ओडिशा: स्ट्रीट लाइट एस्टीमेट के लिए ₹15,000 रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता विभाग ने 19 जून 2026 को जगतसिंहपुर जिले के जनरल इलेक्ट्रिकल डिवीजन (GED) के जूनियर इंजीनियर सोमा दास को एक ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने का एस्टीमेट तैयार करने के एवज में ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। यह कार्रवाई एक पूर्व-नियोजित जाल के तहत की गई, जो पंचायत कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर बिछाया गया था।
मामले का पूरा घटनाक्रम
8 मई को ग्राम पंचायत प्राधिकरण ने स्ट्रीट लाइट कार्य का वर्क ऑर्डर प्राप्त करने के लिए एस्टीमेट तैयार करने हेतु आवश्यक पत्र जूनियर इंजीनियर सोमा दास को सौंपा। सतर्कता सूत्रों के अनुसार, दास ने बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद बिना किसी ठोस कारण के एस्टीमेट को लंबित रखा। इसके बाद उन्होंने कुल अनुमानित कार्य लागत ₹15 लाख का 1 प्रतिशत अर्थात ₹15,000 रिश्वत के रूप में माँगे।
कोई विकल्प न देख कार्यकारी अधिकारी ने ओडिशा सतर्कता विभाग से संपर्क कर उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की।
जाल और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर 19 जून को सतर्कता दल ने जाल बिछाया। आरोपी सोमा दास को उनके कार्यालय कक्ष में कार्यकारी अधिकारी से ₹15,000 की रिश्वत माँगते और स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। गवाहों की उपस्थिति में रिश्वत की पूरी राशि दास के पास से बरामद कर जब्त कर ली गई। एक वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद कटक स्थित दास के किराए के मकान और जगतसिंहपुर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। दास को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
कोरापुट में एईई के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति बरामद
इसी दिन एक अन्य मामले में, सतर्कता दल ने कोरापुट जिले के कोटपाड़ा ब्लॉक के सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE) सत्यनारायण सेठी से जुड़ी संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की। उन पर ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
छापेमारी में बरामद संपत्तियों में दो फ्लैट (जिनमें एक बेनामी), 14 एकड़ में फैले दो फार्महाउस, 49 मूल्यवान भूखंड (जिनमें 17 बेनामी), लगभग 940 ग्राम सोना, लगभग 2.5 किलोग्राम चांदी, ₹5.48 लाख नकद, ₹60.92 लाख से अधिक की जमा राशि, एक बेनामी चार पहिया वाहन और अन्य संपत्तियाँ शामिल हैं।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार सार्वजनिक निर्माण और पंचायत-स्तरीय बुनियादी ढाँचे में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रही है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी रिश्वत की माँग सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। सतर्कता विभाग की यह कार्रवाई ओडिशा में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत हाल के हफ्तों में की गई कई कार्रवाइयों में से एक है।
दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी है और अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।