नेपाल बाढ़: रसुवा में तबाही पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने जताया दुख, PM मोदी ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक जनहानि और तबाही मचाई है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बात कर भारत की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ में कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अन्य लापता हैं।
नितिन नवीन का संदेश और भारत का आश्वासन
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि नेपाल में आई बाढ़ से हुई व्यापक जनहानि और तबाही अत्यंत दुखद है। उन्होंने नेपाल के लोगों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना की। नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत में भारत की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सीमावर्ती आपदा प्रबंधन सहयोग पहले से ही सक्रिय है।
रसुवा में तबाही का पैमाना
कांतिपुर समाचार के अनुसार बागमती प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी ने शव मिलने की पुष्टि की है। दो घायलों को इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है। काठमांडू पोस्ट ने नेपाली सेना के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और नेपाल पुलिस के साथ 14 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
लापता जवान और कर्मचारी
नेपाल-चीन सीमा के निकट उत्तरी रसुवा में APF की एक सीमा चौकी पर तैनात चार जवान अचानक आई बाढ़ के बाद से लापता हैं। APF के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से इन जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है, हालाँकि सीमा चौकी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। स्थानीय मीडिया की अपुष्ट खबरों के अनुसार रसुवा कस्टम्स कार्यालय के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। कांतिपुर टेलीविजन की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता के हवाले से 32 जवानों के लापता होने की जानकारी दी गई है।
नुवाकोट में भी नुकसान, PM बालेंद्र शाह ने की समीक्षा बैठक
'द हिमालयन टाइम्स' के अनुसार बाढ़ ने नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार के पास करीब 60 घरों को बहा दिया है और दो पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन समेत प्रभावित जिलों के संघीय सांसदों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। गौरतलब है कि नेपाल में मानसून के दौरान रसुवा और आसपास के पहाड़ी जिले हर वर्ष अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आते हैं।
आगे क्या
राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता जवानों तथा कर्मचारियों की तलाश के लिए 14 हेलिकॉप्टर सक्रिय हैं। भारत की ओर से सहायता का आश्वासन मिलने के बाद दोनों देशों के बीच समन्वय की दिशा में आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।