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नेपाल बाढ़: त्रिशूली बाजार से 3 और भारतीय बचाए गए, कुल 169 नागरिक सुरक्षित

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नेपाल बाढ़: त्रिशूली बाजार से 3 और भारतीय बचाए गए, कुल 169 नागरिक सुरक्षित

सारांश

नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद भारत का राहत अभियान जारी है — त्रिशूली बाजार से एक परिवार सहित 3 और नागरिक बचाए गए, कुल संख्या 169 पहुँची। 95 टन राहत सामग्री और 54 विशेषज्ञ पहले ही भेजे जा चुके हैं, लेकिन 275 भारतीय अभी भी लापता हैं।

मुख्य बातें

त्रिशूली बाजार से अभिजीत सुरेश पवार , दीपिका अभिजीत पवार और 5 वर्षीय समर्थ अभिजीत पवार को बचाया गया।
नेपाल बाढ़ में अब तक कुल 169 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले गए; 275 अभी भी लापता।
भारत ने 7 विमानों से 95 टन राहत सामग्री और 54 कर्मी नेपाल भेजे हैं।
राहत दल में 30 टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ , 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल।
1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुँचे; तिब्बत में कोई भारतीय फंसा नहीं।
आने वाले दिनों में अतिरिक्त फोरेंसिक किट और बेली ब्रिज भेजने की योजना।

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 4 सितंबर को जानकारी दी कि नेपाल में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली बाजार से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें पाँच वर्षीय बच्चा समर्थ अभिजीत पवार भी शामिल है। इस बचाव अभियान के साथ अब तक कुल 169 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।

कौन हैं बचाए गए तीन नागरिक

विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात 8:30 बजे IST तक त्रिशूली बाजार से बचाए गए तीन नागरिकों की पहचान अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और उनके पाँच वर्षीय पुत्र समर्थ अभिजीत पवार के रूप में हुई है। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास इन तीनों को हवाई मार्ग से भारत वापस लाने की व्यवस्था में जुटा है।

भारत की राहत और बचाव कार्रवाई

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अब तक सात विमानों के ज़रिए लगभग 95 टन राहत सामग्री नेपाल पहुँचाई है। इसके अतिरिक्त, 54 विशेषज्ञ कर्मी भी नेपाल भेजे गए हैं, जिनमें 30 टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल हैं।

जायसवाल ने कहा, 'हम नेपाल सरकार की जरूरतों के हिसाब से मदद देते रहेंगे। आने वाले दिनों में, हम और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और दूसरी चीजें भेजने की योजना बना रहे हैं जिनकी नेपाल सरकार ने मांग की है।'

लापता नागरिकों की स्थिति

जायसवाल ने बताया कि अभी भी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश जारी है। वहीं, 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फिलहाल कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।

भारत-नेपाल सहयोग

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि भारत की बचाव और फोरेंसिक टीमें नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए जमीन पर सक्रिय हैं। यह भारत-नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग की एक और मिसाल है।

आगे क्या

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लापता 275 नागरिकों की खोज अभियान जारी रहेगा। नेपाल सरकार के अनुरोध पर अतिरिक्त फोरेंसिक किट और बेली ब्रिज जल्द भेजे जाएंगे। दूतावास बचाए गए नागरिकों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने में लगा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 275 लापता भारतीयों का आँकड़ा इस अभियान की असली चुनौती को रेखांकित करता है। भारत की त्वरित प्रतिक्रिया — 95 टन सामग्री और विशेषज्ञ दल — पड़ोसी-प्रथम नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है, लेकिन लापता नागरिकों की खोज में पारदर्शी अपडेट की कमी परिजनों की बेचैनी बढ़ाती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि बाढ़-प्रवण हिमालयी क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व-चेतावनी और निकासी प्रोटोकॉल को लेकर कोई ठोस नीतिगत ढाँचा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने भारतीय नागरिक बचाए गए हैं?
4 सितंबर की रात 8:30 बजे तक कुल 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इनमें से तीन नागरिक — अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और 5 वर्षीय समर्थ अभिजीत पवार — को त्रिशूली बाजार से शुक्रवार को निकाला गया।
कितने भारतीय नागरिक अभी भी नेपाल बाढ़ में लापता हैं?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, अभी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी खोज के लिए बचाव दल नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए क्या मदद भेजी है?
भारत ने 7 विमानों के ज़रिए लगभग 95 टन राहत सामग्री नेपाल पहुँचाई है। इसके अलावा 54 विशेषज्ञ कर्मी भी भेजे गए हैं — जिनमें 30 टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल हैं।
चीन और तिब्बत में फंसे भारतीय नागरिकों की क्या स्थिति है?
1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फिलहाल कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
भारत आगे नेपाल को और क्या सहायता देने की योजना बना रहा है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, आने वाले दिनों में नेपाल सरकार के अनुरोध पर अतिरिक्त फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जाएगी। भारतीय दूतावास बचाए गए नागरिकों को हवाई मार्ग से स्वदेश वापस लाने में भी सहायता कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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