1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

AY 2026-27: 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, अंतिम दिन 40 लाख रिटर्न

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
AY 2026-27: 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, अंतिम दिन 40 लाख रिटर्न

सारांश

आकलन वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई की अंतिम तिथि तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हुए — अकेले अंतिम दिन 40 लाख रिटर्न फाइल किए गए। CBDT के संशोधित फॉर्म और बढ़ते डिजिटल अनुपालन के बीच यह आँकड़ा भारत के विस्तारित कर आधार की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

आयकर विभाग के अनुसार AY 2026-27 के लिए 31 जुलाई 2026 तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए गए।
अंतिम दिन अकेले 40 लाख से अधिक रिटर्न फाइल किए गए।
फाइलिंग की रफ्तार: 11 जुलाई तक 1.7 करोड़, 22 जुलाई तक 3 करोड़, 27 जुलाई तक 4 करोड़, 31 जुलाई को 5 करोड़ पार।
CBDT ने संशोधित ITR फॉर्म में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक नुकसान और ट्रेडिंग लेनदेन के नए खुलासे प्रावधान जोड़े।
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 9 करोड़ से अधिक ITR और ₹4.35 लाख करोड़ से अधिक का कर-रिफंड जारी किया गया था।

आयकर विभाग ने 1 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 जुलाई तक देशभर में 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए गए। अकेले अंतिम दिन 40 लाख से अधिक रिटर्न फाइल किए गए, जो दर्शाता है कि करदाताओं में अनुपालन को लेकर अंतिम घड़ी तक उत्साह बना रहा।

दिन-दर-दिन दाखिल रिटर्न का सफर

आयकर विभाग के आँकड़ों के अनुसार, फाइलिंग की रफ्तार जुलाई के अंतिम सप्ताह में तेज़ी से बढ़ी। 11 जुलाई तक 1.7 करोड़ से अधिक, 22 जुलाई तक 3 करोड़ से अधिक, 27 जुलाई तक 4 करोड़ से अधिक और 31 जुलाई की सुबह तक यह संख्या 5 करोड़ पार कर गई। दिन ढलते-ढलते यह आँकड़ा पहले 5.5 करोड़ और फिर 5.9 करोड़ से ऊपर पहुँच गया।

किन करदाताओं के लिए थी यह अंतिम तिथि

31 जुलाई की समय-सीमा उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं पर लागू थी, जिनके खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य नहीं है। विभाग ने पहले से ही करदाताओं से अपील की थी कि वे अंतिम समय का इंतज़ार न करें, ताकि ई-फाइलिंग पोर्टल पर अत्यधिक ट्रैफिक या संभावित तकनीकी बाधाओं से बचा जा सके।

नए ITR फॉर्म में क्या बदला

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित ITR फॉर्म अधिसूचित किए थे। इनमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान, कुछ ट्रेडिंग लेनदेन और अन्य वित्तीय जानकारियों के खुलासे से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और अनुपालन को सरल बनाना है।

पिछले वर्ष से तुलना

गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 9 करोड़ से अधिक करदाताओं ने ITR दाखिल किए थे। उसी अवधि में आयकर विभाग ने ₹4.35 लाख करोड़ से अधिक का कर-रिफंड जारी किया था, जो प्रत्यक्ष कर प्रशासन की बढ़ती दक्षता को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार कर आधार विस्तार और डिजिटल अनुपालन को प्राथमिकता दे रही है।

आयकर विभाग का संदेश

विभाग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'धन्यवाद, करदाताओं! एवाई 2026-27 के लिए 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए गए। आपका विश्वास और समय पर कर अनुपालन भारत की विकास यात्रा को गति देता है।' विभाग ने इसे देश की आर्थिक प्रगति में करदाताओं का सामूहिक योगदान बताया। आने वाले हफ्तों में CBDT द्वारा रिफंड प्रक्रिया में तेज़ी की उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले वर्ष के 9 करोड़ से अधिक के मुकाबले यह संख्या कम दिखती है — यह अंतर इसलिए है क्योंकि 31 जुलाई की समय-सीमा केवल गैर-ऑडिट श्रेणी के करदाताओं पर लागू होती है। असली सवाल यह है कि अंतिम दिन 40 लाख रिटर्न की भीड़ क्यों — जबकि विभाग हर साल पहले फाइल करने की अपील करता है। ई-फाइलिंग पोर्टल की क्षमता और करदाता व्यवहार में बदलाव अभी भी एक नीतिगत चुनौती बनी हुई है। CBDT के नए फॉर्म प्रावधान पारदर्शिता की दिशा में सही कदम हैं, पर उनकी जटिलता छोटे करदाताओं के लिए अनुपालन बोझ बढ़ा सकती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AY 2026-27 के लिए कितने ITR दाखिल हुए?
आयकर विभाग के अनुसार आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 जुलाई 2026 तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। अकेले अंतिम दिन 40 लाख से अधिक रिटर्न फाइल किए गए।
31 जुलाई की ITR अंतिम तिथि किन पर लागू होती है?
31 जुलाई की समय-सीमा उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए है जिनके खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य नहीं है। ऑडिट-आवश्यक श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग तिथि निर्धारित होती है।
AY 2026-27 के नए ITR फॉर्म में क्या बदलाव हैं?
CBDT ने संशोधित ITR फॉर्म में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और कुछ ट्रेडिंग लेनदेन के खुलासे से जुड़े नए प्रावधान जोड़े हैं। इनका उद्देश्य कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और अनुपालन को सरल बनाना है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ITR फाइलिंग कैसी रही?
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 9 करोड़ से अधिक करदाताओं ने ITR दाखिल किए थे। 31 जुलाई की समय-सीमा केवल गैर-ऑडिट श्रेणी पर लागू होती है, इसलिए 5.9 करोड़ का आँकड़ा उस पूरे वर्ष की संख्या से अलग है।
ITR दाखिल करने में देरी पर क्या होता है?
31 जुलाई के बाद ITR दाखिल करने पर विलंब शुल्क और ब्याज देना पड़ सकता है। आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की थी कि वे अंतिम समय का इंतज़ार न करें ताकि ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी बाधाओं से बचा जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले