दिल्ली सरकार ने महिला स्टार्टअप्स को दिया ₹10 करोड़ तक का बिना गिरवी ऋण, गारंटी सरकार की: CM रेखा गुप्ता

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दिल्ली सरकार ने महिला स्टार्टअप्स को दिया ₹10 करोड़ तक का बिना गिरवी ऋण, गारंटी सरकार की: CM रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रोहिणी के SHG मेला-2026 में महिला उद्यमियों के लिए ₹10 करोड़ तक के बिना गिरवी ऋण की घोषणा की — गारंटी सरकार की। साथ ही मॉल्स में स्वदेशी उत्पादों को नियमित मंच देने का वादा, और 24 स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 मई 2026 को महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स के लिए ₹10 करोड़ तक के कोलैटरल-फ्री ऋण की घोषणा की।
इस ऋण की गारंटी दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे महिलाओं की बैंकिंग पहुँच आसान होगी।
मेले में लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया; हस्तशिल्प, खादी और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी हुई।
दिल्ली सरकार मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्वदेशी उत्पादों के लिए नियमित मंच उपलब्ध कराएगी।
'मंडे मेट्रो' और 'नो व्हीकल डे' जैसे अभियानों को स्वदेशी अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 मई 2026 को घोषणा की कि दिल्ली सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स को ₹10 करोड़ तक का कोलैटरल-फ्री ऋण — यानी बिना किसी संपत्ति गिरवी रखे — उपलब्ध कराएगी, और इस ऋण की गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार वहन करेगी। यह घोषणा उत्तर पश्चिम दिल्ली के रोहिणी वेस्ट स्थित यूनिटी वन मॉल में आयोजित दो दिवसीय 'मेगा स्वयं सहायता समूह (SHG) मेला-2026' के उद्घाटन समारोह में की गई।

मेले का आयोजन और मुख्य उपस्थिति

इस मेगा मेले का आयोजन उत्तर पश्चिम जिला प्रशासन द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया। समारोह में सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक कुलवंत राणा, उत्तर पश्चिम जिला डीएम सौम्या सौरभ, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं। मेले में हस्तशिल्प, क्रोशिया कार्य, खादी, घरेलू उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई।

ऋण योजना की मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस योजना के तहत महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह बैंकों के माध्यम से ₹10 करोड़ तक का ऋण बिना किसी संपत्ति गिरवी रखे प्राप्त कर सकेंगी। ऋण की गारंटी दिल्ली सरकार स्वयं देगी, जिससे बैंकिंग प्रणाली तक महिलाओं की पहुँच सुगम होगी। मेले में विभिन्न बैंकों को विशेष रूप से शामिल किया गया, ताकि स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय पहुँच और बैंकिंग जुड़ाव को मजबूत किया जा सके।

स्वदेशी उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार अब मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्वदेशी उत्पादों के लिए नियमित रूप से उचित मंच उपलब्ध कराएगी, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाज़ार मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्तर पश्चिम जिले के 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' के तहत हस्तशिल्प को इस मेले में विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। उनके अनुसार, भारतीय हस्तशिल्प, खादी और हस्तनिर्मित उत्पाद गुणवत्ता में किसी विदेशी ब्रांड से कम नहीं हैं — ज़रूरत केवल बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में दिल्ली सरकार के अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार 'मंडे मेट्रो' और 'नो व्हीकल डे' जैसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है, ताकि ईंधन की बचत हो और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों का अधिक उपयोग करें। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव भी देश की अर्थव्यवस्था को सीधे लाभ पहुँचा सकते हैं।

आगे की राह

दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी की प्रत्येक महिला किसी न किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़े, अपना उत्पाद तैयार करे और उसे बाज़ार तक पहुँचाए। इस दिशा में बैंकों की भागीदारी और सरकार-गारंटीड ऋण योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसे मेलों और बाज़ार-जुड़ाव कार्यक्रमों को और विस्तार दिए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी महिलाएं इस योजना का लाभ उठा पाएंगी और ऋण वितरण की प्रक्रिया कितनी सुलभ होगी। दिल्ली में स्वयं सहायता समूहों की संख्या हज़ारों में है, जबकि मेले में केवल 24 समूह शामिल हुए — यह अंतर नीति की पहुँच पर सवाल उठाता है। मॉल्स में स्वदेशी उत्पादों को मंच देने की घोषणा स्वागतयोग्य है, पर बिना निश्चित समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के यह भी एक और नीतिगत वादे तक सिमट सकती है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार की महिला स्टार्टअप ऋण योजना क्या है?
दिल्ली सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स को ₹10 करोड़ तक का कोलैटरल-फ्री ऋण देने की घोषणा की है, जिसकी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार वहन करेगी। इसका मतलब है कि महिला उद्यमियों को ऋण के लिए कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होगी।
यह ऋण योजना किसके लिए है और कैसे मिलेगा?
यह योजना दिल्ली की महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए है। ऋण बैंकों के माध्यम से वितरित किया जाएगा और सरकार गारंटर की भूमिका निभाएगी, जिससे बैंकिंग पहुँच आसान होगी।
मेगा SHG मेला-2026 कहाँ और किसने आयोजित किया?
यह दो दिवसीय मेला उत्तर पश्चिम दिल्ली के रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास स्थित यूनिटी वन मॉल में आयोजित हुआ। इसका आयोजन उत्तर पश्चिम जिला प्रशासन द्वारा किया गया और इसमें लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया।
दिल्ली सरकार स्वदेशी उत्पादों को बाज़ार से कैसे जोड़ेगी?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्वदेशी उत्पादों के लिए नियमित मंच उपलब्ध कराएगी। उत्तर पश्चिम जिले में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' के तहत हस्तशिल्प को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
'मंडे मेट्रो' और 'नो व्हीकल डे' अभियान क्या हैं?
ये दिल्ली सरकार के अभियान हैं जो नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने और निजी वाहनों का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य ईंधन बचत और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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