नेपाल बाढ़ त्रासदी: BJP सांसद बृजलाल का आरोप — चीन ने समय पर चेतावनी नहीं दी, भारत ने भेजे दो ग्लोबमास्टर विमान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद बृजलाल और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 28 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख जताया। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत इस संकट की घड़ी में नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और राहत व बचाव कार्यों में हरसंभव सहायता जारी है।
चीन पर चेतावनी न देने का आरोप
BJP सांसद बृजलाल ने दावा किया कि चीन के पास नेपाल में आने वाली इस आपदा को लेकर समय रहते चेतावनी देने का अवसर था, लेकिन जानकारी समय पर साझा न किए जाने के कारण नुकसान और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त पूर्व-सूचना मिली होती तो जान-माल की हानि को कम किया जा सकता था।
बृजलाल ने भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की साझा नदी-प्रणाली के कारण ऐसी आपदाओं में समन्वय और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।
भारत की राहत कार्रवाई
सांसद बृजलाल ने बताया कि भारत की ओर से राहत सामग्री लेकर दो ग्लोबमास्टर विमान नेपाल पहुँच चुके हैं और भारतीय दल वहाँ राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं। उन्होंने नेपाल की जनता से भविष्य में ऐसी आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की अपील भी की।
बृजलाल ने यह भी रेखांकित किया कि नेपाल से आने वाला पानी भारत के सीमावर्ती इलाकों को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए भारत को भी इस घटना से सबक लेते हुए सतर्कता बरतनी होगी।
PM मोदी की नेपाल PM से बातचीत
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत की है और भारत की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया गया है। हुसैन ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग हताहत हुए हैं और जनहानि का सिलसिला अत्यंत दुखद है।
उत्तर प्रदेश और बिहार पर असर की आशंका
हुसैन ने चेताया कि नेपाल में जारी घटनाक्रम का असर भारत के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि नेपाल की नदियों का पानी इन राज्यों में प्रवेश करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी हैं और राहत दलों के अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में हिमालयी क्षेत्र की नदियाँ उफान पर होती हैं और भारत-नेपाल सीमावर्ती राज्य हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। भारत सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और ग्लोबमास्टर विमानों की तैनाती इस बात का संकेत है कि द्विपक्षीय संबंधों में आपदा-प्रबंधन सहयोग एक प्राथमिकता बना हुआ है।