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जुलाई 2026 में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान 19.6% बढ़कर ₹11.73 लाख करोड़ पर पहुंचा, UPI का दबदबा

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जुलाई 2026 में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान 19.6% बढ़कर ₹11.73 लाख करोड़ पर पहुंचा, UPI का दबदबा

सारांश

जुलाई 2026 में भारत में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान ₹11.73 लाख करोड़ पर पहुंचा — सालाना 19.6% की छलांग। UPI का हिस्सा 77.3% और क्रेडिट कार्ड की संख्या 12.29 करोड़ के पार। नकदी रहित अर्थव्यवस्था की ओर भारत की रफ़्तार तेज़ होती दिख रही है।

मुख्य बातें

जुलाई 2026 में व्यापारियों को कुल डिजिटल भुगतान ₹11.73 लाख करोड़ रहा, सालाना वृद्धि 19.6 प्रतिशत ।
UPI-P2M लेनदेन ₹9.066 लाख करोड़ — कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान का 77.3 प्रतिशत , सालाना वृद्धि 23.5 प्रतिशत ।
क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2.081 लाख करोड़ , सालाना वृद्धि 7.4 प्रतिशत ; प्रचलन में कार्ड 12.29 करोड़ ।
डिजिटल वॉलेट और प्रीपेड कार्ड से मिलाकर ₹20,300 करोड़ का लेनदेन, सालाना वृद्धि 41.1 प्रतिशत ।
ई-कॉमर्स क्रेडिट कार्ड खर्च का सबसे बड़ा माध्यम — कुल क्रेडिट कार्ड खर्च का 63.6 प्रतिशत हिस्सा।
प्रति क्रेडिट कार्ड औसत मासिक लेनदेन संख्या जून के 4.75 से बढ़कर 4.90 हुई।

जुलाई 2026 में भारत में व्यापारियों को किए गए कुल डिजिटल भुगतान का मूल्य सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर ₹11.73 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इक्विरस सिक्योरिटीज द्वारा संकलित और 28 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल मुख्यतः यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आधारित व्यापारी भुगतान और क्रेडिट कार्ड खर्च में तेज़ी के कारण आई। एक वर्ष पूर्व जुलाई 2025 में यह आंकड़ा ₹9.80 लाख करोड़ था, और जून 2026 के ₹11.17 लाख करोड़ की तुलना में मासिक वृद्धि भी लगभग 5 प्रतिशत रही।

UPI-व्यापारी भुगतान: सबसे बड़ा वृद्धि चालक

रिपोर्ट के अनुसार, UPI-पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन जुलाई में सालाना आधार पर 23.5 प्रतिशत बढ़े। इस माध्यम से कुल ₹9.066 लाख करोड़ का भुगतान हुआ, जो कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान का 77.3 प्रतिशत है। जून की तुलना में UPI-P2M की हिस्सेदारी 22 आधार अंक और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 243 आधार अंक बढ़ी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय व्यापार जगत में UPI का प्रयोग निरंतर गहरा होता जा रहा है।

क्रेडिट कार्ड और अन्य माध्यमों का प्रदर्शन

जुलाई में क्रेडिट कार्ड के ज़रिए कुल ₹2.081 लाख करोड़ का खर्च हुआ, जो जून की तुलना में 3.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत अधिक है। कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत रही।

डेबिट कार्ड के माध्यम से खर्च सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत मामूली रूप से घटा, हालांकि मासिक आधार पर 7.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह ₹37,700 करोड़ तक पहुंचा। प्रीपेड कार्ड से लगभग ₹6,600 करोड़ और डिजिटल वॉलेट से करीब ₹13,700 करोड़ का भुगतान हुआ — दोनों मिलाकर ₹20,300 करोड़, जो पिछले वर्ष से 41.1 प्रतिशत और जून से 4.3 प्रतिशत अधिक है।

