दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल 1 अगस्त को लॉन्च, पात्र महिलाओं को मिलेंगे ₹2,500 प्रति माह
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 1 अगस्त 2026 को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ करेंगी, जिसके तहत राजधानी की पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे गीता कॉलोनी स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय (पूर्व) में आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री स्वयं कुछ पात्र महिलाओं का पंजीकरण करेंगी।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएँ इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी या उनके परिवार को कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
एक परिवार से केवल सबसे बड़ी पात्र महिला ही इस योजना का लाभ उठा सकेगी। जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है या जो महिलाएँ पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित वित्तीय सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। लाभार्थी या उनके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं होना चाहिए।
पंजीकरण और पहली किस्त की प्रक्रिया
पोर्टल लॉन्च के बाद सभी पात्र महिलाएँ ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य सभी पात्र आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन करना और रक्षा बंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी करना है। यह समयसीमा योजना की तात्कालिकता और सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का मूल उद्देश्य राजधानी की महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन का आधार देना है। उन्होंने कहा कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होती है, तो उससे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी तेजी आती है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला-केंद्रित नकद हस्तांतरण योजनाएँ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं — मध्य प्रदेश की 'लाडली बहना' और महाराष्ट्र की 'माझी लाडकी बहीण' जैसी योजनाएँ इसके उदाहरण हैं। गौरतलब है कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने पहले ही इस पोर्टल को मंजूरी दे दी थी।
आगे क्या होगा
पोर्टल लॉन्च के बाद आवेदन प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि रक्षा बंधन से पहले सत्यापन पूरा कर पहली किस्त लाभार्थियों के खातों में पहुँचाई जाए। यह योजना दिल्ली की लाखों महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा का एक नया द्वार खोल सकती है।