मनोज तिवारी ने डेरावल नगर में रामलीला भूमि पूजन किया, 'कालनेमियों' से सावधान रहने की दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 30 अगस्त को दिल्ली के डेरावल नगर में नव श्री मानव धर्म रामलीला कमेटी के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस वार्षिक रामलीला में तिवारी अंगद की भूमिका निभाते हैं और इस बार भी वही किरदार अदा करेंगे।
भूमि पूजन और रामलीला का महत्व
भूमि पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत में तिवारी ने कहा, 'कमेटी की पूरी टीम धार्मिक और आध्यात्मिक है। ये लोग रामलीला को पूरे 10 दिन का यज्ञ समझकर करते हैं। मुझे उनका संरक्षक होने का सौभाग्य प्राप्त है। हर बार की तरह इस बार भी यह रामलीला पूरे देशभर में सबसे अच्छी रामलीलाओं में शुमार होगी, मुझे पूरा विश्वास है।'
कालनेमि के रूपक से विपक्ष पर निशाना
तिवारी ने रामचरितमानस के पात्र कालनेमि का प्रतीकात्मक उपयोग करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल होने से हिचकिचाते हैं, वे भी स्वार्थ सिद्ध होने पर 'राम-राम' का जाप करने लगते हैं और जब सुविधाजनक लगे तो राम का अपमान भी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग महर्षि वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास और भारतीय संस्कृति का अपमान करते हैं और इसीलिए 'कालनेमियों' से सावधान रहने की ज़रूरत है।
जेन-जी और सनातन परंपराएँ
युवा पीढ़ी पर बोलते हुए तिवारी ने कहा, 'हमारे देश की जेन-जी बहुत दूरदर्शी है। आज तीर्थयात्रा पर कांवड़ कौन ले जाता है? यही पीढ़ी ले जाती है।' उन्होंने जोड़ा कि जेन-जी सनातन परंपराओं और आध्यात्मिकता से गहराई से जुड़ी है, लेकिन कुछ तत्व जानबूझकर उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक आयोजनों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि दिल्ली में रामलीला का आयोजन सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है। तिवारी की टिप्पणियाँ सीधे किसी पार्टी का नाम लिए बिना विपक्ष पर सांस्कृतिक दोहरेपन का आरोप लगाती हैं। आने वाले हफ्तों में रामलीला कार्यक्रम की तारीखें और विस्तृत कार्यक्रम कमेटी द्वारा घोषित किए जाएँगे।