नेपाल बाढ़ पर बिहार एनडीए नेताओं की चिंता, मांझी ने चीन पर लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शीर्ष नेताओं ने 27 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताई और चेतावनी दी कि इस तबाही की लहर बिहार तथा उत्तर प्रदेश तक पहुँच सकती है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस आपदा के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए राजनीतिक बयान दिया।
नेताओं की संवेदनाएँ और चेतावनी
सारण से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने नेपाल में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बादल फटने जैसी प्राकृतिक घटनाओं का सटीक पूर्वानुमान लगाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। रूडी ने ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी और व्यापक विमर्श की आवश्यकता पर बल दिया।
बिहार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इस संकट को नेपाल से बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैली प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल के न्यूनतम नुकसान की कामना करते हुए सामूहिक प्रयास की अपील की।
कुशवाहा की संवेदना, भारतीयों पर चिंता
राष्ट्रीय लोक मंच (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने नेपाल में हुई तबाही पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने लापता लोगों में भारतीय नागरिकों के होने की खबरों पर विशेष चिंता जताई।
मांझी का चीन पर आरोप
केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया कि नेपाल में आई बाढ़ के लिए चीन जिम्मेदार है। उनका तर्क था कि तिब्बत पर चीन का नियंत्रण होने के बावजूद उसने वहाँ पानी रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। मांझी ने कहा कि यदि समय रहते पानी को नियंत्रित किया जाता, तो नेपाल में स्थिति इतनी भयावह नहीं होती और बिहार को भी इस खतरे का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने नेपाल में हुई मौतों तथा घरों और संपत्ति के विनाश को स्वीकार करते हुए कहा कि नेपाल से बहकर आने वाला पानी बिहार के कुछ हिस्सों में बाढ़ का खतरा पैदा कर सकता है।
बिहार में स्थिति और तैयारी
मांझी ने स्पष्ट किया कि बिहार में स्थिति शुरुआती आशंकाओं जितनी गंभीर नहीं है। उन्होंने राज्य प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत व बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हर मानसून सत्र में नेपाल से आने वाली बाढ़ का पानी उत्तर बिहार के जिलों को प्रभावित करता है।