दिल्ली लक्ष्मी योजना: लॉन्च के बाद 1.54 लाख महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, 10,723 आवेदन जमा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार की नई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को राजधानी की महिलाओं से जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। सोमवार, 3 अगस्त 2026 को सुबह 7:48 बजे IST तक 1.54 लाख महिलाएँ आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करा चुकी थीं, जबकि 10,723 ने अपने अंतिम आवेदन भी जमा कर दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था।
योजना का शुभारंभ और पोर्टल लॉन्च
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली लक्ष्मी योजना का आधिकारिक उद्घाटन करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल भी लाइव किया। पोर्टल के सक्रिय होने के मात्र 12 घंटों के भीतर ही 33,730 से अधिक पंजीकरण दर्ज हुए और उसी अवधि में 1,940 अंतिम आवेदन जमा किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिक्रिया अपेक्षा से कहीं अधिक रही।
गौरतलब है कि दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना को शुरू में 'महिला समृद्धि योजना' के नाम से मंजूरी दी थी। बाद में महिलाओं के सम्मान, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक विज़न को प्रतिबिंबित करने के लिए इसका नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया गया।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। लाभार्थियों को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार दो वित्तीय विकल्पों में से एक चुनने की सुविधा होगी।
पहले विकल्प के अंतर्गत, रोज़मर्रा के खर्चों के लिए ₹1,000 प्रतिमाह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में जमा किए जाएँगे, जबकि शेष ₹1,500 आरडी/एफडी खाते में डाले जाएँगे। दूसरे विकल्प में पूरे ₹2,500 आरडी/एफडी खाते में जमा होंगे, जिससे लाभार्थी समय के साथ ब्याज सहित पर्याप्त बचत संचित कर सकेंगी।
CBDC वॉलेट पर प्रतिबंध और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि CBDC वॉलेट के लिए एक डिजिटल 'नेगेटिव लिस्ट' लागू की जाएगी। इसके तहत वॉलेट की राशि को शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थों, लॉटरी टिकट, जुए, सट्टेबाजी या सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित किसी भी वस्तु अथवा सेवा पर खर्च नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता का उपयोग परिवारों की वास्तविक भलाई के लिए हो।
तकनीकी ढाँचा और डिजिटल एकीकरण
योजना पूरी तरह प्रौद्योगिकी-आधारित और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर संचालित होगी। नवलॉन्च पोर्टल आवेदन, दस्तावेज़ सत्यापन, पात्रता जाँच, स्वीकृति, PFMS एकीकरण, बैंकिंग सेवाएँ, CBDC ट्रांसफ़र और एसएमएस अधिसूचनाओं को एक ही मंच पर समेटेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना शुरुआत में तीन वर्षों के लिए लागू की जाएगी और इससे लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
लॉन्च कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का जो वादा किया था, वह इस योजना के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें महिला-केंद्रित नकद हस्तांतरण योजनाएँ चला रही हैं, लेकिन दिल्ली लक्ष्मी योजना को CBDC और दीर्घकालिक बचत घटक के कारण एक अलग मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। योजना का क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक वास्तविक धनराशि पहुँचने की समयसीमा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगी।