30 अगस्त 2026
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ओडिशा विजिलेंस का बड़ा एक्शन: सुंदरगढ़ में एएसआई और सहयोगी ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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ओडिशा विजिलेंस का बड़ा एक्शन: सुंदरगढ़ में एएसआई और सहयोगी ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा विजिलेंस ने सुंदरगढ़ के लहुणीपाड़ा थाने में तैनात एएसआई मदन मोहन प्रधान को उनके सहयोगी के साथ ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। ढाबा संचालक से आबकारी मामले में राहत के बदले यह रकम मांगी गई थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस विभाग ने 30 अगस्त 2026 को सुंदरगढ़ जिले में एएसआई और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार एएसआई की पहचान मदन मोहन प्रधान और सहयोगी की पहचान मंदीप कुमार दासमोदक के रूप में हुई।
आरोप है कि एएसआई ने आबकारी मामले में राहत के बदले ₹20,000 की रिश्वत मांगी और ली।
विजिलेंस टीम ने 29 अगस्त की रात जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथों दबोचा; पूरी रिश्वत राशि जब्त।
तलाशी एएसआई के सरकारी आवास , कार्यालय और पैतृक गांव महुलडीहा में चलाई गई।
राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज।

ओडिशा सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने रविवार, 30 अगस्त को सुंदरगढ़ जिले में एक ढाबा संचालक से ₹20,000 की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) मदन मोहन प्रधान और उनके निजी सहयोगी मंदीप कुमार दासमोदक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया है और राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

एएसआई मदन मोहन प्रधान वर्तमान में सुंदरगढ़ जिले के लहुणीपाड़ा पुलिस थाने में तैनात हैं। विजिलेंस विभाग के अनुसार, उन्होंने एक ढाबा संचालक को कथित तौर पर धमकी दी कि यदि उसने मांगी गई रिश्वत नहीं दी तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा।

आरोप है कि प्रधान ने शिकायतकर्ता और उसके छोटे भाई के विरुद्ध दर्ज आबकारी (एक्साइज) मामले में मदद करने तथा गिरफ्तारी से बचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। कोई अन्य विकल्प न पाकर ढाबा संचालक ने ओडिशा विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

जाल और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने शनिवार रात, 29 अगस्त को सुनियोजित जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान प्रधान और दासमोदक को शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए कथित तौर पर रंगे हाथों दबोचा गया। विजिलेंस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में दोनों आरोपियों के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली।

तलाशी अभियान

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया — एएसआई प्रधान के लहुणीपाड़ा स्थित सरकारी आवास, उनके कार्यालय कक्ष और सुंदरगढ़ जिले के महुलपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव महुलडीहा में छापेमारी की गई।

कानूनी कार्रवाई

राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में 29 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला संख्या 10/26 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है। यह मामला ओडिशा में सरकारी तंत्र के भीतर भ्रष्टाचार के विरुद्ध विजिलेंस विभाग की सक्रियता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे मामलों में दोषसिद्धि की दर पर्याप्त है या गिरफ्तारी ही सुर्खी बनकर रह जाती है। जब तक भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित न्यायिक निपटारा और विभागीय दंड सुनिश्चित नहीं होता, ट्रैप ऑपरेशन निवारक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक बने रहेंगे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विजिलेंस ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
ओडिशा विजिलेंस ने लहुणीपाड़ा थाने में तैनात एएसआई मदन मोहन प्रधान और उनके निजी सहयोगी मंदीप कुमार दासमोदक को गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक ढाबा संचालक से आबकारी मामले में राहत देने के बदले ₹20,000 की रिश्वत मांगी और ली।
रिश्वत की मांग किस आधार पर की गई थी?
एएसआई प्रधान ने कथित तौर पर ढाबा संचालक और उसके छोटे भाई के खिलाफ दर्ज आबकारी (एक्साइज) मामले में मदद करने और गिरफ्तारी से बचाने का वादा करते हुए रिश्वत की मांग की थी। धमकी दी गई थी कि रिश्वत न देने पर उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस ने गिरफ्तारी कैसे की?
ढाबा संचालक की शिकायत पर विजिलेंस अधिकारियों ने 29 अगस्त की रात जाल बिछाया। जब प्रधान और दासमोदक ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 स्वीकार किए, तब उन्हें रंगे हाथों दबोचा गया और गवाहों की उपस्थिति में पूरी राशि जब्त कर ली गई।
इस मामले में कौन-सी धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है?
राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में 29 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला संख्या 10/26 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी कहाँ-कहाँ ली गई?
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने एएसआई प्रधान के लहुणीपाड़ा स्थित सरकारी आवास, उनके कार्यालय कक्ष और सुंदरगढ़ जिले के महुलपाड़ा थाना क्षेत्र में स्थित उनके पैतृक गांव महुलडीहा में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
राष्ट्र प्रेस
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