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'वयो आनंद' योजना: दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगे मनोरंजन केंद्र, ₹2.40 लाख सालाना सहायता

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'वयो आनंद' योजना: दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगे मनोरंजन केंद्र, ₹2.40 लाख सालाना सहायता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'वयो आनंद' योजना का ऐलान किया — 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्र, जिन्हें ₹20,000 प्रतिमाह सरकारी सहायता मिलेगी। योग, चिकित्सा शिविर और सामाजिक गतिविधियों से शहरी बुज़ुर्गों के अकेलेपन से लड़ने की कोशिश।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए 'वयो आनंद' योजना की घोषणा की।
पात्र मनोरंजन केंद्रों को ₹2.40 लाख प्रति वर्ष (₹20,000 प्रतिमाह) की सहायता, दो छमाही किस्तों में।
केंद्र सप्ताह में 5 दिन, न्यूनतम 7 घंटे (सुबह 7 बजे से रात 8 बजे) संचालित होंगे।
सदस्यता के लिए कम से कम 200 वरिष्ठ नागरिक सदस्य अनिवार्य; केंद्र सामुदायिक स्थान पर होना चाहिए।
RWA, CGHS और चौपाल जैसे सामुदायिक केंद्र भी योजना में शामिल हो सकते हैं।
मासिक चिकित्सा शिविर, योग कक्षाएं, इनडोर खेल और वर्ष में 5-6 विशेष कार्यक्रम अनिवार्य।

दिल्ली सरकार राजधानी के 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'वयो आनंद' योजना लागू करने जा रही है, जिसके तहत शहर भर में समर्पित मनोरंजन एवं स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 28 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना का विवरण साझा करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य बुज़ुर्गों को उनके आसपास ही एक सुरक्षित, सक्रिय और सामाजिक जीवन का वातावरण देना है।

योजना में क्या-क्या मिलेगा

इन मनोरंजन केंद्रों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैरम, लूडो जैसे इनडोर खेल, बैठने की व्यवस्था, पंखा, कूलर, टेलीविजन और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्रों में समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें भी रखी जाएंगी। इसके अलावा योग व ध्यान कक्षाएं, स्वास्थ्य एवं फिटनेस सत्र, पेंटिंग, क्राफ्ट, पॉटरी, पोषण परामर्श और आउटडोर टूर जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।

प्रत्येक केंद्र में वर्ष में कम से कम 5-6 विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, वरिष्ठ नागरिक दिवस और अन्य राष्ट्रीय पर्व शामिल हैं। मासिक चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार किट की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से होगी।

केंद्रों के संचालन के मानक

ये मनोरंजन केंद्र सप्ताह में कम से कम पाँच दिन और प्रतिदिन न्यूनतम सात घंटेसुबह 7 बजे से रात 8 बजे के बीच — खुले रहेंगे। केंद्र में पर्याप्त वेंटिलेशन और शौचालय की सुविधा अनिवार्य होगी। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सुगमता के लिहाज़ से केंद्र का भूतल पर होना या भवन में लिफ्ट की व्यवस्था होना प्राथमिकता में रखा गया है। आपात स्थिति में नज़दीकी पुलिस थाने और अस्पतालों से संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा।

वित्तीय सहायता और पात्रता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पात्र मनोरंजन केंद्रों को एक वित्तीय वर्ष में ₹2.40 लाख, यानी ₹20,000 प्रतिमाह, की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि दो बराबर छमाही किस्तों में जारी होगी। योजना में शामिल होने के लिए केंद्र में कम से कम 200 सदस्यों का होना ज़रूरी है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो।

केंद्र दिल्ली में स्थित होने चाहिए और किसी सामुदायिक स्थान पर संचालित होने चाहिए। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) और चौपाल जैसे सामुदायिक स्थानों पर चलने वाले केंद्र भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली के वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य, सक्रिय जीवन तथा सामाजिक जुड़ाव को सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का मूल लक्ष्य बुज़ुर्गों को अकेलेपन से दूर रखकर उन्हें एक सक्रिय और सम्मानजनक जीवन देना है।

यह ऐसे समय में आया है जब शहरी भारत में एकल परिवारों की बढ़ती संख्या के कारण वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक अलगाव की समस्या गहरी होती जा रही है। 'वयो आनंद' योजना इस दिशा में दिल्ली सरकार का एक ठोस प्रयास है, और इसके क्रियान्वयन की गति तय करेगी कि यह पहल वास्तव में ज़मीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 प्रतिमाह की सहायता राशि प्रतीकात्मक रूप से सकारात्मक है, लेकिन दिल्ली जैसे महँगे शहर में एक पूर्ण केंद्र चलाने के लिए यह पर्याप्त है या नहीं, यह सवाल खुला है। 200 सदस्यों की न्यूनतम शर्त घनी बस्तियों में तो व्यावहारिक है, पर शहर के बाहरी या कम घनत्व वाले इलाकों में यह बाधा बन सकती है। गौरतलब है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई योजनाएं पहले भी आई हैं, जिनका क्रियान्वयन धरातल पर असमान रहा है। 'वयो आनंद' की असली कसौटी यह होगी कि सरकार इन केंद्रों की निगरानी और जवाबदेही का ढाँचा कितनी पारदर्शिता से बनाती है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वयो आनंद' योजना क्या है?
'वयो आनंद' दिल्ली सरकार की एक कल्याण योजना है, जिसके तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामुदायिक मनोरंजन एवं स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों को सरकार ₹2.40 लाख प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता देगी।
'वयो आनंद' योजना में कौन-से केंद्र शामिल हो सकते हैं?
दिल्ली में सामुदायिक स्थान पर संचालित वे केंद्र पात्र हैं जिनमें कम से कम 200 वरिष्ठ नागरिक सदस्य हों। RWA, CGHS और चौपाल जैसे स्थानों पर चलने वाले केंद्र भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
केंद्रों को कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी और कैसे?
पात्र केंद्रों को एक वित्तीय वर्ष में ₹2.40 लाख, यानी ₹20,000 प्रतिमाह, की सहायता दी जाएगी। यह राशि दो बराबर छमाही किस्तों में जारी होगी।
इन केंद्रों में वरिष्ठ नागरिकों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
केंद्रों में इनडोर खेल (कैरम, लूडो), टेलीविजन, कंप्यूटर, पुस्तकें, योग व ध्यान कक्षाएं, मासिक चिकित्सा शिविर, पोषण परामर्श, पेंटिंग, क्राफ्ट और आउटडोर टूर जैसी गतिविधियाँ उपलब्ध होंगी। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।
केंद्र कितने समय के लिए खुले रहेंगे?
मनोरंजन केंद्र सप्ताह में कम से कम पाँच दिन और प्रतिदिन न्यूनतम सात घंटे संचालित होंगे। संचालन का समय सुबह 7 बजे से रात 8 बजे के बीच निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
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