क्रेडिट कार्ड बाज़ार का विस्तार

जुलाई में प्रचलन में मौजूद क्रेडिट कार्डों की संख्या बढ़कर 12.29 करोड़ हो गई, जो जून की तुलना में 12.67 लाख अधिक है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्रेडिट कार्ड उपयोग का सबसे बड़ा माध्यम बने रहे — जुलाई में कुल क्रेडिट कार्ड खर्च का 63.6 प्रतिशत ई-कॉमर्स के ज़रिए हुआ, जबकि जून में यह 63.1 प्रतिशत था।

प्रति क्रेडिट कार्ड औसत मासिक ई-कॉमर्स खर्च ₹10,772 रहा, जबकि पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों पर यह ₹6,165 था। लेनदेन के औसत आकार में ई-कॉमर्स पर एक ट्रांज़ैक्शन का मूल्य ₹4,301 और POS पर ₹2,579 दर्ज किया गया।

उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार, प्रति क्रेडिट कार्ड औसत मासिक लेनदेन संख्या जून के 4.75 से बढ़कर जुलाई में 4.90 हो गई। यह उपभोक्ताओं के बीच नकदी रहित लेनदेन की बढ़ती स्वीकार्यता और डिजिटल भुगतान की आदत के गहरे होने का स्पष्ट संकेत है। गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) डिजिटल वित्तीय समावेशन को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। आने वाले महीनों में त्योहारी सीज़न के दौरान इन आंकड़ों में और तेज़ी देखी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि समावेशी है। UPI का 77% हिस्सा स्मार्टफोन और इंटरनेट तक पहुंच रखने वाले शहरी और अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं की बदौलत है — ग्रामीण भारत में अभी भी डिजिटल लेनदेन की पहुंच सीमित है। डेबिट कार्ड में सालाना गिरावट यह भी संकेत देती है कि निम्न-आय वर्ग, जो डेबिट कार्ड पर अधिक निर्भर है, इस उछाल में उतना भागीदार नहीं है। त्योहारी सीज़न इन आंकड़ों को और ऊपर ले जाएगा, पर नीति-निर्माताओं के लिए असली कसौटी डिजिटल भुगतान को अंतिम छोर तक पहुंचाना है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुलाई 2026 में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान कितना बढ़ा?
इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में व्यापारियों को किए गए डिजिटल भुगतान का कुल मूल्य सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर ₹11.73 लाख करोड़ पर पहुंचा। जुलाई 2025 में यह आंकड़ा ₹9.80 लाख करोड़ था।
UPI-P2M भुगतान में कितनी वृद्धि हुई?
जुलाई 2026 में UPI-पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन का मूल्य ₹9.066 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 23.5 प्रतिशत की वृद्धि है। यह कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान का 77.3 प्रतिशत हिस्सा है।
जुलाई 2026 में क्रेडिट कार्ड से कितना खर्च हुआ?
जुलाई 2026 में क्रेडिट कार्ड के ज़रिए ₹2.081 लाख करोड़ का खर्च हुआ, जो सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत और जून 2026 की तुलना में 3.4 प्रतिशत अधिक है। प्रचलन में क्रेडिट कार्डों की संख्या बढ़कर 12.29 करोड़ हो गई।
डिजिटल वॉलेट और प्रीपेड कार्ड का प्रदर्शन कैसा रहा?
जुलाई 2026 में प्रीपेड कार्ड से लगभग ₹6,600 करोड़ और डिजिटल वॉलेट से करीब ₹13,700 करोड़ का भुगतान हुआ। दोनों मिलाकर ₹20,300 करोड़ का लेनदेन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41.1 प्रतिशत अधिक है।
ई-कॉमर्स और POS पर क्रेडिट कार्ड के औसत लेनदेन में क्या अंतर है?
जुलाई 2026 में ई-कॉमर्स पर एक क्रेडिट कार्ड लेनदेन का औसत मूल्य ₹4,301 रहा, जबकि दुकानों पर पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) लेनदेन का औसत मूल्य ₹2,579 था। कुल क्रेडिट कार्ड खर्च का 63.6 प्रतिशत हिस्सा ई-कॉमर्स के माध्यम से हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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