28 अगस्त 2026
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AY 2026-27 में 7 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, 31 अगस्त है व्यवसायियों की अंतिम तिथि

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AY 2026-27 में 7 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, 31 अगस्त है व्यवसायियों की अंतिम तिथि

सारांश

AY 2026-27 में 7 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हो चुके हैं — जुलाई की 5.9 करोड़ की संख्या से उल्लेखनीय उछाल। अब आयकर विभाग की नज़र उन व्यवसायियों और पेशेवरों पर है जिनके लिए 31 अगस्त 2026 अंतिम मौका है।

मुख्य बातें

आयकर विभाग ने 28 अगस्त 2026 को बताया कि AY 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हो चुके हैं।
व्यवसाय या पेशेवर आय वाले गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।
31 जुलाई 2026 की समय-सीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हुए थे, जिनमें अंतिम दिन 40 लाख से अधिक रिटर्न शामिल थे।
जुलाई के बाद व्यवसाय-पेशेवर श्रेणी की फाइलिंग से कुल संख्या 7 करोड़ के पार पहुँची।
विभाग ने पोर्टल पर तकनीकी भीड़ से बचने के लिए समय से पहले रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी।

आयकर विभाग ने 28 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि आकलन वर्ष (AY) 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने उन करदाताओं से तत्काल रिटर्न दाखिल करने की अपील की है जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते, क्योंकि उनके लिए 31 अगस्त 2026 अंतिम तिथि निर्धारित है।

मुख्य घटनाक्रम

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि AY 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक ITR पहले ही दाखिल हो चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि 31 अगस्त 2026 उन करदाताओं के लिए नियत तिथि है जिनकी व्यवसाय या पेशेवर आय है और जिन पर ऑडिट अनिवार्यता लागू नहीं होती।

विभाग ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा, 'अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें और अपना रिटर्न आज ही दाखिल करें।' यह अपील ऐसे समय में आई है जब समय-सीमा के करीब आते ही पोर्टल पर ट्रैफिक और तकनीकी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

जुलाई की समय-सीमा और तुलनात्मक आँकड़े

इससे पहले 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए गए थे — जिनमें से 40 लाख से अधिक रिटर्न केवल अंतिम दिन ही दाखिल हुए थे। यह समय-सीमा उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए थी जिन्हें खातों के ऑडिट की आवश्यकता नहीं थी।

गौरतलब है कि जुलाई की समय-सीमा के बाद भी व्यवसाय और पेशेवर आय वाले करदाताओं की फाइलिंग जारी रही, जिससे कुल संख्या बढ़कर 7 करोड़ के पार पहुँच गई। यह आँकड़ा दर्शाता है कि दोनों श्रेणियों में कर अनुपालन की गति उत्साहजनक रही है।

डिजिटल प्रणाली की भूमिका

आयकर विभाग के अनुसार, ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार और डिजिटल अवसंरचना में सुधार से कर अनुपालन में लगातार वृद्धि हो रही है। विभाग ने जुलाई में करदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा था कि 'समय पर अनुपालन और करदाताओं का भरोसा देश के विकास को गति प्रदान करता है।'

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार डिजिटल इंडिया के तहत कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर ज़ोर दे रही है। ITR पोर्टल पर पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी सुधारों से अंतिम समय की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

करदाताओं के लिए अपील

विभाग ने विशेष रूप से उन व्यवसायियों और स्वतंत्र पेशेवरों — जैसे डॉक्टर, वकील, सलाहकार — को सचेत किया है जिनकी आय पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते। ऐसे करदाताओं के लिए 31 अगस्त 2026 की समय-सीमा चूकने पर विलंब शुल्क और ब्याज का भार पड़ सकता है।

आगे की स्थिति

31 अगस्त 2026 की समय-सीमा के बाद ऑडिट श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग तिथि निर्धारित है। आयकर विभाग का अनुमान है कि अंतिम दिनों में फाइलिंग की संख्या में और तेज़ी आएगी, इसलिए पोर्टल की क्षमता पर दबाव से बचने के लिए समय पूर्व रिटर्न दाखिल करना उचित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि देश के अनुमानित कर-पात्र आधार की तुलना में यह संख्या कहाँ ठहरती है। अंतिम दिन 40 लाख रिटर्न दाखिल होना दर्शाता है कि 'अंतिम समय पर न करें' की अपील अब भी कमज़ोर पड़ रही है। डिजिटल प्रणाली की तारीफ उचित है, लेकिन पोर्टल की वास्तविक क्षमता और अंतिम दिनों की तकनीकी खामियों पर विभाग को पारदर्शी डेटा साझा करना चाहिए। कर अनुपालन में वृद्धि तब ही सार्थक है जब इसके साथ करदाता-अनुभव में भी सुधार हो।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AY 2026-27 के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि क्या है?
व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं के लिए जिन पर ऑडिट अनिवार्यता लागू नहीं होती, 31 अगस्त 2026 अंतिम तिथि है। इस तिथि के बाद रिटर्न दाखिल करने पर विलंब शुल्क और ब्याज देना पड़ सकता है।
AY 2026-27 में अब तक कितने ITR दाखिल हो चुके हैं?
आयकर विभाग के अनुसार, 28 अगस्त 2026 तक 7 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए जा चुके हैं। इससे पहले 31 जुलाई 2026 की समय-सीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हुए थे।
31 अगस्त की समय-सीमा किन करदाताओं पर लागू होती है?
यह समय-सीमा उन करदाताओं पर लागू होती है जिनकी आय व्यवसाय या पेशे (जैसे डॉक्टर, वकील, सलाहकार) से है और जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है। ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं की अंतिम तिथि अलग होती है।
अंतिम समय पर ITR दाखिल करने से क्या समस्याएँ हो सकती हैं?
आयकर विभाग के अनुसार, अंतिम दिनों में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव रहता है। 31 जुलाई 2026 को अकेले 40 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल हुए थे, जिससे सर्वर पर भारी भार पड़ा था। इसलिए विभाग ने समय से पहले रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है।
क्या ITR फाइलिंग में डिजिटल सुविधाओं का असर दिख रहा है?
आयकर विभाग का मानना है कि ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार से कर अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है। जुलाई की समय-सीमा के बाद भी बड़ी संख्या में रिटर्न दाखिल होना और कुल संख्या का 7 करोड़ के पार जाना इसी सुधार का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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