़ीकरण भारत की कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर साझा रुख
तीनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैश्विक आर्थिक ढाँचे में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अधिक प्रभावी, समान और न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने संतुलित, निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार को बनाए रखने को टिकाऊ आर्थिक विकास की बुनियादी शर्त बताया। वर्तमान में जारी वैश्विक संघर्षों का ग्लोबल साउथ पर असर — विशेषकर ऊर्जा असुरक्षा, खाद्य संकट, महंगाई और सरकारी बजट पर बढ़ते दबाव — को लेकर तीनों देशों ने गहरी चिंता व्यक्त की।
जलवायु और ऊर्जा: महत्वाकांक्षी साझा एजेंडा
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर तीनों देशों ने ग्लोबल साउथ में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का समर्थन किया। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा दक्षता की रफ्तार को दोगुना करने और बायोफ्यूल, बायोगैस तथा कम कार्बन उत्सर्जन वाले हाइड्रोजन जैसे टिकाऊ ईंधनों के उपयोग को बढ़ाने पर सहमति बनी। तीनों विदेश मंत्रियों ने माना कि जलवायु-जनित आपदाएँ और आर्थिक झटके अब अधिक बारंबारता और तीव्रता से सामने आ रहे हैं, जो टिकाऊ विकास के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण पर प्रतिबद्धता
संयुक्त बयान में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने और उनके सामने खड़ी सामाजिक व आर्थिक बाधाओं को दूर करने के प्रति पूरी प्रतिबद्धता जताई गई। यह प्रावधान आईबीएसए के व्यापक विकास-उन्मुख एजेंडे का हिस्सा है, जो तीनों देशों की घरेलू प्राथमिकताओं से भी मेल खाता है।
आईबीएसए: तीन महाद्वीपों की आवाज़
आईबीएसए डायलॉग फोरम — भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका — एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के तीन अलग-अलग महाद्वीपों के प्रमुख लोकतांत्रिक देशों का मंच है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल साउथ वैश्विक शासन में बड़े बदलावों की माँग तेज़ कर रहा है और G20, BRICS तथा संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर अपनी भूमिका मज़बूत कर रहा है। इस बैठक के नतीजे आगे आने वाले बहुपक्षीय शिखर सम्मेलनों में तीनों देशों की साझा स्थिति को और पुख्ता करेंगे।