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दिल्ली लक्ष्मी योजना: 21-60 वर्ष की महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह, रक्षाबंधन तक लॉन्च का लक्ष्य

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दिल्ली लक्ष्मी योजना: 21-60 वर्ष की महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह, रक्षाबंधन तक लॉन्च का लक्ष्य

सारांश

दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना को नया नाम 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' दिया है — 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह, वार्षिक आय सीमा ₹2.5 लाख, और रक्षाबंधन तक लॉन्च का लक्ष्य। यह उस राष्ट्रीय प्रवृत्ति का हिस्सा है जहाँ राज्य सरकारें महिलाओं को सीधे नकद हस्तांतरण दे रही हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' किया।
21 से 60 वर्ष आयु की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिलेगी।
पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम और 10 वर्षों से दिल्ली में निवास अनिवार्य।
एक परिवार से केवल एक महिला (सबसे बड़ी) पात्र; चार पहिया वाहन धारक परिवार अपात्र।
पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित सहायता योजना की लाभार्थी महिलाएँ इस योजना के लिए अपात्र।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन 2025 तक योजना शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

दिल्ली सरकार ने 13 जुलाई 2025 को अपनी प्रमुख महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया है, जिसके तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को रक्षाबंधन के आसपास — यानी अगस्त 2025 में — शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुँचे तथा किसी भी प्रशासनिक बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पात्रता की शर्तें

दिल्ली सरकार ने योजना के लिए कड़े पात्रता मानक तय किए हैं। लाभार्थी या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक परिवार से केवल एक महिला — आयु के आधार पर सबसे बड़ी — को ही लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, जिन महिलाओं को पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ मिल रहा है, वे इस योजना के लिए अपात्र होंगी। जिस परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उस परिवार की महिला को भी लाभ नहीं मिलेगा। लाभार्थी व उसके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

सरकार का रुख और उद्देश्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण 'विकसित भारत' की आधारशिला बन चुका है और उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार यह योजना लागू कर रही है। उन्होंने कहा, 'जब घर की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी, तब परिवार, समाज और राष्ट्र — तीनों की प्रगति को नई गति मिलेगी।'

गौरतलब है कि यह योजना ऐसे समय में आई है जब कई राज्य सरकारें महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण देने की दिशा में कदम उठा रही हैं — मध्य प्रदेश की 'लाडली बहना' और महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण' योजनाएँ इसके उदाहरण हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना इसी राष्ट्रीय प्रवृत्ति का हिस्सा है।

आम जनता पर असर

दिल्ली सरकार के अनुसार, इस योजना से राजधानी के लाखों परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी, परिवारों की वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी और समाज में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। हालाँकि, लाभार्थियों की सटीक संख्या और योजना के कुल बजटीय प्रावधान का आधिकारिक ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

आगे क्या होगा

योजना के दिशा-निर्देश अंतिम रूप दिए जा रहे हैं और सरकार का लक्ष्य रक्षाबंधन 2025 तक पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू की जाए, ताकि केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुँचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

'आपराधिक रिकॉर्ड नहीं', 'परिवार की सबसे बड़ी महिला' जैसी शर्तें कागज़ पर सुव्यवस्थित लगती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनके सत्यापन की प्रक्रिया अक्सर वास्तविक ज़रूरतमंदों को बाहर कर देती है। बजटीय प्रावधान और लाभार्थियों की अनुमानित संख्या सार्वजनिक न करना पारदर्शिता के उस दावे से मेल नहीं खाता जो मुख्यमंत्री ने बैठक में किया।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली लक्ष्मी योजना क्या है?
दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली सरकार की वह योजना है जिसके तहत 21 से 60 वर्ष आयु की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पहले 'महिला समृद्धि योजना' के नाम से जानी जाती थी, जिसका नाम 13 जुलाई 2025 को बदला गया।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कौन पात्र है?
21 से 60 वर्ष आयु की वे महिलाएँ पात्र हैं जिनका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी हो, वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम हो, परिवार के पास चार पहिया वाहन न हो, और परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो। एक परिवार से केवल एक — सबसे बड़ी — महिला पात्र होगी।
दिल्ली लक्ष्मी योजना कब शुरू होगी?
दिल्ली सरकार ने रक्षाबंधन 2025 — यानी अगस्त 2025 — के आसपास योजना शुरू करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को इस समयसीमा के भीतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
किन महिलाओं को दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
जो महिलाएँ पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे अपात्र हैं। इसके अलावा जिस परिवार के पास चार पहिया वाहन है या जिसकी वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक है, उस परिवार की महिला को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना से कितनी महिलाओं को फायदा होगा?
दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राजधानी के लाखों परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। हालाँकि, अब तक लाभार्थियों की सटीक संख्या और योजना के कुल बजट का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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