नेपाल बाढ़: भारत ने 149 नागरिकों को बचाया, काठमांडू पहुँचा 68.5 टन राहत सामग्री
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने रविवार, 30 अगस्त को जानकारी दी कि नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद अब तक कुल 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। मंत्रालय ने शाम 5:30 बजे IST तक बचाए गए सभी नागरिकों की सूची एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
राहत अभियान का विस्तार
भारत की ओर से राहत कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल पहुँची और सामग्री सौंप दी गई। इस खेप में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उपकरणों से लैस एक टनल टेक्निकल टीम, डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम तथा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी ज़रूरी वस्तुएँ शामिल थीं।
विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा, 'नेपाल के साथ खड़े हैं।' अब तक काठमांडू में कुल 68.5 टन राहत सामग्री पहुँचाई जा चुकी है, जिसमें ज़रूरी दवाएँ, पोर्टेबल जेनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियाँ और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
पुल निर्माण सहायता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को बताया कि 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सात और बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए जल्द ही उपकरण भेजे जाएँगे और इनके इंस्टॉलेशन हेतु तकनीकी टीमें शीघ्र पहुँचने की उम्मीद है।
फोरेंसिक टीम की भूमिका
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को वहाँ तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह टीम विनाशकारी बाढ़ में मारे गए पीड़ितों के शवों की पहचान करने में नेपाली सहयोगियों के साथ मिलकर डीएनए सैंपल की जाँच करेगी। राजदूत श्रीवास्तव ने दोहराया कि भारत नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में अपना पूरा सहयोग जारी रखेगा।
भारत-नेपाल संबंधों के संदर्भ में
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। गौरतलब है कि भारत ने अतीत में भी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं — जैसे 2015 के भूकंप — में त्वरित राहत अभियान चलाया था। यह सहायता भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है।
आने वाले दिनों में अतिरिक्त बेली ब्रिज की स्थापना और राहत सामग्री की और खेपें भेजे जाने की संभावना है, जबकि फोरेंसिक टीम पीड़ितों की पहचान का कार्य जारी रखेगी।