30 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: भारत ने 149 नागरिकों को बचाया, काठमांडू पहुँचा 68.5 टन राहत सामग्री

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नेपाल बाढ़: भारत ने 149 नागरिकों को बचाया, काठमांडू पहुँचा 68.5 टन राहत सामग्री

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने 149 नागरिकों को सुरक्षित निकाला और काठमांडू में 68.5 टन राहत सामग्री पहुँचाई। चौथी उड़ान, 16 ट्रक पुल-उपकरण और एक फोरेंसिक टीम — भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति ज़मीन पर दिख रही है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल बाढ़ के बाद 30 अगस्त तक 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया।
11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल पहुँची; काठमांडू में कुल 68.5 टन सामग्री पहुँचाई जा चुकी है।
जयशंकर ने बताया कि 230 फीट के मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए 16 ट्रक उपकरण नेपाल पहुँचे; सात और बेली ब्रिज जल्द लगाए जाएँगे।
भारतीय फोरेंसिक टीम बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल जाँच में नेपाली सहयोगियों के साथ काम कर रही है।
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फोरेंसिक टीम से मुलाकात कर भारत के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

विदेश मंत्रालय ने रविवार, 30 अगस्त को जानकारी दी कि नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद अब तक कुल 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। मंत्रालय ने शाम 5:30 बजे IST तक बचाए गए सभी नागरिकों की सूची एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।

राहत अभियान का विस्तार

भारत की ओर से राहत कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल पहुँची और सामग्री सौंप दी गई। इस खेप में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उपकरणों से लैस एक टनल टेक्निकल टीम, डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम तथा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी ज़रूरी वस्तुएँ शामिल थीं।

विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा, 'नेपाल के साथ खड़े हैं।' अब तक काठमांडू में कुल 68.5 टन राहत सामग्री पहुँचाई जा चुकी है, जिसमें ज़रूरी दवाएँ, पोर्टेबल जेनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियाँ और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।

पुल निर्माण सहायता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को बताया कि 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सात और बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए जल्द ही उपकरण भेजे जाएँगे और इनके इंस्टॉलेशन हेतु तकनीकी टीमें शीघ्र पहुँचने की उम्मीद है।

फोरेंसिक टीम की भूमिका

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को वहाँ तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह टीम विनाशकारी बाढ़ में मारे गए पीड़ितों के शवों की पहचान करने में नेपाली सहयोगियों के साथ मिलकर डीएनए सैंपल की जाँच करेगी। राजदूत श्रीवास्तव ने दोहराया कि भारत नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में अपना पूरा सहयोग जारी रखेगा।

भारत-नेपाल संबंधों के संदर्भ में

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। गौरतलब है कि भारत ने अतीत में भी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं — जैसे 2015 के भूकंप — में त्वरित राहत अभियान चलाया था। यह सहायता भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है।

आने वाले दिनों में अतिरिक्त बेली ब्रिज की स्थापना और राहत सामग्री की और खेपें भेजे जाने की संभावना है, जबकि फोरेंसिक टीम पीड़ितों की पहचान का कार्य जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुल-निर्माण और फोरेंसिक सहायता एक साथ — 'पड़ोसी प्रथम' नीति को केवल कूटनीतिक बयानबाज़ी से आगे ले जाती है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह सहायता नेपाल की दीर्घकालिक आपदा-प्रबंधन क्षमता को मज़बूत करती है या केवल तात्कालिक राहत तक सीमित रहती है। 2015 के भूकंप के बाद भी भारत ने इसी तरह की त्वरित सहायता दी थी, फिर भी नेपाल की बाढ़-संभावित बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियाँ बनी रही हैं। 68.5 टन राहत और सात बेली ब्रिज प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन क्षेत्रीय आपदा-लचीलेपन की दिशा में संरचनात्मक निवेश की ज़रूरत अभी भी बाकी है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिकों को बचाया गया?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 30 अगस्त शाम 5:30 बजे IST तक कुल 149 भारतीय नागरिकों को नेपाल की बाढ़ से सुरक्षित बचाया जा चुका है। मंत्रालय ने बचाए गए सभी नागरिकों की सूची एक्स पर साझा की।
भारत ने नेपाल को कितनी राहत सामग्री भेजी है?
30 अगस्त तक काठमांडू में कुल 68.5 टन राहत सामग्री पहुँचाई जा चुकी है। इसमें दवाएँ, पोर्टेबल जेनरेटर, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियाँ, कंबल, स्लीपिंग बैग और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
नेपाल में भारतीय फोरेंसिक टीम क्या काम कर रही है?
भारतीय फोरेंसिक टीम बाढ़ में मारे गए पीड़ितों के शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल की जाँच में नेपाली सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रही है। राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को टीम से मुलाकात कर भारत के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
नेपाल में भारत कौन-से पुल स्थापित कर रहा है?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जल्द उपकरण भेजे जाएँगे और तकनीकी टीमें भी शीघ्र पहुँचने की उम्मीद है।
नेपाल बाढ़ राहत में भारत की भूमिका क्या है?
भारत ने बचाव अभियान, राहत सामग्री, पुल-निर्माण सहायता और फोरेंसिक विशेषज्ञता — चार मोर्चों पर एक साथ काम किया है। यह भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है, जो 2015 के नेपाल भूकंप के दौरान दी गई सहायता की याद दिलाता है।
राष्ट्र प्रेस
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