नेपाल बाढ़: त्रिशूली बाजार से 3 और भारतीय बचाए गए, कुल 169 नागरिक सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 4 सितंबर को जानकारी दी कि नेपाल में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली बाजार से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें पाँच वर्षीय बच्चा समर्थ अभिजीत पवार भी शामिल है। इस बचाव अभियान के साथ अब तक कुल 169 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।
कौन हैं बचाए गए तीन नागरिक
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात 8:30 बजे IST तक त्रिशूली बाजार से बचाए गए तीन नागरिकों की पहचान अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और उनके पाँच वर्षीय पुत्र समर्थ अभिजीत पवार के रूप में हुई है। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास इन तीनों को हवाई मार्ग से भारत वापस लाने की व्यवस्था में जुटा है।
भारत की राहत और बचाव कार्रवाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अब तक सात विमानों के ज़रिए लगभग 95 टन राहत सामग्री नेपाल पहुँचाई है। इसके अतिरिक्त, 54 विशेषज्ञ कर्मी भी नेपाल भेजे गए हैं, जिनमें 30 टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल हैं।
जायसवाल ने कहा, 'हम नेपाल सरकार की जरूरतों के हिसाब से मदद देते रहेंगे। आने वाले दिनों में, हम और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और दूसरी चीजें भेजने की योजना बना रहे हैं जिनकी नेपाल सरकार ने मांग की है।'
लापता नागरिकों की स्थिति
जायसवाल ने बताया कि अभी भी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश जारी है। वहीं, 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फिलहाल कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
भारत-नेपाल सहयोग
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि भारत की बचाव और फोरेंसिक टीमें नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए जमीन पर सक्रिय हैं। यह भारत-नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग की एक और मिसाल है।
आगे क्या
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लापता 275 नागरिकों की खोज अभियान जारी रहेगा। नेपाल सरकार के अनुरोध पर अतिरिक्त फोरेंसिक किट और बेली ब्रिज जल्द भेजे जाएंगे। दूतावास बचाए गए नागरिकों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने में लगा हुआ है।