नेपाल बाढ़: 105 भारतीयों समेत 384 पर्यटक लापता, खड़गे ने केंद्र से तत्काल कार्रवाई की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड पर गहरा दुख व्यक्त किया और केंद्र सरकार से लापता 105 भारतीय नागरिकों का तत्काल पता लगाने की अपील की। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस आपदा में कुल 384 पर्यटक लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
खड़गे की अपील और एकजुटता का संदेश
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए खड़गे ने कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने उन्हें गहरे दुख में डाल दिया है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है। उनके अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस कठिन घड़ी में नेपाल की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
खड़गे ने भारत सरकार से स्पष्ट माँग की कि लापता भारतीयों की खोज के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस संकट की घड़ी में नेपाल को पूर्ण मानवीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से सीधी बातचीत कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक जताया। एक्स पर अपनी पोस्ट में मोदी ने लिखा, 'नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए आपस में लगातार समन्वय कर रही हैं।'
आपदा का विस्तार और प्रारंभिक आँकड़े
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 384 लापता पर्यटकों के आँकड़े अभी प्रारंभिक हैं और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से इनका सत्यापन किया जा रहा है। भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून सत्र अपने चरम पर है और पहाड़ी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का खतरा सबसे अधिक रहता है।
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक नेपाल के पर्वतीय पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं, जिससे ऐसी आपदाओं में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की संभावना अधिक रहती है।
राहत एवं बचाव की स्थिति
राहत एवं बचाव एजेंसियाँ लगातार स्थिति का आकलन करने और लापता लोगों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। भारत और नेपाल की टीमें बचाव कार्यों में समन्वय कर रही हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे संचार और पहुँच बहाल होगी, लापता लोगों की वास्तविक संख्या और स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।