रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा: पहले दिन 9.26 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ, UPSRTC का ₹9.06 करोड़ खर्च
सारांश
मुख्य बातें
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को दी गई निशुल्क बस यात्रा सुविधा का 27 अगस्त 2026 को पहले ही दिन जबरदस्त उपयोग देखने को मिला। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में 6.03 लाख से अधिक महिलाओं ने निशुल्क सफर किया, जबकि उनके साथ यात्रा करने वाले 3.22 लाख से अधिक सहयात्रियों को भी इस सुविधा का लाभ मिला। कुल मिलाकर पहले दिन 9.26 लाख से अधिक यात्रियों ने बिना किराया चुकाए सफर किया।
योजना का वित्तीय आकार
परिवहन निगम के आँकड़ों के अनुसार, इस एकदिवसीय निशुल्क यात्रा की कुल अनुमानित लागत ₹9.06 करोड़ से अधिक आँकी गई है। यह राशि राज्य सरकार द्वारा त्योहारी सीजन में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, को दी जाने वाली राहत का हिस्सा है। गौरतलब है कि यह योजना केवल रक्षाबंधन के अवसर पर लागू की गई है, जिससे परिवारों पर पड़ने वाला यात्रा-व्यय का आर्थिक बोझ कम हो सके।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
पहले दिन यात्री संख्या के लिहाज से मुरादाबाद क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहाँ 62,586 महिलाओं और 32,203 सहयात्रियों समेत कुल 94,789 यात्रियों ने निशुल्क सफर किया। इसके बाद हरदोई में 82,920, गोरखपुर में 68,152, लखनऊ में 64,590 और बरेली में 58,309 यात्रियों ने इस सुविधा का उपयोग किया। इन पाँच प्रमुख क्षेत्रों में ही कुल लगभग 3.69 लाख यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की।
UPSRTC की तैयारी और निगरानी
UPSRTC प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निगम के अधिकारी और कर्मचारी युद्ध स्तर पर कार्यरत हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। बसों के संचालन और यात्री सुविधाओं पर निगम की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पारदर्शिता के लिए औचक निरीक्षण
निशुल्क यात्रा का लाभ केवल पात्र यात्रियों तक पहुँचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए UPSRTC की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। इससे न केवल व्यवस्था की निगरानी होगी, बल्कि यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया जाएगा।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रियों का कहना है कि त्योहार के मौके पर घर लौटने की ज़रूरत होती है और ऐसे में निशुल्क बस सेवा से परिवारों पर आर्थिक दबाव कम हुआ है। महिलाओं के साथ सहयात्री भी योगी सरकार की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। अतिरिक्त बसों की व्यवस्था से भीड़भाड़ के बावजूद घर पहुँचने में सुविधा मिलने की बात यात्रियों ने कही। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में परिवहन माँग अपने चरम पर होती है।