ओडिशा विजिलेंस का एक्शन: जूनियर इंजीनियर और सहयोगी ₹1.36 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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ओडिशा विजिलेंस का एक्शन: जूनियर इंजीनियर और सहयोगी ₹1.36 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा विजिलेंस ने नयागढ़ में जूनियर इंजीनियर केशव सुबुधि और सहयोगी आशुतोष बलियारसिंह को MMSY के बकाया बिल पास करने के एवज में ₹1.36 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। तीन स्थानों पर तलाशी में पुराने नोट भी बरामद हुए।

मुख्य बातें

ओडिशा विजिलेंस ने 17 मई 2026 को नयागढ़ जिले के खंडापारा में जूनियर इंजीनियर केशव सुबुधि और सहयोगी आशुतोष बलियारसिंह को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि दोनों ने मुख्यमंत्री सड़क योजना (MMSY) के 2021-22 के बकाया बिल पास करने और सुरक्षा जमा वापसी के बदले ठेकेदार से ₹1,36,000 की रिश्वत ली।
ठेकेदार तीन-चार महीनों से माप लेने और बिल मंजूर कराने का अनुरोध कर रहा था; रिश्वत की माँग से परेशान होकर उसने विजिलेंस को शिकायत दी।
गिरफ्तारी के बाद तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी; ₹2,000 के 17 पुराने नोट सरकारी आवास से जब्त।
दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जाँच जारी।

ओडिशा विजिलेंस विभाग ने रविवार, 17 मई 2026 को नयागढ़ जिले के खंडापारा में एक जूनियर इंजीनियर और उसके सहयोगी को ₹1,36,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने मुख्यमंत्री सड़क योजना (MMSY) के तहत 2021-22 में हुए निर्माण और रखरखाव कार्यों के बकाया बिल पास करने और सुरक्षा जमा राशि वापस कराने के एवज में एक ठेकेदार से यह रकम वसूली।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों में केशव सुबुधि शामिल हैं, जो नयागढ़ जिले के भपुर ग्रामीण कार्य अनुभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर हैं। दूसरे आरोपी आशुतोष बलियारसिंह हैं, जो एक निजी व्यक्ति हैं और सुबुधि के अनौपचारिक सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहे थे। एक वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी ने बताया कि दोनों को उस समय पकड़ा गया जब वे MMSY के 2021-22 के कार्यों के बिल पास करने और सुरक्षा जमा वापस करने के बदले ठेकेदार से ₹1,36,000 की रिश्वत ले रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

रखरखाव का काम पूरा होने के बाद ठेकेदार पिछले तीन-चार महीनों से जूनियर इंजीनियर सुबुधि से बार-बार अनुरोध कर रहा था कि वे माप लें और सुरक्षा जमा राशि जारी करवाने में सहायता करें। सरकारी नियमों के अनुसार, रखरखाव अवधि पूरी होने के बाद प्रारंभिक सुरक्षा जमा (ISD) को सुरक्षा जमा के साथ ठेकेदार को लौटाया जाता है। यदि रखरखाव कार्यों का माप नहीं लिया जाता, तो ISD और सुरक्षा जमा जब्त कर ली जाती है।

आरोपी जूनियर इंजीनियर ने माप लेने और बकाया बिल मंजूर करने के लिए कथित तौर पर ₹1.36 लाख की रिश्वत की माँग की। इस माँग से परेशान होकर ठेकेदार ने विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

विजिलेंस का जाल और गिरफ्तारी

शिकायत के आधार पर विजिलेंस अधिकारियों ने रविवार को एक सुनियोजित जाल बिछाया। जूनियर इंजीनियर सुबुधि ने ठेकेदार को खंडापारा स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया और रिश्वत की रकम अपने सहयोगी बलियारसिंह को सौंपने को कहा। गवाहों की उपस्थिति में दोनों से ₹1,36,000 की पूरी रकम बरामद कर ली गई।

तलाशी अभियान और बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने एक साथ तीन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया — खंडापारा स्थित सरकारी आवास, भुवनेश्वर के हंसपाल स्थित मेट्रो अपार्टमेंट में सुबुधि का फ्लैट, और उनका कार्यालय। खंडापारा के सरकारी आवास से ₹2,000 के 17 पुराने नोट भी जब्त किए गए।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जाँच जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ओडिशा सरकार सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। विजिलेंस विभाग ने संकेत दिया है कि आगे और खुलासे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सवाल उठता है कि इससे ऊपर की श्रृंखला में जवाबदेही कितनी है। ओडिशा विजिलेंस की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच केवल मोहरों तक सीमित रहेगी या उन वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचेगी जिनकी मिलीभगत के बिना ऐसे नेटवर्क पनपते नहीं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विजिलेंस ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
ओडिशा विजिलेंस ने 17 मई 2026 को नयागढ़ जिले के भपुर ग्रामीण कार्य अनुभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर केशव सुबुधि और उनके सहयोगी आशुतोष बलियारसिंह को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने MMSY के तहत 2021-22 के बकाया बिल पास करने और सुरक्षा जमा वापस करने के बदले एक ठेकेदार से ₹1,36,000 की रिश्वत ली।
मुख्यमंत्री सड़क योजना (MMSY) में रिश्वत का क्या संबंध था?
MMSY ओडिशा सरकार की ग्रामीण सड़क निर्माण और रखरखाव योजना है। इस मामले में जूनियर इंजीनियर ने 2021-22 के रखरखाव कार्यों का माप लेने और ठेकेदार की सुरक्षा जमा राशि जारी करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत की माँग की, जो सरकारी नियमों का उल्लंघन है।
विजिलेंस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
ठेकेदार ने रिश्वत की माँग से परेशान होकर विजिलेंस अधिकारियों को शिकायत दी। इसके बाद अधिकारियों ने जाल बिछाया और जूनियर इंजीनियर सुबुधि के खंडापारा स्थित सरकारी आवास पर गवाहों की उपस्थिति में ₹1,36,000 की पूरी रकम बरामद करते हुए दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
तलाशी अभियान में क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने खंडापारा के सरकारी आवास, भुवनेश्वर के हंसपाल स्थित मेट्रो अपार्टमेंट और कार्यालय — तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। खंडापारा के सरकारी आवास से ₹2,000 के 17 पुराने नोट जब्त किए गए।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जाँच जारी है। विजिलेंस विभाग ने संकेत दिया है कि आगे और खुलासे हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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