दिल्ली सरकार के मंत्री एक साल विदेश नहीं जाएंगे, CM रेखा गुप्ता ने किए 10 बड़े ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 14 मई 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी अगले एक वर्ष तक सरकारी विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण संबंधी राष्ट्रीय अपील के अनुपालन में लिया गया है। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में 'मेरा भारत, मेरा योगदान' नामक जन अभियान भी शुरू किया है, जो 15 मई 2025 से प्रभावी होगा।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्राओं के लिए आगे के लिए तय सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अगले तीन महीने तक दिल्ली सरकार की ओर से कोई बड़ा सरकारी आयोजन नहीं किया जाएगा। दिल्ली सरकार सरकारी खरीद में मेड इन इंडिया उत्पादों को प्राथमिकता देगी और इसे बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
ईंधन और वाहन बचत के उपाय
पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए सरकार ने दो स्तरों पर कदम उठाए हैं। सरकारी स्तर पर, दिल्ली सरकार के दफ्तरों में हर सप्ताह दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। निजी क्षेत्र की कंपनियों और संस्थानों से भी इसी तरह सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अपील की गई है, और इसकी निगरानी श्रम विभाग करेगा।
दिल्ली सरकार अगले छह महीने तक कोई भी नया वाहन — चाहे वह पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड हो — नहीं खरीदेगी। सरकारी वाहनों की संख्या कम की जाएगी और जहाँ संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जाएगा। जिन कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है, उनके भत्ते में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी — बशर्ते वे उस राशि का कम से कम 25 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन पर खर्च करें।
सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल बैठकें
सरकारी कॉलोनियों के निवासियों को मेट्रो स्टेशनों तक पहुँचाने के लिए 58 बसें तैनात की गई हैं। व्यापारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपना माल ट्रकों की जगह मालगाड़ियों के ज़रिये मँगवाएं। सरकार की कोशिश होगी कि कम से कम 50 प्रतिशत बैठकें ऑनलाइन आयोजित हों। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कक्षाएँ व बैठकें डिजिटल माध्यम से कराने की अपील की गई है। दिल्ली सरकार ने न्यायालयों से भी ऑनलाइन सुनवाई अपनाने का अनुरोध किया है।
बिजली बचत और ईवी नीति
बिजली बचत अभियान के तहत सभी सरकारी विभागों में लगे वातानुकूलन (एसी) उपकरणों का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाएगा। प्रकाश व्यवस्था को भी ऊर्जा-कुशल मानकों पर संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की ईवी नीति पूरी तरह तैयार है और इसे शीघ्र ही जनता के लिए जारी किया जाएगा।
आगे की राह
यह अभियान 15 मई 2025 से औपचारिक रूप से शुरू होगा और इसका उद्देश्य आम नागरिकों को भी ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना है। दिल्ली के लिए विशेष पर्यटन योजना भी बनाई जाएगी, ताकि देश के अन्य राज्यों के लोग राजधानी भ्रमण के लिए प्रोत्साहित हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले।