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ओडिशा: जारपाडा थाने की एएसआई सीता नायक ₹8,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

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ओडिशा: जारपाडा थाने की एएसआई सीता नायक ₹8,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा के अंगुल जिले में विजिलेंस ने जारपाडा थाने की एएसआई सीता नायक को ₹8,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। शिकायतकर्ता लक्ष्मीधर साहू की सूचना पर बिछाए गए जाल में एएसआई फँस गईं। इसी दिन पश्चिम बंगाल में ईडी ने TMC नेता मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर नगर पालिका भर्ती घोटाले में छापेमारी की।

मुख्य बातें

एएसआई सीता नायक को जारपाडा पुलिस स्टेशन , अंगुल, ओडिशा में ₹8,000 की रिश्वत लेते विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता लक्ष्मीधर साहू ने विजिलेंस को सूचित किया; एएसआई ने आपसी समझौते के बाद भी मामला कोर्ट भेजकर रिश्वत माँगी थी।
विजिलेंस ने सुनियोजित जाल बिछाकर शनिवार की सुबह गिरफ्तारी की; जाँच जारी है।
पश्चिम बंगाल में ईडी ने TMC विधायक व पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर नगर पालिका भर्ती घोटाले में छापेमारी की।
मदन मित्रा पर 125 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़े होने का आरोप है।

ओडिशा विजिलेंस ने अंगुल जिले के जारपाडा पुलिस स्टेशन में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सीता नायक को ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए शनिवार की सुबह रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक पूर्व-नियोजित जाल के तहत की गई, जिसमें शिकायतकर्ता लक्ष्मीधर साहू ने विजिलेंस को सूचित किया था।

मामले की पृष्ठभूमि

जारपाडा थाना क्षेत्र के बडाहीनसार गाँव के निवासी लक्ष्मीधर साहू और उनके एक मित्र के बीच कुछ समय पूर्व विवाद हुआ था, जो पुलिस स्टेशन तक पहुँचा। बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। हालाँकि, एएसआई सीता नायक ने लक्ष्मीधर को सूचित किए बिना मामले को न्यायालय में भेज दिया।

जब लक्ष्मीधर को इस बात की जानकारी हुई, तो वे पुलिस स्टेशन गए और एएसआई सीता नायक से बात की। सीता नायक ने कथित तौर पर मामला वापस सुलझाने के बदले ₹8,000 की माँग रखी।

विजिलेंस का जाल और गिरफ्तारी

लक्ष्मीधर साहू ने रिश्वत की माँग की जानकारी तुरंत विजिलेंस विभाग को दी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। शनिवार की सुबह जब एएसआई सीता नायक ने जारपाडा पुलिस स्टेशन के भीतर ही रिश्वत की रकम स्वीकार की, तो विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। फिलहाल वे हिरासत में हैं और विजिलेंस विभाग आगे की जाँच कर रहा है।

पश्चिम बंगाल में भी भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई

इसी अवधि में पश्चिम बंगाल से भी एक बड़े भ्रष्टाचार मामले की खबर सामने आई। बहुचर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े 7 ठिकानों पर शनिवार को तलाशी अभियान चलाया।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला नगरपालिकाओं में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपये लेने से जुड़ा है। जाँच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, मदन मित्रा पर आरोप है कि उन्होंने मध्यस्थों के ज़रिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली — जिसमें कामारहाटी नगर पालिका भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि मदन मित्रा 125 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से सीधे जुड़े पाए गए हैं, जिनमें अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरियाँ दिलाई गईं।

आगे क्या होगा

ओडिशा विजिलेंस एएसआई सीता नायक के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि पुलिस तंत्र के भीतर जवाबदेही तय करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी समस्या का लक्षण है — जहाँ थाने के भीतर ही रिश्वत का लेन-देन होता है और पीड़ित को खुद विजिलेंस का दरवाज़ा खटखटाना पड़ता है। विजिलेंस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे मामलों में सज़ा इतनी त्वरित और कड़ी होती है जो भविष्य में निवारक बने। पश्चिम बंगाल में मदन मित्रा पर ईडी की छापेमारी और ओडिशा में एएसआई की गिरफ्तारी — दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि भ्रष्टाचार पुलिस थाने से लेकर विधायक कार्यालय तक फैला है। जब तक जाँच एजेंसियाँ केवल पकड़ने तक सीमित रहती हैं और दोषसिद्धि दर नहीं बढ़ती, तब तक ऐसी कार्रवाइयाँ खबर तो बनती हैं, पर व्यवस्था नहीं बदलती।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एएसआई सीता नायक को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
एएसआई सीता नायक को ओडिशा के अंगुल जिले के जारपाडा पुलिस स्टेशन में ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक आपसी समझौते के बावजूद मामला कोर्ट भेजकर शिकायतकर्ता से रिश्वत माँगी।
लक्ष्मीधर साहू ने विजिलेंस से शिकायत क्यों की?
लक्ष्मीधर साहू और उनके मित्र के बीच विवाद का मामला पुलिस स्टेशन पहुँचा था, जो बाद में समझौते से सुलझ गया। लेकिन एएसआई सीता नायक ने उन्हें बताए बिना मामला कोर्ट भेज दिया और फिर मामला वापस सुलझाने के बदले ₹8,000 की माँग की, जिसके बाद लक्ष्मीधर ने विजिलेंस को सूचित किया।
पश्चिम बंगाल के नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने TMC विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े 7 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, मदन मित्रा पर नगरपालिकाओं में 125 से अधिक अवैध नियुक्तियों के बदले नकद और सोने के रूप में रिश्वत लेने का आरोप है।
ओडिशा विजिलेंस एएसआई के खिलाफ अब क्या कदम उठाएगी?
एएसआई सीता नायक फिलहाल हिरासत में हैं और विजिलेंस विभाग भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई कर रहा है। मामले की जाँच जारी है।
कामारहाटी नगर पालिका का मदन मित्रा घोटाले से क्या संबंध है?
जाँच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, कामारहाटी नगर पालिका उन नगरपालिकाओं में शामिल है जहाँ मदन मित्रा पर मध्यस्थों के ज़रिए अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरियाँ दिलाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है।
राष्ट्र प्रेस
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