क्या ओडिशा में रिश्वत के मामले में दो इंजीनियर्स गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
- सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ रही है।
- ठेकेदारों को अब सुरक्षा मिलेगी।
- सतर्कता विभाग की कार्यवाही के परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार में कमी आ सकती है।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ रही है।
भुवनेश्वर, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के सतर्कता विभाग ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए मयूरभंज जिले में एक ठेकेदार से 60,000 रुपए की रिश्वत मांगने और स्वीकारने के आरोप में दो इंजीनियरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान हरेकृष्ण सिंह, सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई), और सुब्रत मोहंती, कनिष्ठ अभियंता (जेई) के रूप में की गई है। ये दोनों मयूरभंज जिले के उदाला उपमंडल में स्थित ओडिशा लिफ्ट इरिगेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कार्यरत हैं।
सतर्कता विभाग के सूत्रों ने बताया कि ठेकेदार के लंबित बिलों के निपटारे के लिए 60,000 रुपए की रिश्वत (एईई का हिस्सा 32,000 रुपए और जेई का 28,000 रुपए) लेने के आरोप में दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
एक सतर्कता अधिकारी ने बताया, “ठेकेदार ने 25 लाख रुपए की परियोजनाएं पूरी की थीं। हालांकि, अभियुक्त एईई और जेई ने लगभग 5 लाख रुपए के बिल रोक रखे थे और सुरक्षा जमा राशि भी जारी नहीं की थी, साथ ही 4.5 प्रतिशत1.10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। इस प्रकार के उत्पीड़न से परेशान होकर ठेकेदार ने सतर्कता अधिकारियों से संपर्क किया।”
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने सोमवार को जाल बिछाया और अभियुक्त हरेकृष्ण सिंह (एईई) और सुब्रत मोहंती (जेई) को शिकायतकर्ता ठेकेदार से 60,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गवाहों की उपस्थिति में दोनों अभियुक्तों से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
जाल बिछाने के बाद, बालासोर के खुंटा स्थित हरेकृष्ण सिंह के घर और उनके कार्यालय, तथा बारीपाड़ा स्थित मोहंती के आवासीय घर और रायरांगपुर स्थित उनके पैतृक घर और उनके कार्यालय में एक साथ तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को सिंह के घर से 1.80 लाख रुपए बरामद हुए।