31 जुलाई 2026
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बूंदी में VDO मुकेश कुमार ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB ने बिछाया था जाल

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बूंदी में VDO मुकेश कुमार ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB ने बिछाया था जाल

सारांश

राजस्थान ACB ने बूंदी में ग्राम विकास अधिकारी मुकेश कुमार को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी पंगहट निर्माण कार्य के भुगतान के बदले ₹4.50 लाख माँग रहा था। पकड़े जाने पर उसने नकदी सड़क पर फेंकने की कोशिश की।

मुख्य बातें

ACB बूंदी ने 15 जून 2026 को VDO मुकेश कुमार को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी गरदादा ग्राम पंचायत में तैनात था और तारू एंड कंपनी के निर्माण कार्य भुगतान के बदले ₹4.50 लाख माँग रहा था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने नकदी सड़क पर फेंक दी — ACB ने इसे सबूत मिटाने का प्रयास बताया।
अभियान उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीना की देखरेख में और DSP प्रेमचंद के नेतृत्व में चलाया गया।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज; ADG स्मिता श्रीवास्तव और IG एस.
परिमाला की निगरानी में जाँच जारी।
ACB हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सएप नंबर 9413502834 पर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

राजस्थान के बूंदी जिले में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) की बूंदी इकाई ने सोमवार, 15 जून 2026 को ग्राम विकास अधिकारी (VDO) मुकेश कुमार को ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोचा। आरोपी गरदादा ग्राम पंचायत में तैनात था और एक सार्वजनिक जल स्रोत (पंगहट) निर्माण परियोजना के भुगतान के बदले यह राशि माँग रहा था।

मुख्य घटनाक्रम

ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, आरोपी मुकेश कुमार बूंदी जिले के गेंडोली पुलिस थाना क्षेत्र के जयस्थल गाँव के निवासी हैं और बूंदी पंचायत समिति के अंतर्गत गरदादा ग्राम पंचायत में VDO पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता की फर्म तारू एंड कंपनी द्वारा गरदादा ग्राम पंचायत में किए गए निर्माण कार्य का भुगतान जारी करने के एवज में आरोपी ने कथित तौर पर लगभग ₹4.50 लाख की माँग रखी थी।

शिकायत मिलने के बाद ACB ने उसकी पुष्टि की और ACB कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीना की देखरेख में जाल बिछाया गया। अभियान का संचालन ACB बूंदी के पुलिस उप अधीक्षक प्रेमचंद ने किया।

रिश्वत लेते पकड़े जाने की परिस्थितियाँ

आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹50,000 नकद अपने किराए के मकान के बाहर लिए और राशि अपनी जेब में रख ली। जैसे ही ACB टीम मौके पर पहुँची, आरोपी ने नकदी जेब से निकालकर सड़क पर फेंक दी — जो सबूत मिटाने का स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है। इसके बावजूद ACB टीम ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जाँच

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएँ अतिरिक्त महानिदेशक, ACB, स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक, ACB, एस. परिमाला की निगरानी में पूरी की जा रही हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की जाँच जारी है।

आम जनता पर असर और ACB की अपील

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में पंचायत स्तरीय भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि सरकारी निर्माण कार्यों के भुगतान में देरी और मध्यस्थों की माँग एक पुरानी समस्या रही है। ACB ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की घटनाओं की रिपोर्ट 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर करें। ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि नागरिकों के वैध कार्य भ्रष्टाचार-मुक्त तरीके से संपन्न कराए जाएँगे।

आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि ₹4.50 लाख की कुल माँग में से बाकी राशि की वसूली कब और कैसे की जानी थी, और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की गिरफ्तारी सुर्खियाँ बनती है, लेकिन असली सवाल यह है कि ₹4.50 लाख की माँग किस व्यवस्था की उपज है — और क्या एकल गिरफ्तारियाँ उस ढाँचे को बदल सकती हैं। राजस्थान ACB की सक्रियता सराहनीय है, पर जब तक पंचायत-स्तरीय भुगतान प्रणाली डिजिटल और पारदर्शी नहीं होती, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बूंदी में किस VDO को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
गरदादा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम विकास अधिकारी मुकेश कुमार को 15 जून 2026 को ACB बूंदी ने ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वे बूंदी जिले के जयस्थल गाँव के निवासी हैं।
VDO मुकेश कुमार किस काम के बदले रिश्वत माँग रहा था?
आरोपी गरदादा ग्राम पंचायत में शिकायतकर्ता की फर्म तारू एंड कंपनी द्वारा किए गए पंगहट (सार्वजनिक जल स्रोत) निर्माण कार्य का भुगतान जारी करने के बदले कथित तौर पर ₹4.50 लाख की माँग कर रहा था।
ACB ने गिरफ्तारी कैसे की?
शिकायत की पुष्टि के बाद ACB कोटा रेंज के DIG ओमप्रकाश मीना की देखरेख में जाल बिछाया गया और DSP प्रेमचंद के नेतृत्व में छापेमारी की गई। आरोपी को अपने किराए के मकान के बाहर ₹50,000 स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।
आरोपी के खिलाफ कौन-सा कानूनी मामला दर्ज हुआ है?
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। ADG स्मिता श्रीवास्तव और IG एस. परिमाला की निगरानी में पूछताछ और अन्य कानूनी कार्यवाही जारी है।
भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज कराएँ?
राजस्थान ACB ने नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की घटनाएँ 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर रिपोर्ट करें। ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं के वैध कार्य भ्रष्टाचार-मुक्त तरीके से पूरे कराए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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