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नेपाल आपदा पर मनोज झा की माँग: भारत सरकार हरसंभव मदद करे, बिहार-UP में भी अलर्ट

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नेपाल आपदा पर मनोज झा की माँग: भारत सरकार हरसंभव मदद करे, बिहार-UP में भी अलर्ट

सारांश

नेपाल में भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद भारतीय राजनीतिक दल एकजुट होकर केंद्र सरकार से तत्काल राहत की माँग कर रहे हैं। RJD, कांग्रेस और JDU — सभी ने अलग-अलग स्वर में नेपाल को मदद और बिहार में बाढ़ की तैयारी पर ज़ोर दिया है।

मुख्य बातें

RJD प्रवक्ता मनोज झा ने 27 अगस्त को भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने की माँग की।
कांग्रेस के राकेश सिन्हा ने भारतीय वायु सेना को रेस्क्यू ऑपरेशन में भेजने और लापता भारतीयों की तलाश तेज़ करने का आग्रह किया।
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बिहार CM सम्राट चौधरी ने मिथलांचल की बाढ़ चुनौतियों को केंद्र के सामने रखा था।
RJD सांसद मीसा भारती ने भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर राज्य सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर NDA सरकार पर ठोस समाधान न निकालने का आरोप लगाया।
नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में बाढ़ अलर्ट जारी।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मनोज झा ने 27 अगस्त को नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को 'हाल के दिनों में अभूतपूर्व' बताते हुए भारत सरकार से तत्काल और हरसंभव सहायता प्रदान करने की अपील की। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भय का वातावरण बना हुआ है और इन परिस्थितियों को और चुनौतीपूर्ण होने से रोकने के लिए पूरी तैयारी ज़रूरी है।

मुख्य घटनाक्रम

झा ने कहा, 'जिस तरह हमने इमारतों, सड़कों और गाँवों को एक पल में गायब होते देखा है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस विपदा के कारणों को लेकर अलग-अलग मत हैं, लेकिन प्राथमिकता राहत और बचाव को दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, भारत को इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा होना चाहिए।

कांग्रेस और अन्य दलों की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं और ऐसे समय में भारत सरकार को अविलंब हर संभव मदद नेपाल तक पहुँचानी चाहिए। उन्होंने भारतीय वायु सेना को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल करने की माँग की और कहा कि नेपाल में लापता हुए भारतीय नागरिकों की तलाश तेज़ की जाए।

जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में नेपाल से आने वाली बाढ़ से मिथलांचल को होने वाली चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में आपदा नीति बनाने का काम किया और बाढ़-पूर्व प्रबंधन पर ध्यान दिया गया है, फिर भी मधेपुरा से लेकर मिथलांचल तक की चुनौतियाँ बरकरार हैं।

बिहार में बाढ़ अलर्ट और विपक्ष के सवाल

नेपाल में आई बाढ़ के प्रभाव को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। RJD सांसद मीसा भारती ने कहा कि बिहार के लिए बाढ़ नई बात नहीं है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक कोई विशेष तैयारी नहीं की। उन्होंने भागलपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर का हवाला देते हुए श्रमिकों की जान जोखिम में डालने पर सवाल उठाए।

RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नेपाल में बाढ़ की वजह से ही भारत में भी बाढ़ का खतरा बढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार होने के बावजूद इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।

आम जनता पर असर

नेपाल की सीमा से लगे बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। नेपाल में कई लोगों के लापता होने की सूचनाएँ मिल रही हैं, जिनमें कुछ भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पहले से ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में अपना असर दिखा रहा है।

क्या होगा आगे

राजनीतिक दलों की माँग है कि भारत सरकार नेपाल को राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और वायु सेना के ज़रिये बचाव अभियान में तत्काल सहयोग दे। साथ ही, बिहार सरकार से अपेक्षा है कि वह सीमावर्ती ज़िलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ और मज़बूत करे ताकि बाढ़ का असर कम से कम हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उजागर करती है कि बिहार-नेपाल सीमा पर बाढ़ प्रबंधन दशकों से राजनीतिक वादों और ज़मीनी हकीकत के बीच फँसा हुआ है। हर बार आपदा के बाद केंद्र से माँगें उठती हैं, लेकिन स्थायी समाधान — जैसे नेपाल के साथ संयुक्त जल-प्रबंधन तंत्र — पर कोई ठोस प्रगति नहीं दिखती। यह ध्यान देने योग्य है कि सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों नेपाल को मदद की बात करते हैं, लेकिन बिहार में बाढ़ की पुरानी समस्या पर एक-दूसरे पर आरोप लगाने से आगे नहीं बढ़ते। जब तक नेपाल-भारत जल संधि और साझा आपदा प्रतिक्रिया ढाँचा नहीं बनता, यह चक्र हर मानसून में दोहराया जाता रहेगा।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर मनोज झा ने क्या कहा?
RJD प्रवक्ता मनोज झा ने इसे हाल के दिनों में अभूतपूर्व आपदा बताया और भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश में डर का माहौल है और पूरी तैयारी दुरुस्त रखना ज़रूरी है।
कांग्रेस ने नेपाल आपदा पर भारत सरकार से क्या माँग की?
कांग्रेस के राकेश सिन्हा ने भारत सरकार से तत्काल राहत भेजने, भारतीय वायु सेना को रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल करने और नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों की तलाश तेज़ करने की माँग की।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर क्या असर पड़ रहा है?
नेपाल में बाढ़ के कारण बिहार के सीमावर्ती ज़िलों में अलर्ट जारी किया गया है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और मधेपुरा से लेकर मिथलांचल तक के इलाके प्रभावित होते हैं।
JDU ने नेपाल आपदा और बिहार बाढ़ पर क्या रुख अपनाया?
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि CM सम्राट चौधरी पहले ही केंद्र के सामने मिथलांचल की बाढ़ चुनौतियाँ रख चुके हैं और नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में आपदा नीति बनाई गई है। उन्होंने केंद्र से स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया।
तेजस्वी यादव ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नेपाल की बाढ़ से भारत में भी बाढ़ का खतरा बढ़ता है और केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर NDA सरकार होने के बावजूद इतने वर्षों में कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
राष्ट्र प्रेस
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