दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल लॉन्च: पात्र महिलाओं को हर माह ₹2,500, 17 लाख से अधिक को मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 अगस्त 2026 को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोल दिया है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। दिल्ली सरकार के अनुसार, योजना के पूरी तरह लागू होने पर राजधानी भर में 17 लाख से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, '1 अगस्त से दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सम्मान का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।' उन्होंने लिखा कि यह राशि केवल बैंक खाते में जमा होने वाली रकम नहीं है — यह आत्मविश्वास जगाएगी, निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाएगी और जीवन को अपने ढंग से जीने का साहस देगी। उन्होंने सभी पात्र महिलाओं से दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कराने का आग्रह किया।
पात्रता की शर्तें
21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की वे महिलाएँ इस योजना के लिए पात्र होंगी जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक है। हालाँकि, निम्नलिखित श्रेणियाँ योजना से बाहर रखी गई हैं: आयकर या जीएसटी दाखिल करने वाली महिलाएँ, सरकारी कर्मचारी, और पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएँ।
इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है, जो सालाना 2,400 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं, या जिनके परिवार के सदस्य सरकारी विभागों अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में कार्यरत हैं, वे भी पात्र नहीं होंगे। तीन से अधिक बच्चे होने या आपराधिक रिकॉर्ड होने की स्थिति में भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
भुगतान के दो विकल्प
योजना के तहत लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के दो विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प में, प्रतिमाह ₹1,500 रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा होंगे, जबकि शेष ₹1,000 सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में जाएंगे, जिसका उपयोग अनुमोदित आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा। दूसरे विकल्प में, पूरी ₹2,500 की राशि सीधे RD या FD खाते में जमा कराई जा सकती है।
बजट प्रावधान और सामाजिक लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹5,110 करोड़ का प्रावधान किया है। गौरतलब है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है — इसके साथ कई सामाजिक कल्याण लक्ष्य भी जोड़े गए हैं। इनमें स्कूल में दाखिले को बढ़ावा देना, 'अपार' और 'आभा' आईडी बनवाना, समय पर टीकाकरण, 'पोषण' ट्रैकर पर पंजीकरण, 'एक पेड़ माँ के नाम' तथा स्वच्छ भारत अभियान में भागीदारी, और महिलाओं को स्वयं-सहायता समूहों एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ना शामिल हैं।
आगे क्या होगा
आवेदन प्रक्रिया विशेष रूप से तैयार किए गए दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। यह योजना ऐसे समय में आई है जब महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण देने वाली राज्य सरकारों की योजनाएँ पूरे देश में राजनीतिक और नीतिगत बहस का केंद्र बनी हुई हैं। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से 17 लाख से अधिक महिलाओं के जीवन में सीधा बदलाव आने की उम्मीद है।