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वांग यी-शिसिर खनल फोन वार्ता: नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर आपदा पर दोनों देशों में समन्वय

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वांग यी-शिसिर खनल फोन वार्ता: नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर आपदा पर दोनों देशों में समन्वय

सारांश

नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर ढहने से आई भीषण आपदा के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी और नेपाली विदेश मंत्री शिसिर खनल के बीच 29 अगस्त को फोन वार्ता हुई। दोनों देशों ने बचाव, राहत और भविष्य में आपदा न्यूनीकरण पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 29 अगस्त को नेपाली विदेश मंत्री शिसिर खनल से फोन पर बातचीत की।
नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में ग्लेशियर ढहने से भीषण भूस्खलन और बाढ़ आई, दोनों देशों में जनहानि और लापता व्यक्तियों की खबर।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तुरंत निर्देश दिए; प्रधानमंत्री ली छ्यांग आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुँचे।
चीन ने नेपाल को आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान की।
दोनों देशों ने पुनर्निर्माण, आपदा न्यूनीकरण और जलवायु परिवर्तन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 29 अगस्त को नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनल से फोन पर बातचीत की, जिसमें नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में अचानक ग्लेशियर ढहने से उत्पन्न भीषण भूस्खलन और बाढ़ आपदा पर चर्चा हुई। इस आपदा में दोनों देशों को भारी जनहानि हुई है और कई लोग अभी भी लापता हैं।

आपदा की गंभीरता

वांग यी ने वार्ता में कहा कि यह हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आई सबसे गंभीर सीमा-पार आपदा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्य की जटिलता और कठिनाई अभूतपूर्व है और चीन इस स्थिति को अत्यधिक गंभीरता से ले रहा है। गौरतलब है कि ग्लेशियर के अचानक ढहने से उत्पन्न इस आपदा ने सीमा के दोनों ओर के समुदायों को प्रभावित किया है।

चीनी नेतृत्व की प्रतिक्रिया

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तुरंत महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए, जिनमें बचाव एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्यों के लिए स्पष्ट आवश्यकताएँ निर्धारित की गईं। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुँचे और मौके पर राहत कार्यों का मार्गदर्शन किया। चीन ने अपने राहत कार्यों के साथ-साथ नेपाल को भी आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान की।

नेपाल की प्रतिक्रिया और आभार

विदेश मंत्री शिसिर खनल ने नेपाली नेतृत्व की ओर से चीन सरकार, चीनी जनता और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल और चीन दोनों आपदा-प्रभावित देश हैं, फिर भी चीन ने कठिनाइयों के बावजूद सबसे पहले नेपाल को संवेदना और सहायता प्रदान की — जो नेपाल-चीन संबंधों के उच्च स्तर को दर्शाता है।

आगे का सहयोग

नेपाल ने चीन के साथ मिलकर लापता चीनी नागरिकों और अन्य देशों के लापता व्यक्तियों के बचाव का भरसक प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई। इसके अलावा, दोनों देशों ने पुनर्निर्माण, आपदा न्यूनीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर आपदाओं की आवृत्ति बढ़ती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दक्षिण एशिया में भारत के पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र में बीजिंग की सक्रिय कूटनीति को रेखांकित करता है। हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी सीमा-पार आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है, जो भविष्य में बहुपक्षीय आपदा प्रबंधन ढाँचे की आवश्यकता को उजागर करती है। मुख्यधारा की कवरेज मानवीय पहलू पर केंद्रित है, लेकिन इस संकट का उपयोग चीन-नेपाल रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए किए जाने की संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग यी और शिसिर खनल के बीच फोन वार्ता क्यों हुई?
नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में ग्लेशियर ढहने से आई भीषण भूस्खलन और बाढ़ आपदा के बाद राहत समन्वय और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा के लिए यह वार्ता 29 अगस्त को हुई। दोनों देशों में जनहानि और लापता व्यक्तियों की स्थिति को देखते हुए यह संपर्क ज़रूरी था।
नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर आपदा कितनी गंभीर है?
वांग यी के अनुसार यह हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आई सबसे गंभीर सीमा-पार आपदा है। दोनों देशों में भारी जनहानि हुई है और कई लोग अभी भी लापता हैं; राहत कार्य की जटिलता को अभूतपूर्व बताया गया है।
चीन ने नेपाल को आपदा में क्या सहायता दी?
चीन ने आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान की। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुँचे और राहत कार्यों का मार्गदर्शन किया। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बचाव एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तुरंत निर्देश जारी किए।
इस आपदा के बाद नेपाल और चीन आगे क्या करेंगे?
दोनों देशों ने पुनर्निर्माण, आपदा न्यूनीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। नेपाल ने लापता चीनी नागरिकों और अन्य देशों के लापता व्यक्तियों के बचाव में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस आपदा का नेपाल-चीन संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
नेपाली विदेश मंत्री शिसिर खनल ने कहा कि चीन का तत्काल सहायता प्रदान करना नेपाल-चीन रणनीतिक साझेदारी के उच्च स्तर को दर्शाता है। दोनों देश इस संकट के बाद द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के इच्छुक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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