ओडिशा विजिलेंस का बड़ा एक्शन: सुंदरगढ़ में एएसआई और सहयोगी ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने रविवार, 30 अगस्त को सुंदरगढ़ जिले में एक ढाबा संचालक से ₹20,000 की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) मदन मोहन प्रधान और उनके निजी सहयोगी मंदीप कुमार दासमोदक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया है और राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
एएसआई मदन मोहन प्रधान वर्तमान में सुंदरगढ़ जिले के लहुणीपाड़ा पुलिस थाने में तैनात हैं। विजिलेंस विभाग के अनुसार, उन्होंने एक ढाबा संचालक को कथित तौर पर धमकी दी कि यदि उसने मांगी गई रिश्वत नहीं दी तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा।
आरोप है कि प्रधान ने शिकायतकर्ता और उसके छोटे भाई के विरुद्ध दर्ज आबकारी (एक्साइज) मामले में मदद करने तथा गिरफ्तारी से बचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। कोई अन्य विकल्प न पाकर ढाबा संचालक ने ओडिशा विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने शनिवार रात, 29 अगस्त को सुनियोजित जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान प्रधान और दासमोदक को शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए कथित तौर पर रंगे हाथों दबोचा गया। विजिलेंस टीम ने गवाहों की उपस्थिति में दोनों आरोपियों के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली।
तलाशी अभियान
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया — एएसआई प्रधान के लहुणीपाड़ा स्थित सरकारी आवास, उनके कार्यालय कक्ष और सुंदरगढ़ जिले के महुलपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव महुलडीहा में छापेमारी की गई।
कानूनी कार्रवाई
राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में 29 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला संख्या 10/26 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है। यह मामला ओडिशा में सरकारी तंत्र के भीतर भ्रष्टाचार के विरुद्ध विजिलेंस विभाग की सक्रियता को रेखांकित करता है।