27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ओडिशा में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस गया है? टैक्‍स अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ओडिशा में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस गया है? टैक्‍स अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

सारांश

ओडिशा में एक वरिष्ठ कर अधिकारी की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है। इस मामले में रिश्वत मांगने वाले अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा गया। क्या यह सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम का एक हिस्सा है?

मुख्य बातें

उमाकांत महाकुर को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया।
ओडिशा सतर्कता विभाग ने सख्त कार्रवाई जारी रखने का भरोसा दिलाया।

भुवनेश्वर, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के सतर्कता विभाग ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बलांगीर जिले के ततलागढ़ में तैनात एक वरिष्ठ कर अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी अधिकारी ने एक व्यवसायी से तीन वित्तीय वर्षों से लंबित व्यावसायिक कर पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

सतर्कता विभाग के अनुसार, आरोपी उमाकांत महाकुर, जो वर्तमान में सहायक कर एवं जीएसटी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, को 29 अक्टूबर को 12,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। विभाग ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि शिकायतकर्ता (व्यवसायी) ने अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की सूचना विभाग को दी थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को उसके कार्यालय में पकड़ लिया।

जांच के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने तीन वर्षों (प्रति वर्ष 2,500 रुपए की दर से कुल 7,500 रुपए) का व्यावसायिक टैक्‍स अदा नहीं किया था। इस पर अधिकारी ने उसे कर, जुर्माना और ब्याज सहित कुल 23,600 रुपए का भुगतान करने का नोटिस जारी किया था। जब शिकायतकर्ता ने केवल टैक्‍स की राशि चुकाने का अनुरोध किया तो महाकुर ने ऐसा करने से इनकार करते हुए जुर्माना और ब्याज माफ करने के लिए 12,000 रुपए की रिश्वत की मांग की।

रिश्वत देने से इनकार करने पर शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत ओडिशा सतर्कता विभाग से की। शिकायत सत्यापित होने के बाद विभाग ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। बुधवार को इस अभियान के दौरान, महाकुर को उसके कार्यालय में रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। गवाहों की मौजूदगी में पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।

इसके बाद सतर्कता टीम ने महाकुर के सुबरनपुर स्थित सरकारी आवास, बलांगीर के गांधीनगर पाड़ा स्थित निजी घर और टिटलागढ़ स्थित कार्यालय कक्ष में एक साथ तलाशी अभियान भी चलाया।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ओडिशा सतर्कता विभाग ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी सरकारी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह सराहनीय है। सभी सरकारी कर्मचारियों को यह समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
ओडिशा सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। हाल की गिरफ्तारी इसका उदाहरण है।
महाकुर को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
उमाकांत महाकुर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने एक व्यवसायी से जुर्माना माफ करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
क्या यह पहली बार है जब किसी सरकारी अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा गया?
नहीं, यह पहली बार नहीं है। लेकिन इस गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले